मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा की स्थिति में लोगों को कठिनाइयों से बचाने के लिए अधिकारियों को मॉनसून के आगमन से पूर्व सभी तैयारियां ससमय पूरा करने का निर्देश दिया। नीतीश ने बुधवार को यहां एक‚ अणे मार्ग स्थित ‘लोक संवाद’ में संभावित बाढ़‚ सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि मॉनसून के आगमन के पूर्व सभी तैयारियां ससमय पूरी कर लें। अभी से इसको लेकर एक–एक चीज पर नजर रखें। आपदा प्रबंधन विभाग सतत इसका अनुश्रवण करते रहे कि और क्या–क्या करने की जरूरत है ताकि लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो। ॥ मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है‚ वहां तेजी से इस पर कार्य करें। पिछले वर्ष सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया गया था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी बाढ़ की स्थिति में सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया जाये। नीतीश ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मॉनसून के पहले पूर्ण करें। नदियों के गाद की उड़ाही एवं शिल्ट हटाने को लेकर तेजी से कार्य करें। इससे बाढ़ का खतरा भी कम रहेगा और नदियों की जल संग्रहण क्षमता भी बढ़ेगी‚ जिससे सिंचाई कार्य में और सुविधा होगी। जल–जीवन–हरियाली अभियान के तहत सात अवयवों में जल संरक्षण को लेकर कार्य किए जा रहे हैं‚ इसकी भी सतत निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण कार्य को और बढ़ाया जाये। नगर विकास एवं आवास विभाग नगर निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जल्द से जल्द प्रशिक्षण करा दें ताकि उन्हें सभी दायित्वों की जानकारी हो और बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष गर्मी ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुये सभी प्रकार की तैयारी रखें और लोगों को सचेत करें। नीतीश ने कहा कि हर चीज पर नजर रखनी है और पूरी तरह से सतर्क रहना है। मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी। सभी संबद्ध विभाग जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर वस्तुस्थिति की जानकारी ले और उसके आधार पर कार्य करे। उन्होंने कहा कि भू–जलस्तर पर नजर रखें और पेयजल का इंतजाम रखें। हर घर नल का जल से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है‚ इसे पूरी तरह मेंटेन रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी अपने–अपने जिलों की स्थिति का आकलन करें‚ क्षेत्रों में जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लें‚ उसके अनुसार सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण रखें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में प्रभावितों को हरसंभव मदद करती है‚ इसे ध्यान में रखते हुये सभी संबद्ध विभाग और अधिकारी सतर्क रहें। पंद्रह दिनों के बाद संबद्ध अधिकारियों के साथ पुनः इसकी समीक्षा की जायेगी। बैठक में मुख्यमंत्री को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक ने इस वर्ष मॉनसून सत्र के दौरान वर्षापात के पूर्वानुमान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल–मई में देश के अधिकांश हिस्सों‚ जिसमें बिहार भी शामिल है‚ जहां अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर या औसत से अधिक रहने की संभावना है। इस अवधि में लू चलने की संभावना बताई गई है। मॉनसून ऋतु में ९६ प्रतिशत औसत वर्षा होने तथा बिहार में ९५२ मिलीमीटर वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
नीतीश को आपदा प्रबंधन सह जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संभावित बाढ़‚ सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों से संबंधित मुख्य बातों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सभी जिलों एवं संबद्ध विभागों को विस्तृत दिशा–निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने नाव संचालन‚ पॉलिथिन शीट‚ राहत सामग्री की उपलब्धता‚ दवा‚ पशुचारा‚ बाढ़ आश्रय स्थल‚ सामुदायिक रसोई‚ ड्राई राशन पैकेट‚ फूड पैकेट‚ जिला आपातकालीन संचालन केंद्र आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी। अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ के दौरान बाढ़ राहत शिविरों में बाढ़ पीडि़तों को सभी प्रकार की सुविधायें उपलब्ध करायी जाती है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया जाता है और लोगों को गुणवतापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मुख्यमंत्री को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस‚ कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी. राजेन्दर‚ नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरूनीष चावला‚ पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह‚ लघु जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव रवि मनु भाई परमार‚ जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल‚ बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष उदयकांत मिश्रा ने अपने–अपने विभागों द्वारा संभावित बाढ़‚ सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की स्थिति से निपटने को लेकर की गई तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव‚ आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज‚ वित्त‚ वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौधरी‚ जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा‚ लोक स्वास्थ्य अभियंाण मंत्री ललित कुमार यादव‚ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह‚ ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार‚ लघु जल संसाधन मंत्री जयंत राज‚ पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मो. आफाक आलम‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय‚ मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी मनीष कुमार वर्मा‚ मुख्य सचिव आमिर सुबहानी‚ पुलिस महानिदेशक आरएस भ_ी‚ विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार‚ संबद्ध विभाग के अपर मुख्य सचिव‚ प्रधान सचिव‚ सचिव‚ मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्त‚ सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक‚ पुलिस उपमहानिरीक्षक‚ सभी जिलों के जिलाधिकारी‚ वरीय पुलिस अधीक्षक‚ पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे।







