बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों के आज फाइनल नतीजे आ जाएंगे। 31 मार्च को इन सीटों पर वोटिंग हुई थी। जिसमें सत्ताधारी महागठबंधन और विपक्षी पार्टी बीजेपी के बीच मुकाबला है। 5 अप्रैल यानी आज इन सीटों पर चुनाव के बाद काउंटिंग होगी और फिर नतीजे सामने आएंगे।
बिहार की दोनों प्रमुख एलाएंस एनडीए और महागठबंधन के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। बीते 31 मार्च को हुए विधान परिषद की पांच सीटों के लिए हुए वोटिंग की गिनती आज कुछ समय बाद शुरू हो जाएगी। जिसको लेकर दोनों गठबंधन की तरफ से अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं। वहीं चुनाव में कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं, जो अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
बता दें विधान परिषद की जिन पांच सीटों के लिए आज वोटों की गिनती की जानी है। उनमें तीन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और 2 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए आने हैं। इस चुनाव में 48 उम्मीदवार हैं। हालांकि सीधी टक्कर महागठबंधन और भाजपा के बीच में है।
इनके बीच है कड़ा मुकाबला
सारण स्नातक क्षेत्र से भाजपा के महाचंद्र सिंह और जदयू के वीरेंद्र यादव आमने-सामने हैं। सारण शिक्षक विधान परिषद उपचुनाव में भाजपा के डॉ धर्मेंद्र सिंह का सामना सीपीआई के स्व. केदार पांडे के पुत्र पुष्कर आनंद से है। वहीं गया स्नातक क्षेत्र से भाजपा के अवधेश नारायण सिंह के खिलाफ राजद से जगदानंद सिंह के बेटे पुनीत कुमार सिंह हैं। गया शिक्षक क्षेत्र से जदयू के पुराने उम्मीदवार संजीव श्याम सिंह का मुकाबला भाजपा के जीवन कुमार से है।
गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
यहां विधान परिषद के पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह का मुकाबला राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे पुनीत कुमार सिंह से है। अवधेश नारायण सिंह भाजपा से कई बार MLC रह चुके हैं, वहीं पुनीत पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के दिग्गज नेता अवधेश नारायण सिंह का पलड़ा भारी दिख रहा है।
बात अगर यहां शिक्षक निर्वाचन सीट की करें तो यहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां भाजपा के जीवन कुमार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी का भी उनको भरपूर साथ मिला है। उन्होंने जदयू के संजीव श्याम सिंह को कड़ी टक्कर दी है। कहा जा सकता है कि मुकाबला बराबरी का है।
कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
जदयू प्रत्याशी संजीव कुमार सिंह खुद चार बार से एमएलसी हैं। इससे पहले उनके पिता शारदा प्रसाद सिंह एमएलसी थे। भाजपा के रंजन कुमार पहली बार उनको टक्कर दे रहे हैं। यहां जदयू और भाजपा ने अपना दमखम लगाया है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामों के कारण इस क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी की मजबूत स्थिति दिख रही है।
सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
पहले कांग्रेस, फिर जदयू और अब भाजपा में शामिल वरिष्ठ नेता महाचंद्र प्रसाद सिंह इस क्षेत्र से 6 बार MLC रह चुके हैं। पिछली बार उन्हें जदयू के वीरेंद्र यादव ने चुनाव हराया था। इस बार भी मुकाबला दोनों के बीच ही है। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार महाचंद्र प्रसाद की स्थिति को मजबूत नजर आ रही है। भाजपा ने इस क्षेत्र में काफी मेहनत की है।
सारण शिक्षक निर्वाचन उपचुनाव
सीपीआई के शिक्षक नेता केदारनाथ पांडेय यहां से 6 बार से एमएलसी रहे थे। उनके निधन के बाद पार्टी ने उनके बेटे पुष्कर आनंद को अपना उम्मीदवार बनाया है। माना जाता है कि इलाके में केदारनाथ पांडेय का काफी प्रभाव है। वो विधान परिषद में शिक्षकों के मसलों को मजबूती से उठाते थे। भाजपा ने पुष्कर आनंद के विरोध में डॉ धर्मेंद्र को उतारा है। डॉ धर्मेंद्र का यह पहला चुनाव है। हालांकि पुष्कर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।







