बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सोमवार को सदन में अलग ही रूप देखने को मिला। हिंदी के लिए उनका प्रेम और उनकी भावनाएं उमड़ती हुई नजर आईं। हिंदी के लिए प्रेम देखकर हर कोई मुख्यमंत्री का चेहरा देखता रह गया। दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब विधान परिषद में घुसे तो उनकी निगाह परिषद में लगे डिस्पले स्क्रीन पर पड़ी। फिर क्या था, सीएम नीतीश को अचानक गुस्सा आ गया। उन्होंने सभापति से कहा- ‘डिस्प्ले बोर्ड पर ई का क्या लिखे हुए हैं… ऑनरेबुल लिख दिए हैं… इसका क्या मतलब है साहब…? ई स्पीकिंग टाइम लिखा हुआ है…. ई सब का क्या अर्थ है? बिहार में इस तरह से क्यों लिखते हैं… काहे के लिए चलवाए हैं इ सब, फालतू चीज है… इसको ठीक कराइए… सब हिन्दी में रहना चाहिए।’ उन्होंने डिस्प्ले की ओर इशारा करते हुए कहा- ‘देखिए न, फिर अंग्रेजी में ही लिखे हुए हैं… एकदम हिन्दी को खत्मे कर दीजिएगा क्या… बताइए, इ सब ठीक कराइए।’
हिंदी को खत्म कर दीजिएगा क्या?, बोले नीतीश
नाराज मुख्यमंत्री ने यहां तक कह दिया कि क्या आप लोग हिंदी को खत्म ही कर दीजिएगा क्या? उन्होंने सभापति देवेश चंद्र ठाकुर की ओर देखते हुए पूछा- ‘एकदम हिन्दी को खत्म कर दीजियेगा क्या?’ वैसे ऐसा नहीं है कि मुख्यमंत्री का हिंदी को लेकर यह प्रेम पहली बार दिखा हो। इससे पहले भी सीएम नीतीश कुमार किसानों के सम्मेलन के दौरान भी एक MBA डिग्री धारी किसान पर भड़क गए थे। मुख्यमंत्री नीतीश ने किसान को अंग्रेजी बोलने पर हिंदी का पाठ पढ़ाया था।
नहीं सूझा क्या करें क्या न करें, सभापति भी रह गए दंग
मुख्यमंत्री की नाराजगी देख कर आसन पर बैठे सभापति देवेश चंद्र ठाकुर भी थोड़ी देर के लिए सन्न रह गए। थोड़ी देर के लिए उन्हें कोई जवाब नहीं सूझा। इस बीच उन्होंने बार-बार ये कह कर खुद को भी नॉर्मल किया कि ‘ठीक कर लिया जाएगा।’ इसके बाद उन्होंने कहा कि सब ठीक कर लिए जाएगा। हिन्दी में भी अपलोड हो जाएगा। इस दौरान सभापति ने पांच बार कहा कि ये ठीक हो जाएगा।
उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर देखते हुए कहा कि न तो इनको प्रधानमंत्री बनना है और न ही हमें मुख्यमंत्री। हम जहां हैं‚ वहां खुश हैं। हम इनके नेतृत्व में काम करके खुश हैं। हमसे ज्यादा भाग्यशाली कौन है। हमारे माता–पिता दोनों मुख्यमंत्री रह चुके हैं। हम पहले भी उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसलिए साफ कर देना चाहता हूं कि हमको मुख्यमंत्री नहीं बनना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझे फिर से मौका दिया‚ इसके लिए मैं इनका शुक्रगुजार हूं और उनको भरोसा दिलाता हूं कि उनके विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। तेजस्वी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष हमारे बीच दूरी की कल्पना कर सकता है। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले नेताओं को भ्रष्टाचार के नाम पर भाजपा निशाना बना रही है। इस पार्टी के नेताओं के पास कोई काम नहीं है। इनका बस एक ही काम है हमें गाली देना और चरित्र हनन करना। ईडी और सीबीआई की कार्रवाई को लेकर तेजस्वी से माफी मांगने की भाजपा नेताओं की मांग पर किये गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जब हम महागठबंधन की सरकार बना रहे थे‚ तब हमको और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पता था कि तोते पिंजरे से बाहर आयेंगे।







