जमीन के बदले नौकरी घोटाला में तेजस्वी यादव को आज यानी शनिवार को सीबीआई ने अपने दिल्ली दफ्तर में तलब किया है. इस मामले में लालू यादव और उनका पूरा परिवार सीबीआई की जांच की जद में है. इससे पहले 4 फरवरी को भी तेजस्वी यादव को सीबीआई ने जांच के लिए बुलाया था, लेकिन वह विधानसभा सत्र चलने का हवाला देकर दिल्ली नहीं पहुंचे थे. इस बार तेजस्वी यादव ने सीबीआई को पत्र लिखकर पत्नी की तबीयत का हवाला देते हुए समन टालने की मांग की है.
सूत्रों ने बताया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे के बाद शुक्रवार को तेजस्वी यादव की पत्नी को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. वह गर्भवती हैं और बारह घंटे की पूछताछ के बाद बीपी की समस्या के कारण बेहोश हो गई थीं.
मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने अब नौकरी के बदले जमीन मामले में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को समन भेजा है। बताया जाता है कि फिर भी जांच एजेंसी द्वारा भेजे गए इस समन में तेजस्वी यादव से जमीन के बदले नौकरी मामले में पूछताछ की बात कही गई है। आपको बता दें कि इसी मामले में 15 मार्च को लालू प्रसाद यादव रावड़ी देवी उनकी दो बेटियों समेत 16 आरोपियों को अदालत में पेश होना है। आपको यह भी बता दें कि जमीन के बदले नौकरी मामले में सीबीआई की टीम राबड़ी देवी और लालू यादव से पूछताछ कर चुकी है।
जमीन के बदले नौकरी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को पूछताछ के लिए समन (CBI has summoned Tejaswi Yadav) भेजा है. दरअसल सीबीआई की टीम तेजस्वी यादव से जमीन के बदले नौकरी मामले में पूछताछ करना चाहती है. लिहाजा इसी मसले पर आगे की पूछताछ के लिए (Questioning in Land For Job Scam) बुलाया गया है.
सीबीआई मुख्यालय में कार्यरत सूत्र के मुताबिक शनिवार 11 मार्च को तेजस्वी यादव पूछताछ की प्रक्रिया में हिस्सा लेने दोपहर दो बजे तक आ सकते हैं. हालांकि दूसरी तरफ देखा जाए तो तेजस्वी यादव के दिल्ली स्थित न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी आवास में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Directorate of Enforcement,ED) द्वारा कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है. तेजस्वी यादव के दिल्ली आवास पर पिछले 24 घंटे से ज्यादा सर्च ऑपरेशन की प्रक्रिया चल रही है.
बता दें, इससे पहले शुक्रवार को (ED) ने नौकरी के बदले जमीन ‘घोटाला’ मामले में धनशोधन संबंधी जांच के सिलसिले में शुक्रवार को बिहार के कई शहरों एवं कई अन्य जगहों पर छापेमारी की. छापेमारी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की तीन पुत्रियों और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं के परिसर में भी की गई. एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि छापों के दौरान 53 लाख रुपये नगद, 1900 अमेरिकी डॉलर, करीब 540 ग्राम स्वर्ण और सोने के 1.5 किलोग्राम जेवरात को जब्त किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण दिल्ली के एक घर में तलाशी ली गई जहां लालू प्रसाद के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मौजूद थे.
CBI और ED की कार्रवाई पर ललन सिंह और RJD प्रमुख के एक सुर
जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने के मामले में सीबीआई और ईडी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इस छापेमारी में लालू प्रसाद यादव के परिवार समेत नौकरी लेने वाले और मामले में जो भी आरोपित हैं उन पर लगातार ईडी और सीबीआई की दबिश जारी है। केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही इस छापेमारी पर अब राजनीति भी शुरू हो चुकी है। जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इसे केंद्र सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा विरोधियों को परेशान करना बताया है। वहीं लालू प्रसाद यादव ने भी ट्वीट कर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
ट्वीट में लालू प्रसाद यादव ने क्या लिखा
ED की कार्रवाई के बाद लालू यादव ने लिखा कि हमने आपातकाल का काला दौर भी देखा है। हमने वह लड़ाई भी लड़ी थी। आधारहीन प्रतिशोधात्मक मामलों में आज मेरी बेटियों, नन्हें-मुन्ने नातियों और गर्भवती पुत्रवधु को भाजपाई ED ने 15 घंटों से बैठा रखा है। क्या इतने निम्नस्तर पर उतर कर बीजेपी हमसे राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगी?
संघ और भाजपा के विरुद्ध मेरी वैचारिक लड़ाई रही है और रहेगी। इनके समक्ष मैंने कभी भी घुटने नहीं टेके हैं और मेरे परिवार एवं पार्टी का कोई भी व्यक्ति आपकी राजनीति के समक्ष नतमस्तक नहीं होगा।







