ADVERTISEMENT
Thursday, August 6, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

लालू परिवार पर ईडी की छापेमारी और बिहार की सियासत

UB India News by UB India News
March 12, 2023
in कानून, राजद
0
लालू परिवार पर ईडी की छापेमारी और बिहार की सियासत
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

नौकरी के बदले जमीन केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू यादब के करीबियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर रेड में 53 लाख रुपए, 1,900 अमेरिकी डॉलर, 540 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए हैं। इस बीच, बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव को CBI ने पूछताछ के लिए समन भेजा है।

ED ने शुक्रवार को लालू यादव के करीबियों के दिल्ली, मुंबई, नोएडा और पटना में 15 जगहों पर छापेमारी की थी। इनमें दिल्ली के तेजस्वी यादव के घर, लालू की तीन बेटियों हेमा, रागिनी और चंदा का घर भी शामिल था। इनके अलावा, लालू के समधी जितेंद्र यादव के गाजियाबाद स्थित आवास पर भी छापा डाला गया था।

RELATED POSTS

कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी…………..

होश में रहो, नहीं तो सारा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा………….

हमने आपातकाल का काला दौर भी देखा है। हमने वह लड़ाई भी लड़ी थी। आधारहीन प्रतिशोधात्मक मामलों में आज मेरी बेटियों, नन्हें-मुन्ने नातियों और गर्भवती पुत्रवधु को भाजपाई ED ने 15 घंटों से बैठा रखा है। क्या इतने निम्नस्तर पर उतर कर बीजेपी हमसे राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगी? राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का ये बयान भावुक कर देने वाला है। लालू ने जब ये ट्वीट किया होगा तो उनके अंदर क्या चल रहा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। लालू के ट्वीट में उनके आहत होने की बात दिख रही है। सियासी जानकार मानते हैं कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा लालू का परिवार जब तक सत्ता में नहीं था, सबकुछ ठीक चल रहा था। बिहार में नीतीश कुमार ने लालू से हाथ क्या मिलाया। केंद्रीय एजेंसियां लालू के खिलाफ एक बार फिर एक्टिव हो गई हैं। हालांकि, बीजेपी नेता इसे सामान्य प्रक्रिया करार दे रहे हैं। वहीं, एजेंसियों की इस कार्रवाई के पीछे की मंशा को राजद ने भांप लिया है। राजद के अंदर अब एक ही सवाल चल रहा है कि ‘लगा भ्रष्टाचार का दाग हटाए कैसे’। जानकारों की मानें, तो लालू के अलावा तेजस्वी को भी साफ लग रहा है कि इस झमेले से कैसे निजात मिले। एजेंसियों की कार्रवाई से लालू का पूरा कुनबा डिस्टर्ब है।

राजद नेताओं में आक्रोश
राजद नेताओं का साफ कहना है कि ईडी और सीबीआई का मकसद जांच करना नहीं है। ये लोग बिहार में सरकार बदलना चाहते हैं। राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता मनोज झा ने इस छापेमारी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पहले मनोज झा की वो बातें जान लीजिए जिसमें उन्होंने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये छापेमारी के जरिए किसी और कहानी का प्लाट तैयार किया गया है। राजद नेताओं के खिलाफ छापे बिहार में पिछले साल अगस्त में सरकार बदलने की प्रतिक्रिया हैं। झा ने सवाल किया कि सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों की छवि धूमिल हुई है। यह उनकी छापेमारी नहीं है। वे किसी और की पटकथा पर छापे मार रहे हैं। उन्होंने लालू जी की बेटियों, हमारे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के आवास पर छापे मारे। उन्हें क्या मिला? उन्होंने कहा कि एक मामला जो बंद कर दिया गया था, उसे फिर से खोला गया है। यह अगस्त 2022 में जो कुछ हुआ, उसकी प्रतिक्रिया है। झा ने कहा कि राजद प्रमुख एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हम झुकने वाले नहीं हैं। इन सबके बावजूद लालू जी डटे हुए हैं। आपको (सरकार को) इसे रोकना चाहिए, आपने किसी विपक्षी दल या नेता को नहीं छोड़ा है। कल आप विपक्ष में हो सकते हैं और आपके साथ भी ऐसा ही हो सकता है। क्या वह उचित होगा?

लालू परिवार परेशान

आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘नौकरी के बदले जमीन घोटाला’ मामले में धनशोधन की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को बिहार के शहरों एवं कई अन्य जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की तीन पुत्रियों और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं के परिसरों में की गई। अधिकारियों ने कहा कि छापे पटना, फुलवारीशरीफ, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), रांची और मुंबई में लालू प्रसाद की बेटियों रागिनी यादव, चंदा यादव और हेमा यादव और राजद के पूर्व विधायक अबू दोजाना से जुड़े परिसरों में मारे जा रहे हैं। अधिकारियों ने ये भी कहा कि यह मामला यादव परिवार और उसके सहयोगियों को उपहार में दी गई या सस्ती दरों पर बेची गई जमीन के बदले रेलवे में लोगों को कथित तौर पर रोजगार देने से संबंधित है। हाल ही में इस मामले में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी दोनों से सीबीआई ने पूछताछ की थी। सियासी जानकारों की मानें, तो लालू परिवार पर भ्रष्टाचार का आरोप पहले से है। इन आरोपों पर कार्रवाई चल रही थी। अचानक जो एक दो दिनों के बीच शुरू हुआ है। इसे समझने के लिए आपको पीछे चलना होगा। जानकार मानते हैं कि बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद, भाजपा और जद (यू) ने मिलकर सरकार बनाई। हालांकि, भाजपा पर जदयू को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गठबंधन से तोड़ दिया। कुमार ने बाद में राजद के समर्थन से सरकार बनाई और तेजस्वी यादव बिहार के उप मुख्यमंत्री बने।

बिहार की सियासत पर साइड इफेक्ट

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में ईडी और सीबीआई के एक्शन का सबसे बड़ा प्रभाव बिहार की सियासत पर दिखने लगा है। जानकारों ने कहा कि लालू परिवार पर हो रही कार्रवाई को लेकर पहले भी नीतीश कुमार बोलते रहे हैं। उन्होंने मई 2022 में छापेमारी के बाद प्रतिक्रिया दी थी। उस समय वे बीजेपी के साथ सरकार में थे। नीतीश कुमार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस के लिए जाने जाते हैं। इस बार वो तेजस्वी के साथ में हैं। जिस भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जुलाई 2017 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़ा था कुछ इसी तरह की पटकथा फिर लिखी जा रही है। उस समय इस पटकथा के सूत्रधार सुशील कुमार मोदी बने थे। सुशील कुमार मोदी ने लालू परिवार के खिलाफ 48 प्रेस कांफ्रेंस किये थे। कहा जा रहा था कि उस प्रेस कांफ्रेंस में आने वाले डॉक्यूमेंट को जेडीयू के नेता सुशील मोदी को मुहैया करा रहे थे। जेडीयू का एक गुट कतई नहीं तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन चाहता है। इसमें जेडीयू के भूमिहार गुट के नेता सबसे आगे हैं। जानकार मानते हैं कि 2017 वाले सीन को दोबारा दोहराया जा रहा है। लालू परिवार के खिलाफ जान बूझकर एजेंसियों को एक्टिव किया गया है। बिहार की राजनीति में इस असर बहुत व्यापक हो सकता है।

नीतीश की चुप्पी हैरान करने वाली है

जानकार कहते हैं कि शुक्रवार को नीतीश कुमार राजेंद्र नगर के डबल गोलंबर के पास जुब्बा सहनी की मूर्ति के अनावरण के लिए पहुंचे थे। जब उनसे पत्रकारों ने सवाल पूछा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के कई ठिकानों पर सीबीआई और ईडी की रेड चल रही है। उसके बाद नीतीश कुमार ने इस सवाल को टालते हुए सीधे अपनी गाड़ी में बैठे और निकल लिये। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार इस छापेमारी पर कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं देकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी नाराजगी फिर से जताने लगे हैं। बिहार के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर 2017 की तरह पलटी मारेंगे? चर्चा ये भी है कि नीतीश कुमार लगातार अमित शाह के अलावा बीजेपी नेताओं के संपर्क में बने हुए हैं। साथ ही लालू परिवार इस बात से परेशान है कि आखिर नीतीश कुमार कुछ भी उनके पक्ष में बोल क्यों नहीं रहे हैं? कहा जा रहा है कि नीतीश की चुप्पी को लेकर राजद में तनाव बढ़ रहा है। क्योंकि पिछली बार भी पलटी मारने से एक दिन पहले नीतीश लालू से बातचीत किये थे। दूसरे ही दिन इस्तीफा सौंप दिया था। जानकारों के मुताबिक नीतीश के मूवमेंट का अंदाजा लगाना मुश्किल है।

 

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

मुख्य चुनाव आयुक्त चयन प्रक्रिया से CJI सूर्यकांत नाराज क्यों?

कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी…………..

by UB India News
August 5, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को किसी...

होश में रहो, नहीं तो सारा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा………….

होश में रहो, नहीं तो सारा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा………….

by UB India News
August 5, 2026
0

बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है. पार्टी के...

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

by UB India News
August 3, 2026
0

देश में 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता Bharatiya Nyaya Sanhita , BNS 2023 ने भारतीय दंड संहिता...

Next Post
तेजस्वी यादव ने पत्नी की तबीयत का हवाला देकर सीबीआई से पेश होने के लिए मांगा वक्त

तेजस्वी यादव ने पत्नी की तबीयत का हवाला देकर सीबीआई से पेश होने के लिए मांगा वक्त

हम कौशल जैसे क्षेत्रों में जितना अव्वल होंगे हमें उतनी सफलता मिलेगी: PM मोदी

हम कौशल जैसे क्षेत्रों में जितना अव्वल होंगे हमें उतनी सफलता मिलेगी: PM मोदी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend