दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया को रविवार देर रात शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। आज पहले उनका मेडिकल किया जाएगा और फिर उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई अदालत से दो हफ्ते की रिमांड भी मांग सकती है। उसका कहना है कि सिसोदिया ने जांच में सहयोग नहीं किया और जवाब देने में टाल-मटोल करते रहे। इस बीच आखिर वो कौन से 8 सवाल थे जो सीबीआई ने सिसोदिया से 8 घंटे की लंबी पूछताछ के दौरान पूछे हैं। आइए देखते हैं।
सवाल 1- क्या आपने DANICS के अधिकारी सी अरविंद को कॉल कर सीएम केजरीवाल के यहां आने को कहा था? केजरीवाल के आवास पर आपने सी अरविंद को GoM रिपोर्ट का ड्राफ्ट सौंपा था?
सवाल 2- क्या GoM मीटिंग में प्राइवेट संस्थाओं को थोक व्यापार देने पर भी कोई चर्चा हुई थी?
सवाल 3- क्या इस मीटिंग में यह भी चर्चा हुई थी कि प्राइवेट संस्थाओं के लिए 12 फीसदी का मार्जिन तय कर दिया जाएगा?
सवाल 4- इस 12 फीसदी मार्जिन में कथित तौर पर 6 फीसदी कथित रिश्वत ली गई थी? अगर हां तो कुलमिलाकर रिश्वत के रूप में कितने पैसे आए?
सवाल 5- आपके बिजनेसमैन अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे से क्या रिश्ते हैं?
सवाल 6- नई एक्साइज पॉलिसी बनाते समय आपकी एक्साइज कमिश्नर और दो और एक्साइज अधिकारियों से क्या चर्चा हुई थी?
सवाल 7- क्या इस दौरान आपने कई मोबाइल फोन का उपयोग किया था जिसमें से ज्यादातर फोन दूसरे के नाम पर थे?
सवाल 8- क्या आपने नई एक्साइज पॉलिसी के लिए कंपिटेंट अथॉरिटी से इसकी परमिशन ली थी?
आज होगी कोर्ट में पेशी, सीबीआई मांग सकती है रिमांड
मनीष सिसोदिया को आज सबसे पहले मेडिकल के लिए ले जाया जाएगा। जिसके बाद उन्हें दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा। कहा जा रहा है कि सीबीआई सिसोदिया को लेकर 2 हफ्ते का रिमांड भी मांग सकती है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी सिसोदिया की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करने वाली है।
सिसोदिया की गिरफ्तारी पर आप-बीजेपी आमने-सामने
मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति गर्म है। रविवार रात सीएम केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ सिसोदिया के घर पहुंचे थे जहां उन्होंने उनकी पत्नी से मुलाकात भी की थी। मुलाकात के बाद केजरीवाल ने सिसोदिया को ईमानदार और साहसी बताया था। वहीं मान ने कहा कि मनीष सिसोदिया को झूठे आरोप में फंसाया गया है। आम आदमी पार्टी ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा कि यह देश के लोकतंत्र के लिए काला दिन है। बीजेपी की ओर से सांसद गौतम गंभीर ने भी शायराना अंदाज में ट्वीट कर लिखा कि गुनाह करके कहां जाओगे गालिब, ये जमीं ये आसमां सब AAP का ही तो है। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सासंद संजय सिंह ने लिखा कि यह तो तानाशाही की इंतेहा है। मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार करके आपने ठीक नहीं किया मोदी जी।
केस से जुड़े अपडेट्स…
- सिसोदिया अभी CBI दफ्तर में हैं। आज दोपहर 1 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा। पेशी से पहले उनका मेडिकल किया जाएगा।
- सिसोदिया की गिरफ्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है।
आज का बयान, राउत बोले- क्या भाजपा में सारे संत हैं…
शिवसेना लीडर संजय राउत ने कहा, “सिसोदिया पर हुई कार्रवाई बताती है कि केंद्र सरकार विपक्ष का मुंह बंद कराना चाहती है। हम सिसोदियाजी के साथ हैं। महाराष्ट्र हो, झारखंड हो, दिल्ली हो, केंद्र सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को जेल भेज रही है या उन्हें समर्पण पर मजबूर कर रही है। चाहे वो सिसोदिया हों, नवाब मलिक हों, अनिल देशमुख हों या फिर मैं। क्या भाजपा में सारे संत हैं?”
CBI को डिजिटल डिवाइस मिली थी, इसी ने सिसोदिया को गिरफ्तारी तक पहुंचाया…
रिपोर्ट्स में CBI सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि पिछले साल 19 अगस्त को CBI ने दिल्ली एक्साइज डिपार्टमेंट की छानबीन की। वहां से एक डिजिटल डिवाइस सीज की गई। इस डिवाइस से CBI को पता चला कि लिकर पॉलिसी का एक दस्तावेज एक ऐसे सिस्टम को भेजा गया था, जो एक्साइज डिपार्टमेंट के नेटवर्क में था ही नहीं।
इसके बाद CBI ने एक्साइज डिपार्टमेंट के अधिकारी को पूछताछ के लिए बुलाया। उस अफसर ने एक सिस्टम की जानकारी दी, जिसे एजेंसी ने इस साल 14 जनवरी को सिसोदिया के दफ्तर से जब्त किया। इस सिस्टम की ज्यादातर फाइल्स डिलीट कर दी गई थीं, लेकिन अपनी फॉरेंसिक टीम की मदद से CBI ने ये डेटा हासिल कर लिया। फोरेंसिक जांच में पता चला की दस्तावेज बाहर से बना और वॉट्सऐप पर रिसीव किया गया।
ये जानकारियां हाथ लगने के बाद CBI ने 1996 बैच के ब्यूरोक्रेट को जांच के लिए बुलाया। ये ब्यूरोक्रेट सिसोदिया के सेक्रेटरी के तौर पर काम कर चुके थे। सूत्रों के मुताबिक, अफसर ने CBI को बताया कि मार्च 2021 में सिसोदिया ने उन्हें केजरीवाल के दफ्तर में बुलाया था। वहां पर अफसर को शराब नीति ड्राफ्ट पर मंत्रियों की रिपोर्ट दी गई। इस दौरान सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे।
इस ड्राफ्ट रिपोर्ट से ही 12% प्रॉफिट मॉर्जिन का नियम आया। इस नियम के लिए कोई चर्चा हुई हो, या इससे जुड़ी कोई फाइल हो, उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। रविवार को CBI इस ड्राफ्ट रिपोर्ट के बारे में सिसोदिया से सवाल किए पर सिसोदिया ने जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
सिसोदिया से 8 घंटे की पूछताछ से जुड़े 4 अहम पॉइंट
1. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBI ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि सिसोदिया से जो सवाल किए गए, उनका जवाब संतोषजनक नहीं था। गिरफ्तारी शराब नीति में गड़बड़ियों और इसके जरिए निजी लाभ पहुंचाने के मामले में हुई है।
2. CBI ने कहा कि सिसोदिया ने कई अहम सवालों के जवाब टाल दिए। हमने उनके सामने सबूत भी पेश किए, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। एजेंसी ने कहा कि उनसे गहराई से पूछताछ के लिए उन्हें कस्टडी में रखना जरूरी था।
3. CBI ने बताया कि सिसोदिया से 8 घंटे तक पूछताछ की गई। रिपोर्ट्स में कहा गया कि सिसोदिया से शराब नीति, दिनेश अरोड़ा से सिसोदिया के कनेक्शन के बारे में सवाल किए गए। इस मामले में कई फोन कॉल्स भी किए गए हैं। उनकी डिटेल्स के आधार पर सिसोदिया से सवाल पूछे गए।
4. दिनेश अरोड़ा दिल्ली के कारोबारी हैं। उनका रेस्टोरेंट है। इसी मामले में ED ने भी जांच की है। उसमें दिनेश अरोड़ा को सिसोदिया का करीबी बताया गया है। एजेंसी ने कहा कि अरोड़ा को आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने चुनावी फंडिंग के संबंध में बात की थी। इसके बाद अरोड़ा ने कई कारोबारियों से फंडिंग में सहयोग मांगा और विधानसभा चुनावों के लिए सिसोदिया को 82 लाख रुपए दिए।
CBI पूछताछ से पहले रोड शो निकाला, इमोशनल स्पीच दी
1. बच्चों लापरवाही की तो चाचा जेल में खाना छोड़ देंगे
रविवार सुबह सिसोदिया ने पूछताछ से पहले एक रोड शो किया। वो अपनी मां का आशीर्वाद लेकर CBI दफ्तर के लिए निकले थे। इस दौरान उन्होंने इमोशनल स्पीच दी। कहा- आज ये लोग मुझे जेल भेज रहे हैं तो मेरी पत्नी घर पर अकेली रहेगी। वो बहुत बीमार रहती है। बेटा यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। आपको ध्यान रखना है। स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों से मुझे प्यार है। ये मत समझना कि शिक्षा मंत्री मनीष चाचा जेल चले गए तो छुट्टी हो गई। उतनी मेहनत करना जितनी मुझे उम्मीद है। अगर पता चला कि हमारे बच्चों ने लापरवाही की तो चाचा जेल में खाना छोड़ देंगे।
2. देश के लिए भगत सिंह फांसी पर चढ़े, झूठे आरोपों पर जेल जाना छोटी बात
सिसोदिया ने कहा- आज फिर CBI ऑफिस जा रहा हूं, जांच में पूरा सहयोग करूंगा। लाखों बच्चों का प्यार व करोड़ों देशवासियों का आशीर्वाद साथ है। कुछ 7-8 महीने जेल में भी रहना पड़े तो परवाह नहीं। भगत सिंह के अनुयायी हैं, देश के लिए भगत सिंह फांसी पर चढ़ गए थे। ऐसे झूठे आरोपों की वजह से जेल जाना तो छोटी सी चीज है।
AAP ने कहा- सिसोदिया को सरकारी स्कूलों को सुधारने की सजा मिली
- AAP प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा- मनीष के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, फिर गिरफ्तारी कैसे हुई। दोनों चार्जशीट में सिसोदिया का नाम नहीं है। अब CBI कोर्ट में कहेगी, ये बड़े प्रभावी हैं। इसलिए इन्हें जांच होने तक जेल में रखा जाए।
- AAP विधायक आतिशी ने कहा- मनीष सिसोदिया ने पिछले आठ साल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों की काया पलट कर दी। उन्हें इसी की सजा मिल रही है। भाजपा कह रही है कि ये 10 हजार करोड़ रुपए का घोटाला है। ये पैसा कहां हैं। CBI ने सिसोदिया के घर, उनके रिश्तेदारों, दोस्तों तक की तलाशी ली, लेकिन ये रुपया नहीं मिला। ये रुपए कहां हैं। सरकार ये नहीं बता पा रही है।
भाजपा ने कहा- अगला नंबर केजरीवाल का
भारतीय जनता पार्टी ने कहा- सिसोदिया को तो गिरफ्तार होना ही था, अगला नंबर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया- मैं शुरू से कह रहा हूं केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल जाएंगे। इनमें से दो लोग जेल जा चुके, अगला नंबर केजरीवाल का है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा- सिसोदिया पहले ऐसे शिक्षा मंत्री हैं, जो शराब घोटाले में गिरफ्तार हुए हैं। उन्होंने स्कूल के आसपास शराब दुकानें खुलवाकर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया।
सत्येंद्र जैन को मई 2022 में ED ने गिरफ्तार किया था
मनीष सिसोदिया से पहले मई 2022 में ED ने सत्येंद्र जैन को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। बाद में ED ने कहा- जैन जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। वे मामले से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसी से छिपा रहे थे, इसीलिए उनकी गिरफ्तारी हुई। ED का आरोप है कि जैन साल 2015-16 में कोलकाता की एक फर्म के साथ हवाला लेनदेन में शामिल थे।
शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए मिले थे
ED के मुताबिक जांच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। ED की रिपोर्ट के मुताबिक इस रकम का इस्तेमाल जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद को लिए गए कर्ज की अदायगी के लिए किया गया था।
4.81 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी से दो महीने पहले CBI की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) में दर्ज FIR के बाद जैन के परिवार और फर्मों से संबंधित 4.81 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया था। CBI ने अगस्त 2017 में केस दर्ज किया था। बाद में ये केस ED को ट्रांसफर कर दिया गया था।







