कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव के बाद जदयू संगठन में बदलाव की कवायद तेज हो गई है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने संगठन में बदलाव से पहले कार्यकर्ताओं की राय जानने और एक नाम पर सहमति बनाने का टास्क दिया है। प्रदेश अध्यक्ष की ओर से गठित विवाद निवारण समिति में तीन सदस्य हैं। इसमें बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति हारूण रसीद को अध्यक्ष व विधान पार्षद रविंद्र प्रसाद सिंह व पार्टी नेता अशोक कुमार बादल को सदस्य मनोनीत किया है। समिति 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को सौंप देगी। उसके बाद यहां पर किसी भी दिन नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।
हर स्तर पर समीक्षा
समिति के अध्यक्ष बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति हारूण रसीद ने बताया कि कुढ़नी उपचुनाव में पार्टी मामूली वोटों के अंतर से हार गई। इसको लेकर पार्टी के अंदर हर स्तर पर समीक्षा हो रही है। आने वाले दिनों में लोकसभा व विधानसभा चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करे, इसके लिए संगठन को मजबूत किया जा रहा है।
हारूण रसीद ने बताया कि मुजफ्फरपुर समेत सात जिलों में संगठन को लेकर विवाद है। मुजफ्फरपुर में संगठन को लेकर रायशुमारी चल रही है। इस कड़ी में पार्टी के प्रमुख नेता, विधान पार्षद, पूर्व विधान पार्षद, विधायक व पार्टी के सांसद से जरूरत पड़ने पर रायशुमारी की जाएगी। उसके बाद नाम तय कर राज्य मुख्यालय को भेजा जाएगा।
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सबकी बात सुनने के बाद होगा फैसला
बताया कि संगठन के प्रति हर कार्यकर्ता समर्पित रहता है। वह चाहता है कि उसको नई जवाबदेही मिले। समिति के सदस्य का काम है कि सबकी बात को सुनते हुए एक राय बनाई जाए। वह यहां पर बन जाएगा।







