बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन भी शराब से मौत पर जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मृतकों के परिवार को 10-10 लाख का मुआवजा देना की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसे लोगों के साथ कोई हमदर्दी नहीं है। आप क्या सोच रहे हैं हमारी सरकार उन्हें मुआवजा देगी। दारु पीकर मरे हैं। हम एक पैसा भी नहीं देंगे।
छपरा में अब तक 59 लोगों की मौत हो चुकी है। इसे लेकर बीजेपी महागठबंधन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही है। बीजेपी नीतीश के इस्तीफे पर अड़ी हुई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग कर रही है।
विधानसभा में हंगामे के बाद बीजेपी विधायक राजभवन के लिए निकले। बीजेपी ने राज्यपाल से सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
#WATCH शराब पीकर मृत्यु पर हम उसे सहायता राशि देंगे? ये सवाल ही नहीं पैदा होता… इसलिए यह बातें सही नहीं है। जब हम संसद का चुनाव लड़ते थे तब पार्टियां हमारे साथ नहीं थी फिर भी CPI-CPM के लोग हमारा साथ देते थे: बिहार विधानसभा में विपक्ष को कहते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पटना pic.twitter.com/AKH0a8etQq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 16, 2022
भाजपा मुख्यमंत्री से उनके व्यवहार के लिए माफी मांगने पर अड़ी है। बीजेपी विधायक वेल में पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने शराबकांड के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने मृतकों के परिवार के लिए 10-10 लाख के मुआवजे की मांग की है। इसके साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री मौतों की जिम्मेदारी लें और अस्पताल में भर्ती लोगों का बेहतर इलाज करवाएं।
नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि हमारे 30 विधायकों का दल इन गावों में गया था। हमने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। आंकड़े छिपाने के लिए जबरदस्ती शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। लोगों को ना इलाज मिला और ना अभी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री का ये बयान कि जो पिएगा वो मरेगा ये गैर जिम्मेदाराना है। मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कुर्सी की लालच में तेजस्वी भी उनकी हां में हां कर रहे हैं। 2021 में तेजस्वी ने नीतीश को शराब माफिया बताया था। तेजस्वी गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं।
विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज जनता को लेकर उठ रही है उसे दबाने की कोशिश की जा रही है। एसआईटी की जांच सिर्फ दिखावे के लिए की जा रही है। हाईकोर्ट के जज के माध्यम से इस घटना की जांच हो।
गुरुवार को बीजेपी ने लगातार सदन के अंदर हंगामा किया। यहां तक की वेल में सभी विधायक धरना प्रदर्शन करते नजर आए थे।
गुरुवार को ही भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जहरीली शराब कांड में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने छपरा गया था। वहां से आने के बाद भाजपा के विधायक ज्यादा उग्र होंगे। आज बिहार विधानसभा में कई महत्वपूर्ण विधाई कार्य किए जाने हैं।

जहरीली शराब से मरनेवालों की संख्या 50 हुई
वहीं, जहरीली शराब मामले की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया गया है। मरनेवालों का आंकड़ा 50 पहुंच गया है। छपरा में बृहस्पतिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दौरान सारण के जिलाधिकारी राजेश मीणा ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले 48 घंटे में जिले भर में सघन छापेमारी की है और 126 व्यक्तियों को पकड़ा है। चार हजार लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त भी की गई है।’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एसपी संतोष कुमार ने यह बताने से इनकार कर दिया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में क्या वे लोग शामिल हैं जो ताजा जहरीली शराब के मामले में सीधे तौर पर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ‘मामले की जांच अभी भी चल रही है और इस स्तर पर ज्यादा खुलासा करने से मामले की जांच में बाधा आ सकती है।’
उन्होंने कहा, ‘कुछ दोष संबंधित अधिकारियों पर भी है और इसलिए मशरक पुलिस थाने के प्रभारी और स्थानीय चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि मढ़ौरा के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी के स्थानांतरण की सिफारिश प्राधिकारियों से की गई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा, ‘त्वरित जांच के लिए, एक अतिरिक्त एसपी की अध्यक्षता में 31 पुलिस अधिकारियों और तीन डिप्टी एसपी वाली एक एसआईटी भी गठित की गई है।’ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी डर के जानकारी के साथ आगे आएं।







