बिहार विधानसभा की कुढ़नी सीट के लिए नामांकन करने का आज अंतिम दिन है। इससे पहले ही प्रमुख दलों की ओर से प्रत्याशियों के नामांकन हो जाने के बाद अब चुनाव प्रचार का कार्य रफ्तार पकड़ रहा है। प्रत्याशी व उनके समर्थक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस बीच राजनीतिक वार प्रतिवार भी शुरू हो गया है। वीआइपी प्रत्याशी नीलाभ कुमार के नामांकन समारोह में शामिल होने मुजफ्फरपुर पहुंचे मुकेश सहनी ने एक बार फिर से भाजपा पर हमला किया। उन्होंने भाजपा को कमजोर करने की अपनी रणनीति काे लोगों के सामने रखा। इस बीच भाजपा ने भी उनपर करारा प्रहार किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष अजय निषाद ने उनकी राजनीति की शैली पर सवाल उठाया है। साथ ही कहा है कि एकबार फिर से साबित हो गया कि मुकेश सहनी को केवल निषादों का वोट चाहिए। चुनाव में टिकट समाज से बाहर के लोगों को ही मिलेगा। यह दोहरा चरित्र है।
जब भी मौका मिला- नहीं दिया टिकट
मीडिया से बात करते हुए सांसद अजय निषाद ने कहा कि मुकेश साहनी वोटों के सौदागर हैं। वे निषाद समाज के वोटों को बेच देते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 तथा अब विधानसभा उपचुनाव 2022 में यह देखने को मिल रहा है। कुढ़नी विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां सहनी मतदाताओं की संख्या अच्छी है। मुकेश यहां से भी बेहतर वोट पाने की अपेक्षा रखते हैं, लेकिन जब उनकी कलम से सहनी समाज का भला होना था तो उन्होंने किसी और समाज के लोग को टिकट दे दिया। ऐसा तो नहीं चलेगा। भाजपा इस तरह की राजनीति को लोगों के सामने लेकर आएगी। जिससे मुकेश सहनी का असली रूप सामने आ सके।
पैसे लेकर टिकट देते मुकेश सहनी
अजय निषाद ने साफ-साफ कहा कि पूर्व मंत्री मुकेश सहनी पैसे के लिए सबकुछ करते हैं। सेवा भाव से उनका कोई मतलब नहीं है। जहां पैसा मिल जाता है वहां घोषणा के बाद भी चुनाव में प्रत्याशी नहीं देते हैं। मोकामा व गोपालगंज में कुछ ऐसा ही हुआ था। मोकामा में अनंत सिंह से पैसा ले लिया, वहां छोड कर चले आए। कुढ़नी में कहीं भी सेटिंग नहीं हुई तो अपने प्रत्याशी से मोटी रकम लेकर टिकट दिया है। उन्होंने दोहराया कि बोचहां में चुनाव लड़ने पर राजनीतिक रूप से उनका सबकुछ खत्म हो गया था। कुढ़नी में भी वही गलती कर रहे हैं। इस बार तो ‘सत्यानाश’ ही समझिए।






