प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस–यूक्रेन विवाद को सुलझाने के लिए ‘युद्ध विराम और कूटनीति’ के रास्ते पर लौटने का आह्वान किया है। बाली में हो रहे वार्षिक जी–२० शिखर सम्मेलन के एक सत्र को मंगलवार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन‚ वैश्विक महामारी कोविड़–१९ और रूस–यूक्रेन युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों ने दुनिया में तबाही मचा दी है। इंड़ोनेशिया के बाली में हो रहे जी–२० शिखर सम्मेलन का यह सत्र खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा विषय पर विचार के लिए बुलाया गया था‚ जिसमें तमाम प्रतिभागियों ने खाद्य और ऊर्जा संबंधी वैश्विक समस्याओं के असर को रेखांकित किया। मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पूरी दुनिया में आवश्यक वस्तुओं का संकट पैदा हो गया है‚ और हर देश के गरीब नागरिकों के लिए चुनौतियां खास तौर पर विक राल हो चली हैं। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा इसलिए खास है कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है‚ और ऊर्जा बाजार में स्थिरता उसके हित में है। रूस कच्चे तेल का सबसे बड़़ा उत्पादक है‚ और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए उससे कच्चा तेल खरीदता है। लेकिन पश्चिमी देश और अमेरिका रूस से तेल एवं गैस खरीद पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान कर रहे हैं। लेकिन भारत समेत तमाम विकासशील देशों का का हित इसमें है कि समावेशी ऊर्जा परिवर्तन के लिए उन्हें समयबद्ध व किफायती वित्त और प्रौद्योगिकी की सतत आपूर्ति जारी रहे। गौरतलब है कि भारत २०२३ तक अपनी जरूरत की आधी बिजली का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से करने लगेगा। जब तक ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चे तेल और गैस पर उसकी निर्भरता बनी रहेगी। ऐसे में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति लाइन में बाधा भारत के हितों के लिए नुकसानदेह होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसलिए रूस–यूक्रेन के बीच युद्ध विराम और कूटनीति के रास्ते पर लौटने पर जोर दिया है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री याद दिलाते हैं कि द्वितीय विश्व युद्ध ने किस कदर दुनिया पर कहर बरपाया था। इसलिए यह मंच मौका था कि रूस की ऊर्जा आपूर्ति को प्रतिबंधित करने में जुटे अमेरिका और पश्चिमी देशों को दोटूक संदेश दिया जाए कि इस तरह के प्रतिबंध उचित नहीं हैं। बेहतर तो यह होगा कि विश्व की सप्लाईलाइन बनाए रखने के लिए तमाम देश परस्पर सहमति बनाएं ताकि विश्व की परेशानी बढ़ने न पाएं।
19 साल बाद कोलकाता लौटने पर भावुक हुईं तस्लीमा नसरीन, बोलीं- यह घर वापसी
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को 19 साल बाद कोलकाता पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने पर तस्लीमा नसरीन बेहद खुश दिखाई दीं।...







