वूधवार तड़़के नेपाल में आए भूकंप में बहुत ज्यादा जानमाल के नुकसान का नहीं होना सुकून की बात रही। रिक्टर पैमाने पर ६ से ज्यादा दर्ज किए गए झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत में महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू़ था। ये झटके ड़राने वाले इसलिए हैं क्योंकि हिमायली क्षेत्र को प्राकृतिक आपदा के दृष्टिकोणसे बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। ठीक है कि प्राकृतिक आपदा के मामले में मानव की अपनी सीमा है‚ लेकिन अगर समय रहते तैयारी हो तो नुकसान न्यूनतम होता है।
प्राकृतिक आपदा में जान–माल की जो हानि होती है विशेषकर भूकंप के दौरान; इसकी बड़़ी वजह बसावट का व्यवस्थित नहीं होना है। इसके अलावा आपादा के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं‚ आम लोगों में इसके प्रशिक्षण की खासी कमी है। दरअसल‚ ‘आग लगने पर कुआं खोदने’ के मुहावरे से कदम आगे बढ़कर हम सोच ही नहीं पाते। अमूमन होता यह कि जब कोई हादसा होता है तो बाद के कुछ दिनों तक समूची व्यवस्था शोकमग्न होकर चिंतन में डू़ब जाती है। गुजरात में मोरबी पुल हादसा इस बात का उदाहरण है। अब इसकी चर्चा सिरे से गायब है। जबकि होना यह चाहिए कि इस प्रकार के झटकों से पूरी व्यवस्था की निद्रा टूटनी चाहिए। भवनों के भूकंपरोधी क्षमता की जांच होनी जरूरी है। जिम्मेदार विभाग को तुरंत सक्रियता दिखानी चाहिए। बिना नक्शे के बनी बसावटों के खिलाफ सख्ती होनी चाहिए। हर बड़े़ शहर के असपास बसे गांव घनी और बेतरीब बसावट में तब्दील हो चुके हैं। दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका और कटवारिया सराय जैसे गांव इसके उदाहरण हैं; जहां आपदा की भयावहता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। बहरहाल‚ भूगर्भशा्त्रिरयों की चिंता हिमालय की तलहटी में बसी आबादी को लेकर है‚ जिसे वो ‘टाइमबम’ पर बैठा बता रहे हैं। उत्तराखंड़ और हिमाचल को भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में वहां किसी प्रकार की छेड़़खानी को लेखर प्रकृतिविदें द्वारा चेतावनी को समझने की जरूरत है। २०१३ में केदारनाथ हादसा उदाहरण भी है और सबक भी। क्योंकि एक चिंगारी कभी भी आग में बदल सकती है। कुल मिलाकर प्राकृतिक आपदा का प्रभाव न्यून कैसे हो इस पर लगातार चिंतन और कार्यान्यवन वक्त की मांग है। भूकंप के झटके अलामिग घड़़ी की तरह हैं‚ जिसके बजने के बाद हमें नींद से जागना ही होगा।
समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आज वे दरभंगा पहुंचेंगे, जहां 105 करोड़ की 50 योजनाओं का शिलान्यास...






