ADVERTISEMENT
Sunday, August 16, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

निकाय चुनाव : 12 साल में सरकार नहीं करा पाई ट्रिपल टेस्ट….

UB India News by UB India News
October 6, 2022
in खास खबर, पटना, बिहार
0
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

बिहार में निकाय चुनाव रद्द हो चुका है। चुनाव से 6 दिन पहले हाईकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया। दरअसल, सुनवाई के दौरान आरक्षण के नियमों का पालन किए जाने की दलील पर जब कोर्ट ने सबूत मांगा तो सरकार ने अखबार में छपा एक आर्टिकल दिखा दिया। सरकार ट्रिपल टेस्ट में फेल हो गई है। वह बिना टेस्ट दिए निकाय चुनाव कराना चाहती थी।

मामला सुप्रीम कोर्ट गया और फिर पटना हाईकोर्ट ने चुनाव रद्द कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से बस एक सवाल किया था जिसमें राज्य सरकार से ट्रिपल टेस्ट का सबूत मांगा था, लेकिन आरक्षण की बात करने वाली बिहार सरकार ने एक अखबार की कटिंग को सबूत के तौर पर दिखा दिया। जानिए निकाय चुनाव रद्द होने के पीछे की पूरी कहानी….

RELATED POSTS

सरदार पटेल का सपना पूरा कर रहे PM नरेंद्र मोदी

प्रशांत किशोर की गिरिराज सिंह को कड़ी चेतावनी………

12 साल में सरकार नहीं करा पाई ट्रिपल टेस्ट

2010 में चुनाव में आरक्षण को लेकर के कृष्णमूर्ति केस चैलेंज हुआ था। केस इस ग्राउंड पर चैलेंज किया गया था कि बिना सर्वे कराए पूरे देश में सरकार द्वारा वोट बैंक बनाने के लिए चुनाव में आरक्षण दिया जा रहा। इस केस में फैसला ट्रिपल टेस्ट का आया। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद ट्रिपल टेस्ट को चुनाव में आरक्षण के लिए एक बड़ा पैमाना माना गया।

साल 2010 के बाद भी उच्चतम न्यायालय ने इससे संबंधित कई फैसला सुनाया जिसमें ट्रिपल टेस्ट को आरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रभावी बताया गया। देश में राजनीति के तहत पूरे देश में सरकार द्वारा ट्रिपल टेस्ट को नजर अंदाज किया गया, बिहार सरकार ने भी बिना ट्रिपल टेस्ट के निकाय चुनाव में आरक्षण तय कर दिया। सरकार की इसी मनमानी के कारण पटना हाईकोर्ट ने चुनाव को रद्द कर दिया।

जानिए क्या है ट्रिपल टेस्ट का फॉर्मूला

बिहार निकाय चुनाव को रद्द कराने में पटना उच्च न्यायालय में पीटिशनर की बात उठाने वाले अधिवक्ताओं में शामिल सीनियर एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव में आरक्षण को लेकर ट्रिपल टेस्ट की जो व्यवस्था बनाई है, उस पर सरकार की मनमानी चल रही है। सरकार की इसी मनमानी के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय से लेकर पटना उच्च न्यायालय तक याचिका दायर की गई थी।

एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम के मुताबिक 2010 में संविधान पीठ का फैसला आया लेकिन आज भी आरक्षण के मामले में सरकार मनमानी कर रही है। यह संविधान और अन्य फैसलों के खिलाफ है। ट्रिपल टेस्ट के लिए डेडिकेटेड कमीशन बनाकर संबंधित जातियों को डाटा कलेक्ट करना, दूसरा है कि अगर किसी नगर पालिका की कुल जनसंख्या में पिछड़ों की संख्या कितनी है, यह कितना प्रतिशत होती है, कुल जनसंख्या के इसका पता लगाना है। इसके बाद उनका टोटल जनसंख्या में अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व है कि नहीं है।

इसके बाद तीसरा टेस्ट कराना है कि किसी मामले में अपर सिलिंग 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। बाकी के बचे में ही आरक्षण देना है। सरकार ने 12 साल में 15 (4) और 16 (4) के तहत पंचायत और निकाय चुनाव में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया। राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग जो आरक्षण की सुविधा दे रहे थे, इसी के खिलाफ याचिका दर्ज की गई थी।

जानिए सरकार ने क्या दी थी दलील

एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम का कहना है कि सरकार की बहुत लंबी दलील थी। राज्य सरकार ने काका कालेलकर की रिपोर्ट से दलील की शुरुआत की थी। इसके साथ ही मुंगेरी लाल कमीशन और बैकवर्ड कमीशन और ईबीसी कमीशन की भी दलील दी गई। इस दलील के आधार पर सरकार का कहना था कि वह ट्रिपल टेस्ट बहुत पहले से ही कर रही है।

सरकार ने कहा कि पिछड़ों की कुल जनसंख्या और उनमें जो पॉलिटिकली बैकवर्ड हैं उन्हें ईबीसी में डाल दिया है। इसके साथ ही जिनका पॉलिटिकली रिप्रजेंटेशन था उनको ओबीसी में रख दिया गया है। ऐसी ही दलीलों के आधार पर सरकार ने पटना हाईकोट में ट्रिपल टेस्ट कराने की बात कही।

जब कोर्ट ने डेटा मांगा तो दिखाई अखबार की कतरन

एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम ने बताया कि चुनाव में आरक्षण को लेकर चल रही सुनवाई के बीच जब सरकार ने आरक्षण के आधार का ट्रिपल टेस्ट के मुताबिक डेटा मांगा तो सरकार की तरफ से एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर की कतरन को दिखाया गया। इस पर कोर्ट ने फटकार भी लगाई और कहा कि अब तक जो भी कमीशन बनाया गया है उसमें आरक्षण से संबंधित कोई ऐसा सर्वे नहीं किया गया, जिसमें ट्रिपल टेस्ट पूरा किया गया हो।

एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम का कहना है कि इस पूरे मामले में कोर्ट का बस एक यही एक सवाल था और इसका जवाब भी सरकार के पास कोई जवाब नहीं था। सरकार के साथ राज्य चुनाव आयोग के पास जवाब नहीं था। कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।

चुनाव नहीं लड़ पाने वाले बन गए वादी

एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम का कहना है कि सरकार ने ट्रिपल टेस्ट नहीं कराया। इस कारण से निकाय चुनाव में सैकड़ों लोग चुनाव की तैयारी के बाद भी लड़ाई से बाहर हो गए। ऐसे लोगों ने ही सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर की थी। अधिवक्ता का कहना है कि मामला पहले सुप्रीम कोर्ट गया था और वहां से उच्च न्यायालय को गाइडलाइन आई।

जिसके बाद पटना हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और ट्रिपल टेस्ट नहीं होने के कारण चुनाव को रद्द कर दिया। एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम के मुताबिक, इस याचिका में अधिक संख्या में लोगों को अपनी याचिका दायर की थी, इसमें सुनवाई के दौरान याचिकाओं के अधिवक्ता की संख्या भी अधिक रही जो याचिकाकर्ताओं की तरफ से उनकी बात रखने के लिए लगाए गए थे।

16 घंटे की मंथन के बाद आया फैसला

एडवोकेट शशि भूषण कुमार मंगलम ने बताया कि इस मामले में फैसला काफी जल्दी आया है क्योंकि चुनाव को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई थी और नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया था। इसमें एक याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट गए जबकि अन्य ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

इस गंभीर मामले में पहली सुनवाई 2 सितंबर 2022 को हुई। इसके बाद तीन दिनों 22, 28 और 29 सितंबर को फैसले के लिए जजों की लगभग 16 घंटे तक मंथन हुई। फिर 4 अक्टूबर को फैसला गया गया जिसमें पटना उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की तरह बिहार में भी सरकार की मनमानी पर शिकंजा कस दिया। अब सरकार के सामने बस दो ही विकल्प है, या तो उसे ट्रिपल टेस्ट कराना होगा, जो इतने कम समय में संभवन नहीं है या फिर रिजर्वेशन की सीटों को सामान्य कर चुनाव कराना होगा।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

सरदार पटेल का सपना पूरा कर रहे PM नरेंद्र मोदी

सरदार पटेल का सपना पूरा कर रहे PM नरेंद्र मोदी

by UB India News
August 16, 2026
0

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने झाझा के न्यू बस स्टैंड के पास लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा...

प्रशांत किशोर की गिरिराज सिंह को कड़ी चेतावनी………

प्रशांत किशोर की गिरिराज सिंह को कड़ी चेतावनी………

by UB India News
August 16, 2026
0

जनसुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत कुमार ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह को सलाह दी है...

बंगाल में BJP की जीत में भी बिहार का फायदा?

ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत………….

by UB India News
August 16, 2026
0

स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित किया। अपने भाषण में...

पटना अब पाटलिपुत्र से जाना जायेगा !……………………..

सवर्ण वोट बैंक को लुभाने में फिर से जुटी बीजेपी………

by UB India News
August 16, 2026
0

बांकीपुर विधानसभा सीट पर हार के बाद बिहार में बीजेपी का चुनावी राजनीति का तरीका बदल गया है। ये चुनाव...

हाथों में भगत सिंह की फोटो लेकर उपवास पर बैठे पप्पू यादव…………

हाथों में भगत सिंह की फोटो लेकर उपवास पर बैठे पप्पू यादव…………

by UB India News
August 16, 2026
0

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव आज रविवार को एक दिन के उपवास पर हैं। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर हाथों...

Next Post

कांग्रेस नेता Udit Raj का राष्ट्रपति पर विवादित बयान, 'चमचागिरी' की हद है

नम आंखों से देवी माता की विदाई, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई खोइछा की अदला–बदली

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend