विधायकों को तोड़़ने या सरकार गिराने की जी–तोड़़ कोशिश करते तो हम सबों ने बहुत बार देखा और पढ़ा होगा‚ मगर उद्योग लगाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच आक्रामक तेवर और आरोप–प्रत्यारोप बहुत वर्षों बाद देखने को मिला है। रणक्षेत्र बना है महाराष्ट्र और आक्रामक तेवर के साथ रण में महाविकास अघाड़़ी (एमवीए) के खिलाफ भाजपा गठबंधन आ ड़टा है। दरअसल‚ वेदांता–फॉक्सकॉन का १.५४ लाख करोड़ सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में लगने के बजाय गुजरात शिफ्ट हो गया। ऐसा होते ही महाराष्ट्र की सत्ता से कुछ ही दिनों पूर्व रुखसत हुए शिवसेना‚ कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्षी दलों का तर्क है कि सत्तासीन पार्टी ने महाराष्ट्र और यहां की जनता के साथ अन्याय किया है। इस सबमें फील गुड़ वाली बात यह है कि उद्योग स्थापना के लिए इस तरह की आक्रामकता राज्य की बेहतरी के लिए अच्छी ही मानी जाएगी। निःसंदेह इस फैसले से मचे राजनीतिक घमासान को देखें तो इसे अच्छी प्रतिद्वंद्विता ही कहा जाएगा। राज्यों में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को अपने यहां लाने की मची राजनीतिक होड़ देश के आर्थिक विकास के लिए अच्छी मानी जा सकती है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी कि देश के महज पांच राज्यों–तमिलनाडु़‚ महाराष्ट्र‚ गुजरात‚ उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश–में ही उद्योग–धंधे और फैक्टरियां क्यों लगती हैंॽ बाकी के राज्यों में इनका सूखा है‚ जबकि निवेश जुटाने के लिए राज्य सरकारें तमाम उपाय करती हैं। अलबत्ता‚ उद्योगपति उसी जगह को पसंद करते हैं जहां स्थायी सरकार‚ सख्त कानून–व्यवस्था और ईमानदार व पारदर्शी सिस्टम होता है। इन मापदंड़ों पर उपरोक्त राज्य ही शीर्ष पर हैं। यही वजह है कि इन राज्यों में देश के कुल ५३ फीसद उद्योग–धंधे हैं। साफ है कि बाकी राज्य इन मापदंड़ों पर काफी नीचे हैं। लिहाजा‚ इन्हें अपने आचार–व्यवहार में लचीलापन लाना होगा और कानून–व्यवस्था के मसले पर जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी भी अपनानी होगी। सिर्फ कंपनियों और बड़े़ उद्योगपतियों को अपने यहां बुला लेने भर से न तो निवेश आते हैं‚ न उद्योग–धंधे ही लग पाते हैं। बहरहाल‚ महाराष्ट्र के सभी राजनीतिक दलों के बीच उद्योग स्थापना के लिए तीखी नोक–झोंक किसी भी दृष्टि से गलत नहीं है।
पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आयोजित किया बीमा जागरूकता सत्र
पटना, 1 अगस्त। पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन (PMA) ने इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट (ISTD), पटना चैप्टर के सहयोग से...







