रूस ने जब सात महीने पहले यूक्रेन पर हमला किया था तब यूक्रेन में मेडि़कल की पढ़ाई कर रहे 20000 से अधिक भारतीय छात्रों को विशेष अभियान चलाकर वापस लाया गया था। इस वापसी को विशेष उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। इन छात्रों को भारत के मेडि़कल कॉलेजों में समायोजित करने के आश्वासन देते केंद्र सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को रोज ही टीवी पर देखा जा सकता था‚ लेकिन यूक्रेन से लौटे हजारों भारतीय मेडि़कल छात्रों की उम्मीदों को तब जोर का झटका लगा‚ जब केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि कानून के प्रावधानों के अभाव में इन विद्यार्थियों को भारतीय मेडि़कल कॉलेजों में समायोजित करना संभव नहीं है। यानी सीधे तौर पर उन छात्रों को किसी भी मेडि़कल कॉलेज में दाखिला नहीं दिया जा सकता है। केंद्र ने बृहस्पतिवार को दायर हलफनामे में बताया है कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की ओर से किसी भारतीय चिकित्सा संस्थान/विवि में एक भी विदेशी मेडि़कल छात्र को स्थानांतरित करने या समायोजित करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह हलफनामा उन छात्रों की याचिकाओं के जवाब में दायर किया गया है जो अपने संबंधित विदेशी मेडि़कल महाविद्यालयों/ विश्वविद्यालयों में पहले से चौथे वर्ष के बैच के मेडि़कल छात्र हैं‚ और भारतीय चिकित्सा महाविद्यालयों में स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि भारतीय चिकित्सा महाविद्यालयों में यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों के स्थानांतरण या समायोजन के बारे में कोई भी छूट‚ न केवल भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम‚ १९५६ और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम २०१९ के प्रावधानों का उल्लंघन करेगी‚ बल्कि देश में चिकित्सा शिक्षकों के मानकों को भी गंभीर रूप से बाधित करेगी। इस घटनाक्रम से हजारों मेडि़कल विद्यार्थियों को गहरी निराशा हाथ लगी है। इस फैसले पर कोविड़–१९ के प्रकोप के बाद चीन के विश्वविद्यालयों से लौटे हजारों छात्रों की भी नजरें लगी थीं। यूक्रेन से आए विद्यार्थियों के पास भी अब पढ़ाई पूरी करने के लिए युद्धग्रस्त यूक्रेन में वापस लौटने के सिवा कोई और चारा नहीं रह गया है। चौथे‚पांचवें और छठे वर्ष के छात्रों ने तो लौटना भी शुरू कर दिया है। यद्यपि उन्हें दुनिया के किसी भी देश के विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने की छूट दी गई है‚ लेकिन इस कार्य में भी तो अनेकों तकनीकी दिक्कतें हैं।
प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...







