ADVERTISEMENT
Monday, July 27, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

सवाल है सार्वजनिक जीवन में उचे मापदंड़ स्थापित करने का………

UB India News by UB India News
September 16, 2022
in कारोबार, खास खबर, हास्य - व्यंग
0
सवाल है सार्वजनिक जीवन में उचे मापदंड़ स्थापित करने का………
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

मशहूर होना‚ अमर होना (दुनिया से रुखसत होने के बाद भी यहां मौजूद रहने की ख्वाइश) इंसान की कुछ नौसर्गिक कमजोरियों में शुमार है। एक दौर में बादशाह अपने नाम के सिक्के चलवाते थे। अपवाद को छोड़़कर हर किसी की ये दिली तमन्ना रहती है। हुक्मरान बन जाने के बाद और बढ़ जाती है। ऐसे में जब कोई इन कमजोरियों के विपरीत आचरण करे तो ध्यान देना लाजिमी हो जाता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी कर्मचारियों को आवास आवंटित किए जाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में चाबियों पर अपनी तस्वीर पर आपत्ति जता दी।

सीतारमण ने सुझाव देते हुए कहा कि बेहतर होता कि आवंटियों की तस्वीर चाबी पर होती जिसे वे स्मृति चिह्न के तौर पर रखते। सीतारमण ने बाकायदा आवंटियों को चाबी सौंपने के दौरान चाबी को पलट दिया‚ जिससे उनकी तस्वीर न दिखे। जाहिर है चाबियों पर उनकी तस्वीर बगैर मर्जी के अंकित की गई थी‚ जिससे उन्होंने बहुत सलीके से खुद को अलग कर लिया। हाल में प्रधानमंत्री से लेकर कुछ प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की तस्वीरें विभिन्न सरकारी योजनाओं पर आने पर आलोचना हुई। इससे शासनकर्ता पर बहुत फर्क नहीं पड़़ता क्योंकि वो इसके लिए बाध्य नहीं है। यह पूर्णतः विवेक और नैतिकता का तकाजा है।

RELATED POSTS

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की तेजी………….

दरअसल‚ इसके पीछे का मनोविज्ञान मतदाता को उपकृत करने का है। यह अहसास दिलाने का कि ‘मैं’ आपको यह चीज दे रहा हूं जबकि लोकतंत्र में कोई भी शासक सिर्फ माध्यम होता है। अमूमन नेता सत्ता में आने के बाद राजा की मानसिकता से ग्रस्त हो जाते हैं। वो यह भूल जाते हैं कि वो जो कुछ जनता को देते हैं वो जनता का ही पैसा होता है। बेहतर प्रबंधन और निगरानी के लिए जनता उनका चुनाव करती है।

‘अमर’ होने की बीमारी दक्षिण भारत विशेषकर तमिलनाडु़ के नेताओं में इतनी ज्यादा है कि जीते जी अपनी मूर्ति लगवा लेते हैं। इस रोग से उत्तर भारत की एक दलित नेत्री भी अछूती नहीं रहीं। एक प्रधानमंत्री ने तो अपने शासनकाल में खुद को ही भारत रत्न दिलवा लिया था। ऐसे तमाम उदाहरण भरे पड़े़ हैं। खैर‚ मूल सवाल है सार्वजनिक जीवन में उचे मापदंड़ स्थापित करने का। भारतीय समाज ने संत को हमेशा राजा से ऊपर का दर्जा दिया है। उनका सम्मान किया है। अमरता प्रदान की है। समाज उन्हें ही याद रखता है‚ जिन्होंने कुछ किया‚ न कि गिनवाया। इसके विपरीत यदि किसी की सोच है‚ तो यकीनन ऐसी सोच जीवन की बड़़ी भूल है।

 

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

by UB India News
July 27, 2026
0

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...

बाजार ने लगाई बड़ी छलांग, सेंसेक्स 750 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 24,150 के पार

सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की तेजी………….

by UB India News
July 27, 2026
0

शेयर बाजार में आज यानी 27 जुलाई को बढ़त है। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,700...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

by UB India News
July 27, 2026
0

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा पीढ़ी यानी जेन-जी के प्रदर्शन के बाद पूरे देश...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

इस्तीफे अक्सर राजनीतिक संदेश होते हैं, करियर का अंत नहीं………………

by UB India News
July 27, 2026
0

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन के बाद अंतत: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

by UB India News
July 26, 2026
0

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से भी...

Next Post
भारतीय राजनीति को दागदार बना रहा दलबदल….

भारतीय राजनीति को दागदार बना रहा दलबदल....

बिहार को जातिवादी दृष्टिकोण से उबरने में अभी भी काफी वक्त लगेगा….

बिहार को जातिवादी दृष्टिकोण से उबरने में अभी भी काफी वक्त लगेगा....

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend