जदयू के प्रदेश कार्यालय में शनिवार को शुरू पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के कार्यकाल में किये गये विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि वर्ष २०२० के विधानसभा चुनाव में भाजपा के षड्यंत्र से हमारी सीटें कम हो गयीं। मैं स्वयं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था‚ पर उनके आग्रह पर तैयार हो गया‚ क्योंकि शुरू से ही बिहार का विकास मेरी प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २००५ में मुझे बिहार की सेवा करने का मौका मिलने के बाद से शिक्षा‚ स्वास्थ्य‚ सडक‚ बिजली और पानी –हर क्षेत्र में तथा अनुसूचित जाति‚ जनजाति‚ पिछडÃे–अतिपिछडे‚ अल्पसंख्यक वर्गों का कल्याण‚ महिला सशक्तीकरण व आर्थिक रूप से कमजोर अगडी जातियां‚ सबके लिए प्रभावकारी कार्य किये गये हैं। सर्वप्रथम बिहार में लागू साइकिल और पोशाक योजना का अनुकरण आज दूसरे राज्य भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमलोगों ने पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में तथा प्राथमिक शिक्षकों की बहाली में महिलाओं को ५० फीसद आरक्षण का लाभ दिया। पुलिस की बहाली एवं अन्य सरकारी नौकरियों में महिलाओं को ३५ प्रतिशत आरक्षण दिया गया। ग्रामीण महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के उद्ेश्य से स्वयं सहायता समूह का गठन जीविका के नाम से हुआ‚ बाद में इस योजना को केंद्र ने आजीविका के नाम से शुरू किया। हर घर बिजली पहुंचाने का काम वर्ष २०१८ में पूरा कर लिया गया। हमलोग समाज सुधार अभियान के तहत बाल–विवाह एवं दहेज–प्रथा के उन्मूलन एवं नशामुक्ति के लिए निरन्तर अभियान चला रहे हैं।
जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह विधान पार्षद उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि भाजपा हमारे दल को लगातार तोडने का प्रयास करती रही है। वर्ष २०२४ में जदयू उसे हाशिये पर लाने का काम करेगी। बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी बैठक को संबोधित किया। पार्टी के प्रदेश महासचिव मृत्युंजय कुमार सिंह ने विगत वर्ष में पार्टी द्वारा किये गए कार्यों का प्रतिवेदन प्रदेश कार्यकारिणी के समक्ष रखा। प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक मंजीत सिंह ने राजनैतिक प्रस्ताव को प्रस्तुत किया‚ जिसका समर्थन अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला ने किया। प्रस्ताव के समर्थन में मंत्री संजय झा‚ अशोक चौधरी‚ विधायक अजय चौधरी‚ मंगनी लाल मंडल‚ मौलाना गुलाम रसूल बलियावी‚ प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री लमेश्वर राय‚ पूर्व मंत्री रंजू गीता व जिलाध्यक्ष सियाशरण ठाकुर सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने भी अपनी बातों को रखा। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। बैठक में बिहार के मंत्रीगण‚ सांसद‚ विधायकगण‚ राष्ट्रीय पदाधिकारीगण पूर्व सांसद‚ पूर्व विधायकगण सहित राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित थे।







