बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग की स्क्रूटनी की प्रक्रिया में कुल 13 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अलग-अलग तकनीकी कमियों के कारण खारिज कर दिए गए. इस कड़ी में जनशक्ति जनता दल यानी जेजेडी (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को तब बड़ा झटका लगा जब, उनकी प्रत्याशी वीणा मानवी का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने स्क्रूटनी (छंटनी) के दौरान पाया कि नामांकन पत्र पर 10 प्रस्तावकों की जगह केवल 9 के हस्ताक्षर थे, जिसके चलते निर्वाचन अधिकारियों ने उनका पर्चा निरस्त कर दिया. ऐसे में अब बांकीपुर उपचुनाव में कुल 14 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र निरस्त किए गए. इनमें छह निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि बाकी उम्मीदवार विभिन्न छोटे राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ रहे थे.
10 की जगह मिले सिर्फ 9 हस्ताक्षर, नियम भारी पड़ा
निर्वाचन अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव में वीणा मानवी के नामांकन पत्र की बारीकी से जांच की गई थी. चुनाव आयोग के वर्तमान नियमों के अनुसार, किसी भी मान्यता प्राप्त दल से अलग या क्षेत्रीय पार्टी के प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर कम से कम 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता है. लेकिन जब वीणा मानवी के पर्चे की जांच हुई, तो उसमें केवल 9 प्रस्तावकों के ही सिग्नेचर पाए गए. सिर्फ एक हस्ताक्षर कम होने की इस मामूली लेकिन गंभीर तकनीकी चूक के कारण चुनाव आयोग ने उनके आवेदन को त्रुटिपूर्ण माना और उनका नॉमिनेशन फॉर्म तुरंत निरस्त कर दिया.
दस्तावेज में गड़बड़ी और अधूरी जानकारी बनी वजह
निर्वाचन कार्य से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नामांकन पत्र रद्द होने के पीछे कई प्रमुख वजहें होती हैं. इनमें हलफनामे में गलत जानकारी देना, महत्वपूर्ण वित्तीय या आपराधिक तथ्यों को छिपाना, आवेदन पत्र का अधूरा या त्रुटिपूर्ण होना और चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित अन्य कड़े मानकों पर खरा नहीं उतरना शामिल है. इन सभी कमियों के कारण इन प्रत्याशियों का चुनाव लड़ने का सपना टूट गया है.
तेज प्रताप यादव और उनकी पार्टी को बड़ा झटका
बता दें कि महिला विंग की प्रमुख और प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को चुनाव मैदान में उतारकर तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल इस सीट पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती थी. वीणा मानवी के नामांकन के बाद पार्टी कार्यकर्ता बेहद उत्साहित थे, लेकिन महज एक सिग्नेचर की लापरवाही ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया. इस तकनीकी चूक के कारण तेज प्रताप यादव की पार्टी अब बांकीपुर के इस महामुकाबले से पूरी तरह बाहर हो गई है, जिससे जेजेडी खेमे में भारी मायूसी का माहौल है. वहीं, अब इस हाई प्रोफाइल सीट के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं.