राज्य सरकार ने मंगलवार को सोन नदी सहित पांच नदियों की उच्च गुणवत्ता वाले बालू की ‘रॉयल्टी’ दर में प्रतिघन मीटर सौ प्रतिशत वृद्धि करने को स्वीकृति प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल आठ एजेंड़ों पर निर्णय लिये गये। बैठक के बाद मंत्रिमंड़ल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि पांच नदियों सोन‚ किऊल‚ फल्गू‚ चानन एवं मोरहर में उपलब्ध बालू की गुणवत्ता उच्च होने के कारण निर्माण कार्यों में इसकी मांग अधिक है। उन्होंने बताया कि इन नदियों में उपलब्ध बालू की ‘रॉयल्टी’ (स्वामिस्व) दर में 75 रुपये से वृद्धि करके 150 रुपये प्रतिघन मीटर करने को मंत्रिमंड़ल द्वारा स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि इससे राजस्व में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि अन्य नदियों के बालू‚ जो भराई आदि के काम में आते हैं‚ उनकी दर पहले की तरह ७५ रुपये प्रति घन मीटर ही रहेगी। सिद्धार्थ ने कहा कि बताया कि खान एवं भूतत्व विभाग के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों के लिए नये बालू घाटों की बंदोबस्ती ई–नीलामी से कराने के लिए प्रथम वर्ष के लिए सुरक्षित जमा राशि का निर्धारण जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में आंकलित खनन योग्य बालू की मात्रा एवं ‘रॉयल्टी’ दर के आधार पर किये जाने की मंत्रिमंड़ल द्वारा मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि पिछडा एवं अति पिछडा कल्याण विभाग के तहत संचालित १२ एवं प्रस्तावित २७ स्कूल अर्थात कुल ३९ पिछडा वर्ग कन्या आवासीय प्लस २ उच्च विद्यालय के लिए विभिन्न कोटि के १३६५ पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। इनमें १०९२ शैक्षणिक और २७३ गैर शैक्षणिक पद हैं। इस पर सरकार को हर वर्ष ४९ करोड ४९ लाख ५१हजार ५०० रुपए का खर्च आयेगा। मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष २०२२–२३ में समग्र शिक्षा अभियान योजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के वेतन आदि के भुगतान के लिए केंद्रांश की राशि कम उपलब्ध होने के कारण अपने हिस्से से राशि जारी करने का निर्णय लिया। इस स्कीम के तहत शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए ९४ अरब ४० लाख रुपए की सहायक अनुदान की मंजूरी दी गई। राज्य मंत्रिपरिषद ने मधुबनी में बिहुल नदी पर बीयर प्रोजेक्ट के लिए ६८ करोड ६४ लाख ६३००० रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। श्री सिद्धार्थ ने बताया कि वर्ष २०२३ के लिए सरकारी कार्यालयों में अवकाश और नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत अवकाश की घोषणा की स्वीकृति दी गई। बैठक में कृषि विभाग में संविदा पर नियोजित कर्मियों के लिए मानदेय एवं ईपीएफ की राशि‚ बामेती परिसर का प्रबंधन‚ सुरक्षा एवं प्रसार कार्यक्रम के लिए ३३ करोड ६२ लाख ९६ हजार ६०० रुपए की योजना के कार्यान्वयन तथा निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है।
बाजार में उपलब्धता के आधार पर अब जिले तय करेंगे बालू की दर
बाजार में बालू की उपलब्धता के आधार पर जिला के स्तर पर बाजार में मिलने वाली बालू की कीमत निर्धारित की जाएगी। अनुममंडलीय स्तरीय समिति द्वारा तैयार एवं सिया से अनुमोदित बालू घाटों का बंदोबस्त शुल्क अलग से निर्धारित किया जाएगा। बालू घाटों की 5 वर्ष के लिए बंदोबस्ती ई-नीलामी से करने तथा इन घाटों से पहले वर्ष के लिए सुरक्षित जमा का निर्धारण जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया है।
बालू घाटों की ई नीलामी इस वर्ष 5 साल के लिए की जाएगी। साथ ही साथ बालू की मात्रा और घाटों की स्थिति को देखते हुए दर तय करने का भी फैसला लिया गया है। बालू घाटों से ली जाने वाली सुरक्षित जमा राशि का निर्धारण अलग से होगा। उन्होंने कहा कि अब इन्वायरनमेंट क्लियरेंस के हिसाब से माइनिंग एरिया तय हो रही है। माइनिंग एरिया में बालू की माइनेबुल क्वालिटी के आधार पर बंदाबस्ती की नीलाम राशि तय होती है। वर्ष 2019 यानी तीन वर्ष बाद रॉयल्टी दर में संशोधन किया गया है।
आम आदमी पर क्या होगा असर
1. निर्माण से जुड़ी सामग्री महंगी होगी, लोगों की जेब पर भार
2. मकान बनाना महंगा होगा,अन्य निर्माण कार्य भी प्रभावित होंगे
3. रीयल एस्टेट के प्रोजेक्ट महंगे होंगे, फ्लैट के दाम बढ़ेंगे
अन्य फैसले
2.64 लाख शिक्षकों के लिए 9400 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने राज्य के 2.64 लाख शिक्षकों के वेतन के लिये 9400 करोड़ की मंजूरी दे दी है। इससे समग्र शिक्षा अभियान के नियोजित शिक्षकों के वेतन, बकाया वेतन और अंतरवेतन का भुगतान होगा।
भागलपुर का बिहार रेशम व वस्त्र संस्थान अब राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बनेगा। 39 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू के लिए भी मंजूर किए गए 49.49 करोड़।







