करीब एक साल के बाद कोरोना वायरस फिर से ड़राने लगी है। तेजी से बढते मामले और मौतों की संख्या से सरकार‚ स्वास्थ्य विशेषज्ञ और जनता हलकान है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो अगस्त माह में अब तक कोविड़ के कारण ४० लोगों की मौत हो चुकी है‚ जबकि जुलाई के आखिरी १० दिन में इस खतरनाम विषाणु ने १४ लोगों की जान ली थी। यानी खतरा कम नहीं हुआ है बल्कि फिर तेजी से पैर पसार रहा है। जानकारी है कि ओमीक्रोन के नये उप रूप (वैरियेंट) बीए २.७५ के कारण संक्रमण बढ़ रहा है। हालांकि राहत की बात है कि शुरुआती अध्ययन में इसके हल्के लक्षण ही दिख रहे हैं। फिर भी हमें सतर्क रहने की दरकार है। रक्षाबंधन में जिस तरह से बाजारों में भीड़़ दिखी‚ वह चिंता बढ़ाने वाली है। अभी तो कई सारे त्योहार आने बाकी हैं। इस वक्त अगर संयम और सजगता नहीं बरती गई तो आने वाले वक्त में हालात ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। विशेषज्ञ भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लोग लापरवाह हैं। अधिकांश लोग न तो मास्क लगाते हैं और न उन दिशा–निर्देश का पालन कर रहे हैं‚ जो स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया। स्वाभाविक है‚ अगर सावधानी नहीं बरती गई तो हालात और ज्यादा विकट होंगे। बुजुर्गों और सांस की बीमारी वालों के लिए स्थिति ज्यादा गंभीर और ड़राने वाली है। इसलिए इन्हें हर हाल में सचेत रहना होगा। हो सके तो जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है‚ सरकार के स्तर पर उनकी तलाश की जाए और उन्हें टीका लगाने के लिए राजी किया जाएगा। हालांकि इतने बड़े़ देश में यह काफी मुश्किल काम है‚ फिर भी इसे युद्धस्तर पर करने के फायदे मिलेंगे। वहीं कई लोगों ने बूस्टर ड़ोज नहीं लगवाया है। ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें भी इसके लिए प्रोत्साहित किया जाए। इतना तोे स्पष्ट है कि इस वैश्विक महामारी को तभी हराया जा सकता है जब हम अपने स्तर पर मजबूत बनें। और इसके लिए सभी को अनुशासित होना होगा और उन उपायों को अमल में लाना होगा‚ जिससे इस बीमारी को भोथरा किया जा सके। ड़र की बात यह भी है कि जब दिल्ली में नियम–कायदों की अनदेखी हो रही है तो बाकी राज्यों की स्थिति क्या होगी‚ इसकी कल्पना ही की जा सकती है। अब भी वक्त है‚ सरकार को कड़े़ कदम उठाने होंगे। चूंकि आने वाले महीने में कई सारे पर्व–त्योहार हैं। इस वजह से हर किसी को ईमानदारी से प्रयास करने होंगे‚ वरना नुकसान कहीं ज्यादा होगा।
राज्यसभा में पास हुआ वंदेमातरम बिल, राष्ट्रीय गीत का अपमान करना अब पड़ेगा भारी
राज्यसभा में वंदेमातरम बिल पास हो गया है. बता दें कि इस बिल को 24 जुलाई को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री...






