बिहार की राजनीति के लिए मंगलवार का दिन काफी उथल-पुथल वाला रहा. सूबे में सत्ता का समीकरण बदल गया है. गठबंधन के साथी भी बदल गए. मुख्यमंत्री का चेहरा समान है, बाकी सबकुछ बदल गया है. नीतीश कुमार ने NDA से नाता तोड़ते हुए एक बार फिर से महागठबंधन से रिश्ता जोड़ लिया है. नीतीश कुमार बतौर एनडीए मुख्यमंत्री 9 अगस्त को इस्तीफा देते हुए नए सिरे से सरकार बनाने का दावा पेश किया. इसके साथ ही नई कैबिनेट को लेकर भी कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल को लेकर फॉर्मूला भी तय कर लिया गया है. इसके तहत भाजपा के कोटे वाला मंत्री पद राजद के हिस्से जाएगा. वाम दलों को भी इसमें भागीदारी का मौका मिलेगा.
जानकारी के अनुसार, बिहार के नए मंत्रिमंडल के विस्तार का फॉर्मूला तय कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि राजद, कांग्रेस और वाम दलों के पास भाजपा कोटे का मंत्री पद जाने की संभावना है. वहीं, जेडीयू के पास वे सभी विभाग रह सकते हैं, जो जनता दल यूनाइटेड के पास ही रहेंगे. इससे पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि तेजस्वी यादव ने गृह विभाग की मांग की थी, लेकिन जिस फॉर्मूले की बात की जा रही है उसके तहत गृह विभाग नीतीश कुमार के पास ही रह सकता है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री के तौर पर तेजस्वी यादव बुधवार दोपहर बाद शपथ लेने वाले हैं.
नीतीश कुमार आज 8वीं बार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
नीतीश कुमार बुधवार को 8वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में दोपहर बाद 2 बजे आयोजित किया जाएगा. तेजस्वी यादव भी उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. बताया जा रहा है कि इसके बाद कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, कैबिनेट का स्वरूप कैसा होगा, इसको लेकर महागठबंधन के घटक दलों ने फॉर्मूला तय कर लिया है. इसमें सभी दलों का ख्याल रखा जाएगा.
भाजपा के पास कौन-कौन विभाग था?
महागठबंधन की सरकार के समय तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बने थे और पथ निर्माण विभाग उनके पास था. भाजपा के पास जिन विभागों का जिम्मा था वह राजद और कांग्रेस को मिल सकता है. इसमें स्वास्थ्य, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण, पशु एवं मत्स्य संसाधन, कृषि, वित्त, श्रम संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी, नगर विकास उद्योग विभाग, पंचायती राज विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन विभाग, कला संस्कृति एवं भूतत्व, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, राजस्व एवं भूमि सुधार और गन्ना उद्योग विभाग शामिल हैं.







