नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं। नीतीश कुमार ने फिर से भाजपा का साथ छोड़ दिया है। तेजस्वी यादव की पार्टी के लिए सबसे अधिक फायदेवाली बात यह कि उनकी नजर 2014 में होने वाले लोक सभा चुनाव पर है। पिछले लोकसभा चुनाव में राजद को एक भी सीटें नहीं आई थीं। राजद बिहार में जदयू के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद खुद को ताकतवर बनाने में तेजी से जुटेगी।
चुनौती- 1- विभिन्न योजना मद में आने वाली केन्द्रीय राशि में उदासी आ सकती है
राजद नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन की बैठक में कहा कि हमने चुनाव के समय जनता के साथ जो वादा किया है उसे पूरा करेंगे। यानी नई सरकार में नौकरियां का पिटारा खुलता है तो इसका क्रेडिट तेजस्वी यादव को जाएगा। खाली पदों को भरने को लेकर नीतीश सरकार पैसे की कमी की बात घुमा-फिरा कर करती रही है। इसलिए सरकार के लिए चुनौती होगी कि वेतन के इतने पैसे कहां से आएंगे! केन्द्र सरकार विभिन्न योजना मद में जो राशि खुले मन से बिहार को भेज रही थी उसमें उदासी आ सकती है।
चुनौती-2- राज्य सरकार कैसे महंगाई कम करती है सबकी नजर होगी
महंगाई को लेकर तेजस्वी यादव केन्द्र के साथ-साथ राज्य सरकार को भी घेरते रहे हैं। अब जब वे सरकार में आ रहे हैं तो यह बड़ा चैलेंज होगा कि कैसे वे राज्य सरकार से जुड़े वैसे टैक्स को कम करते हैं जिसको नीतीश कुमार नहीं कर सके हैं। पेट्रोल की दर इसका बड़ा उदाहरण है। अब भाजपा का दबाव होगा कि अपनी मांग को तेजस्वी पूरा करें।
चुनौती- 3- सीबीआई या ईडी की दबिश और तेज हो सकती है लालू परिवार पर
नीतीश कुमार ने 2017 में तेजस्वी यादव का साथ उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए छोड़ा था। नीतीश ने तेजस्वी को इसे स्प्ष्ट करने को कहा था। इसके बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी थी। अब भाजपा भी सवाल उठा रही है कि तेजस्वी का साथ क्यों छोड़ा था, याद कीजिए।
लालू परिवार पर पहले ही सीबीआई या ईडी की नजर है। राबड़ी देवी के आवास से लेकर मीसा भारती के दिल्ली आवास तक छापेमारी हुई थी। लालू प्रसाद के नजदीकी पूर्व विधायक भोला यादव की तो ईडी ने गिरफ्तारी ही कर ली और उनके कई ठिकानों पर छापेमारी भी की।
अब बहुत संभव है कि सीबीआई और ईडी की दबिश लालू परिवार पर तेज हो। लालू परिवार के अन्य करीबी पर भी ईडी की नजर टेढ़ी हो सकती है। राज्य सरकार बदले में किस तरह की कार्रवाई करती है यह दिख सकता है। पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति तो नहीं हो जाएगी !







