फुलवारीशरीफ में जेहादियों की ट्रेनिंग व उनके पाकिस्तान सहित दूसरे देशों से संबंधों की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) करेगी. इसको लेकर गृह मंत्रालय के स्तर पर निर्णय हुआ है. फिलहाल इस मामले की जांच पटना पुलिस कर रही है, जिसमें बिहार पुलिस की एटीएस (आतंक निरोधी दस्ता) सहित कई केंद्रीय एजेंसियां उनका सहयोग कर रही हैं. मामले में बिहार पुलिस की एसआइटी ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) और सोशल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ इंडिया (एसडीपीआइ) से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके पाकिस्तान, बांग्लादेश, यमन सहित कई देशों के कट्टरपंथियों से संबंधों की जानकारी मिली है. एनआइए उनके इन संबंधों की विस्तार से पड़ताल करेगा. इस केस में हवाला के जरिये पैसों के लेन-देन मामले की जांच पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (इडी) संभाल रही है.
गृह मंत्रालय के काउंटर टेररिज्म एवं काउंटर रेडिकलाइजेशन डिविजन की ओर से एक दिन पहले ही इस बाबत निर्देश जारी किया था। एएनआइ के अनुसार एनआइए ने शुक्रवार रात (22 जुलाई) को आइपीसी एवं गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिहार पुलिस की एसआइटी कर रही थी जांच
बता दें कि फुलवारीशरीफ माड्यूल की जांच बिहार पुलिस की एसआइटी संभाल रही थी। इसमें एटीएस समेत अन्य एजेंसियां सहयोग कर रही थी। 11 जुलाई को मामले का पर्दाफाश होने के बाद से ही एनआइए, रा और आइबी के अधिकारी भी इस मामले पर नजर रख रहे थे। अब गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद नए सिरे से पूरे मामले की जांच एनआइए करेगी। देश विरोधी गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ने के बाद से ही उम्मीद की जा रही थी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की कमान एटीएस या एनआइए संभाल सकती है। पटना के एसएसपी डा. एमएस ढिल्लों ने दो दिन पूर्व एटीएस से इसकी जांच के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय को पत्र भी लिखा था।
पीएम के आगमन के एक दिन पहले खुला था राज
गौरतलब है कि पटना के फुलवारीशरीफ से रची जा रही साजिश के तार पाकिस्तान समेत कई देशों से जुड़ने की बात अब तक की जांच में सामने आ चुकी है। पीएफआइ, एसडीपीआइ के बाद गजवा ए हिंद और आइएसआइ की एंट्री का पता भी चला है। इस साजिश का पता पीएम नरेंद्र मोदी के पटना आगमन के एक दिन पूर्व 11 जुलाई को चला था। पटना के एएसपी ने फुलवारीशरीफ में एडीपीआइ और पीएफआइ के कार्यालय में रेड की। वहां से झारखंड पुलिस के रिटायर्ड दारोगा जलालुद्दीन को अतहर को पकड़ा गया। प्राथमिक सूचना थी कि पीएम के कार्यक्रम के दौरान गड़बड़ी की साजिश रची जा रही है। पुलिस ने जब दोनों को पकड़ा तब षडयंत्र कितना बड़ा है यह बात सामने आई।







