पटना में झमाझम बारिश हो रही है। बुधवार देर रात करीब 2 बजे से लगातार बारिश रही है। लगातार दूसरे दिन बारिश से राजधानी के कई इलाकों में जलजमाव हो गया है। बिहार में पिछले 24 घंटे में 37.9 MM यानी सामान्य से 254% अधिक बारिश हुई है। पटना में 4.4 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। राज्य में सबसे अधिक बारिश अररिया में हुई। यहां 134.5 MM बारिश रिकॉर्ड की गई।
बिहार में एक साथ दो हवाओं का सिस्टम सक्रिय है। इसके साथ ही चक्रवाती हवाओं का प्रभाव राजस्थान से बंगाल खाड़ी तक बना हुआ है। इसकी वजह से बिहार के सभी जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार है।
आषाढ़ मे लंबे इंतजार के बाद बुधवार को राजधानी में बादल झूम कर बरसे। सुबह से शाम तक करीब डे़ढ़ इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं‚ आइंदा दो–तीन रोज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। लंबे इंतजार के बाद बारिश से किसानों के मुरझा रहे चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई। वहीं‚ शहर के लोगों को भी भीषण उमस से निजात मिली।
मौसम विभाग के मुताबिक‚ राजधानी में बुधवार को सुबह से रात तक ३७ मिली लीटर बारिश दर्ज की गई। जो कि इस माह का एक दिन में सर्वाधिक है। मौसम विभाग ने अपने अनुमान में कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कल और परसों भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक–रुक कर बारिश होती रहेगी। वहीं‚ उसके बाद गरज–चमक औअर तेज वहां के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है।
दिनभर हुई बारिश के चलते शहर का तापमान लुढक कर साकान्य से नीचे आ गया। बुधवार को अधिकतम तापमान २८.२ डि़ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि समान्य से छह डि़ग्री कम है। इसी तरह न्यूनतम तापमान २६.२ डि़ग्री सेल्सियस दर्ज किया जो कि समान्य से एक डि़ग्री कम है। आने वाले कुछ दिनों तक तापमान ३० डि़ग्री के आसपास ही रहने का अनुमान है।
२००० में हुई थी जून में सबसे ज्यादा बारिश
पटना में जून माह में सबसे ज्यादा बारिश का रिकार्ड़ २००० में दर्ज किया गया था। तब माह भर में ३८१०.५ मिली लीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसी तरह २४ घंटों में सर्वाधिक बारिश ३० जून १९९७ को दर्ज की गई । तब २४ घंटों में २०५.४ मिली लीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसी तरह जून माह में अधिकतम तापमान का रिकार्ड़ नौ जून १९६६ को दर्ज किया गया था। शहर का अधिकतम तापमान ४६.६ डि़ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं‚ न्यूनतम तापमान १९.३ डि़ग्री सेल्सियस ०५ जून १९९६ को दर्ज किया गया था।
राजधानी में जलजमाव न हो सरकार लाख दावा भले कर ले लेकिन बुधवार की बारिश ने नगर निगम की सारी तैयारियों की पोल खोल कर रख दी। राजधानी पटना मे हल्की सी बारिश और सडक पर अधूरे निर्माण की बजह से पटना की स्थिति नारकीय हो गई है । सरकार के लाख दावे के बावजूद सडक पर अधूरे निर्माण कार्य के कारन लोगो को परेशानी उठानी पड रही है । वहीं‚ बारिश के बाद बेली रोड़़ पर भीषण जाम लग गया। नतीजतन आसमापास के अन्य सड़कों पर जाम लगया। इसके चलते लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
अशोक राजपथ‚ करबिगहिया‚ राजेंद्रनगर के साथ कई इलाकों में लोगो को जल जमाव का सामना करना पडा। रोड के दोनों साईड गो में कई लोग जा गिरे कुछ को चोट आई तो कई गाडियां कीचड़ में फंस गई। अशोकराज पथ जहां नमामि गंगे परियोजना के तहत रोड के दोनों साईड गा खोद कर छोड दिया गया है जिसके कारण थोडे से ही बारिश होने पर उसी गे में रोड पर पैदल चलने वाले या फिर मोटरसाईकिल‚ ऑटो‚ रिक्शा फंस जा रहा है।
दूसरी तरफ पाटलिपुत्रा में भी बच्चों को स्कूल छुट्टी के समय रोड पर पानी भर जाने के कारण काफी दिक्कत का सामना करना पडा। जल जमाव के कारन दोनों साइड रोड जाम हो चुका था जिससे अभिभावक भी काफी परेसान दिखे। लोयला स्कूल के सामने‚ बीएसएन एक्सचेंज‚ पाटलिपुत्र कॉलोनी‚ न्यू पाटलिपुत्रा में भी जल भराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पडा।
मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार यानी आज पटना, गया, नालंदा,शेखपुरा, जहानाबाद, नवादा, बेगुसराय, लखीसराय, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, सारण गोपालगंज जिले के अनेक स्थानों पर भारी बारिश के आसार है। इनमें से कई जिलों में आज सुबह ही बारिश हो रही है।
वहीं सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया जिले के कुछ स्थानों पर भी बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक 15 दिनों के बाद बिहार में दो हवाएं एक साथ सक्रिय हुई हैं। जिसमें उत्तर बिहार में पूर्व और दक्षिण-पूर्व और दक्षिण बिहार में पछुआ हवाओं का प्रभाव है। जिसकी वजह से बिहार के सभी हिस्से में बारिश का सिस्टम सक्रिय है। इसके साथ ही तेज हवा, वज्रपात का भी असर दिखाई देगा।
वज्रपात ने पिछले 2 दिनों में 21 लोगों की ली जान
मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक बिहार के सभी जिलों में बारिश के साथ-साथ वज्रपात की आशंका जताई है। वज्रपात ने बिहार में शोक का माहौल कर दिया है। मंगलवार जहां बिहार के 7 जिलों में वज्रपात से 16 लोगों की जान गई थी। वहीं बुधवार को 4 जिलों में 5 लोगों की जान गई हैं। मुख्यमंत्री ने उन सभी के परिवार को 4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात भी कही है।

दिन का पारा छह डिग्री गिरा
पटना में मानसून की एंट्री के बाद पहली बार लगातार पांच घंटे तक हल्की बारिश होती रही। इस दौरान 12 से 19 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थी। जिसके कारण दिन का पारा सामान्य से 6 डिग्री और रात का तापमान सामान्य से एक डिग्री नीचे रहा। इसके साथ ही आर्द्रता 92 फीसदी तक पहुंच गई है। इसके प्रभाव से तीन दिनों तक बारिश होने के आसार हैं।
पटना के आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश, वज्रपात होने का अनुमान है। पटना में बुधवार को अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री होने के आसार हैं।
पूर्व और दक्षिण-पूर्व हवाओं का दिख रहा प्रभाव
मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में एक बार फिर से पूर्व और दक्षिण-पूर्व हवाओं का प्रभाव दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही एक ट्रफ रेखा पूर्व से पश्चिम पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल होते हुए ओडिशा और बंगाल की खाड़ी तक जा रही है, जिसका सक्रिय सतह से 900 मीटर ऊपर तक है।
इसकी वजह से बिहार के उत्तरी क्षेत्र के पूर्वी-पश्चिम चंपारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, शिवहर सहित 28 जिलों में मध्य दर्जे की बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान पूर्वी-पश्चिम चंपारण, सीवान, गोपालगंज भारी बारिश होने की संभावना है।







