भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव ललन चौधरी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि हमारी पार्टी का स्पष्ट मत है कि केन्द्र सरकार अग्निपथ योजना के नाम पर न सिर्फ नौजवानों की जिंदगी से खेलना चाहती है बल्कि देश के सेना की मान्य परम्परा‚ गरिमा और उसकी क्षमता को ही समाप्त करने की साजिश कर रही है। मु_ी भर कारपोरेट जगत की सेवा के लिए तथा अपनी रोजगार विरोधी चरित्र‚ तमाम क्षेत्रों में उसकी विफलता को छिपाने के लिए सारा दोष विपक्षी दलों पर डालने का अनर्गल प्रलाप कर रही है। करोडों रोजगार देने की उसके जुमले के बाद इस योजना ने पूरे देश को आक्रोषित कर दिया है‚ जो सबसे खतरनाक काम किया है‚ वह है‚ सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों को एक राजनेता एवं स्टार प्रचारक के रूप में उतारना‚ जिसे किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता है। क्योंकि सेना और सरकार का कार्य एवं जबावदेही अलग–अलग है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय एवं अन्य नेताओं द्वारा सेना से प्रशिक्षण प्राप्त देा के युवाओं को चौकीदारी के लिए रखने की बात सेना का घोर अपमान एवं निन्दनीय है। श्री चौधरी ने कहा कि पार्टी हिंसक आंदोलन का समर्थन नहीं करती है पर हम इसे कतई बर्दात नहीं कर सकते कि युवाओं के भविष्य एवं उनके सम्मान के साथ खिलवाड हो। जिस तरह २ करोड रोजगार‚ १५ लाख खाते में भेजना‚ नौकरी का प्रतिदिन कम होते जाना‚ बहाली पर रोक ने युवकों में सरकार के प्रति अविवस पैदा कर दिया है। रही–सही कसर तमाम सरकारी कारखानों को बेचने की सरकारी नीति से देश के युवकों के तमाम आषाओं पर पानी फिर गया। हम स्पष्ट कहना चाहते हैं कि केन्द्र सरकार आरएसएस के एजेण्डों को लागू करने के लिए देा में अराजकता पैदा कर जनतांत्रिक आंदोलनों को कुचलने की राह पर आगे बढ रही है। पार्टी‚ केन्द्र सरकार से मांग करती है कि अविलम्ब अगिपथ योजना वापस लें। पार्टी‚ अपनी तमाम इकाइयों को निदæश देती है कि जनतांत्रिक आंदोलनों के माध्यम से विरोध कार्रवाई को तेज करें॥।
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
UGC की नई नियमावली ने देश सहित बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। अपर कास्ट के बढ़ते आक्रोश...







