बिहार विधान परिषद की ७ सीटों के लिए चुनाव में सभी सात उम्मीदवारों को सोमवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। नवनिर्वाचित सभी सात प्रत्याशियों को विधान परिषद की सदस्यता का प्रमाण–पत्र भी सौंप दिया गया। बताया जाता है कि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि पर किसी भी उम्मीदवार द्वारा नाम वापस नहीं लेने की स्थिति में सभी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। सर्वाधिक तीन सीटें राजद के हिस्से में आयीं। राजद की ओर से अशोक कुमार पांडेय‚ मुन्नी रजक और कारी सोहेब‚ जबकि जदयू के दो उम्मीदवारों आफाक अहमद खान और रवींद्र प्रसाद सिंह और भाजपा के हरि सहनी और अनिल शर्मा का निर्वाचन हुआ है। इन सदस्यों का कार्यकाल २२ जुलाई से अगले छह वर्षों के लिए मान्य होगा। निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंपे जाने के दौरान एनड़ीए उम्मीदवारों के साथ भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। इसके बाद जदयू के नवनिर्वाचित सदस्यों ने निर्वाचन प्रमाण–पत्र के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एक‚ अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित रवींद्र प्रसाद सिंह एवं अफाक अहमद को विधान परिषद के सदस्य के रूप में निर्वाचित होने पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। वहीं राजद उम्मीदवारों के साथ तेजस्वी यादव या अन्य कोई बडा नेता नहीं दिखा। भले ही राजद के सबसे ज्यादा ३ उम्मीदवार एमएलसी बनने में कामयाब रहे‚ बावजूद इसके विधान परिषद में सबसे बडे दल के रूप में जदयू ही होगा। २ उम्मीदवारों के जीतने के बाद जदयू के एमएलसी की संख्या २५ हो गई‚ जो अभी २८ है। दरअसल‚ जिन ७ सीटों पर चुनाव हुआ‚ उनमें जदयू के ५ सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वहीं एक भाजपा और एक वीआईपी के सदस्य हैं। ऐसे में जदयू को २ सीटें जीतने पर ३ सीटों का नुकसान हुआ है‚ जबकि भाजपा को एक सीट का फायदा हुआ है। सबसे बडा फायदा राजद को हुआ है‚ जिसने तीन सीटों पर कब्जा किया है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बताया जा रहा...







