जातीय जनगणना को लेकर भले कैबिनेट के फैसला ले लिया गया हो लेकिन, इस पर प्रतिदिन राजनीति हो रही है। अभी जातीय जनगणना का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। तेजस्वी यादव ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव जाति जनगणना का क्रेडिट ले रहे हैं। उन्होंने यह क्रेडिट अपने पिता लालू यादव को दिया साथ खुद भी श्रेय लिया है। उन्होंने ताबड़तोड़ कई ट्वीट करके यह कहा कि उनकी यह लंबी मांग थी जो अब बिहार सरकार ने मान ली है। अब यह उनकी जीत है। इस बात पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजी नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सधे शब्दों में कहा कि यह उनकी पुरानी मांग थी और इच्छा थी कि जातीय जनगणना हो।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि जाति आधारित गणना के लिए तैयारी में कम से कम एक माह लगेगा। इसके बाद गणना का काम आरंभ होगा। एक-एक चीज की गणना होगी। आर्थिक स्थिति के बारे में भी जानेंगे। विधानसभा परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के निरीक्षण के बाद लौटने के क्रम में संवाददाताओं से बातचीत के क्रम में सीएम ने यह बात कही।
जातीय गणना के आएंगे अच्छे परिणाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित गणना की पूरी तैयारी संबंधित विभाग कर रहा है। जिन लोगों को इसके लिए काम करना है उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाना है। हर समुदाय व धर्म से जुड़े लोगों की गणना होगी। बहुत अच्छे ढंग से इसे किया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों को बराबर इसके बारे में जानकारी देते रहेंगे ताकि लोग यह बता सकेंगे कि किस तरह से कहीं-कहीं और भी कुछ काम होना चाहिए। लोगों का सुझाव भी लेते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने तो 1990 में ही इसकी बात की थी पर यह हो नहीं सका। देखिएगा, जाति आधारित गणना के बहुत अच्छे नतीजे आएंगे। कश्मीर में बिहारी कामगार की हुई हत्या के संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों से जिस प्रकार की भी सहायता संभव होगी वह करेंगे। अपनी तरफ से हर तरह की सहूलियत देंगे।
राजद के रिपोर्ट कार्ड पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले क्या था और अब क्या है
बिहार में एनडीए सरकार के कामकाज पर राजद (RJD) द्वारा रिपोर्ट कार्ड लाए जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब उनकी प्रतिक्रिया पूछी गयी तो उन्होंने कहा कि हमलोग को काम करने वाले लोग हैं, प्रचार करने वाले नहीं। जब से हमलोगों ने बिहार का काम संभाला, कितना काम हुआ है उसे देख लीजिए। पहले क्या था और अब क्या है? वैसे किसी भी पार्टी को अपनी बात कहने का अधिकार है।
रोहिंग्या की गणना पर नीतीश ने कहा- पता नहीं
हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब यह सवाल किया गया बीजेपी के तरफ से यह कहा जा रहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों की फिर से जनगणना कराई जाए तो मुख्यमंत्री ने इस सवाल को टाल दिया और बस इतना कहा कि ‘पता नहीं’ कह कर चल दिए।
विपक्षी दल है तो कुछ करेगा ही – नीतीश
उधर, तेजस्वी यादव 5 जून को बिहार सरकार के खिलाफ रिपोर्ट कार्ड पेश करने वाले हैं। पिछले 15 सालों में बिहार सरकार ने क्या काम किया है। इस पर अपनी रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में सवाल किया गया तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विपक्ष के लोग कुछ ना कुछ तो करेंगे ही। लेकिन, 2005 से लेकर अब तक बिहार के लिए हमने क्या कुछ किया है यह सब लोगों के सामने है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपील की है कि आप भी पता कीजिए कि हमने क्या कुछ किया है और लोगों के सामने दिखाइए कि हमने किस तरह से विकास के काम किए हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि बाकी चीजों पर हम ध्यान देते नहीं हैं कौन क्या बोलता है इसका कोई मतलब नहीं है।







