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समर्थ नेतृत्व से समृद्ध भारत का निर्माण ………….

UB India News by UB India News
June 4, 2022
in Lokshbha2024, ब्लॉग
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समर्थ नेतृत्व से समृद्ध भारत का निर्माण ………….
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खेल का मैदान हो या व्यावसायिक संस्थान या फिर कोई संगठन, एक अच्छी टीम महत्त्वपूर्ण होती है। लेकिन अच्छी टीम से भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण नेतृत्व होता है। अच्छे नेता का होना, राष्ट्र के निर्माण में भी बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। इसके सबसे बड़े उदाहरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं।
2014 के बाद से देश में जो सकारात्मक बदलाव आया है, उसे देखने से साफ पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी के समर्थ नेतृत्व में पिछले आठ वर्षो में सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण हो रहा है। नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ऐसी व्यवस्था बनाई कि लाभार्थियों तक शत प्रतिशत लाभ पहुंचने लगा। प्रधानमंत्री मोदी का जनधन खाता और नोटबंदी का दृष्टिकोण ही था, जिसने प्रत्येक नागरिक को अपने बैंक खाते खोलने के लिए प्रोत्साहित किया। बैंकिंग व्यवस्था से वंचित रहे नागरिकों का वित्तीय समावेशन सुनिश्चित हुआ। जनधन, आधार और मोबाइल प्रौद्योगिकी की जैम ट्रिनिटी का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सिस्टम में सेंधमारी रोकी जिससे जरूरतमंदों तक शत प्रतिशत लाभ पहुंचने लगा। आधार डेटा को बैंक खातों के साथ जोड़ने, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के विकास और महज आठ साल के समय में डिजिटल भुगतान के विकास जैसी पहल किसी वित्तीय चमत्कार से कम नहीं हैं। हर भारतीय गर्व करता है कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में नागरिकों के कल्याण के उपायों का 100 प्रतिशत हिस्सा सीधे उनके खातों में जमा किया जा रहा है, जिसमें कोई बिचौलिया शामिल नहीं है। छात्रवृत्ति, किसानों को भुगतान, सरकारी सहायता, सब कुछ सीधे व्यक्तिगत रूप से नागरिकों के बैंक खाते में भेजा जाता है। आज भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया का अग्रणी देश है। 2021 में दुनिया भर में सभी वास्तविक समय के डिजिटल वित्तीय लेन देन का 40 प्रतिशत भारत में हुआ, जिसकी कीमत हर दिन 20,000 करोड़ से अधिक थी।

राष्ट्र के विकास में प्रमुख बाधाओं में से एक विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की कमी थी। 1990 और 2000 के दशकों की शुरु आत में भारत में उच्च विकास दर हासिल करने के बावजूद ढांचागत विकास की दर बहुत कम थी। 2013-14 में जब यूपीए सरकार सत्ता में थी तो एक दिन में सिर्फ 12 किमी. हाईवे बन रहा था, आज यह औसतन 37 किमी. प्रति दिन पर पहुंच गया है। भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्ग, शुष्क/भूमि बंदरगाहों, उड़ान, पर्वतमाला, और अब पीएम गति शक्ति जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए परिवहन के एक साधन से दूसरे में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने भारत को अंतरराष्ट्रीय विनिर्माण केंद्र में बदलने के लिए अथक प्रयास किया है। कॉरपोरेट टैक्स दरों में कमी के साथ शुरु आत, निवेश नीति में सुधार सुनिश्चित करना, बेहतर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग के माध्यम से अनुपालन बोझ में कमी से भारत विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने वाला अग्रणी देश बन गया है। वस्तुओं और सेवाओं के प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरा है, जिसका कुल निर्यात 2021-22 में पहली बार लगभग 670 बिलियन अमेरिकी डॉलर या 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गया है। पीएम मोदी ने स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल, परफॉम्रेस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) और ऐसे कई अन्य कार्यक्रमों की शुरु आत की।
पिछले दो वर्षो में दुनिया ने कोविड महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण अभूतपूर्व और भयानक स्वास्थ्य, और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य का सामना किया है। श्रीलंका आर्थिक संकट से गुजर रहा है, पाकिस्तान में सरकार उलट गई। नेपाल और बांग्लादेश जैसे देश आर्थिक तबाही से जूझ रहे हैं, और चीन ने कोविड मामलों में उछाल के कारण खुद को फिर से बंद कर लिया है। इन सबके बीच भारत दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है। भारत अकेला ऐसा देश है जिसने अपने नागरिकों को 192 करोड़ से अधिक मुफ्त टीके प्रदान किए हैं, और अन्य देशों को टीकों की आपूर्ति भी की। नेपाल, भूटान, मालदीव, बांग्लादेश को आर्थिक सहायता पहुंचा चुका है और श्रीलंका को वित्तीय संकट से उबार रहा है। भारत ने अफगानिस्तान और यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त देशों को मानवीय सहायता भेजी है, और रूस और यूक्रेन के बीच शांतिपूर्ण समाधान खोजने की दिशा में काम कर रहा है।
दुनिया पर संकट के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को श्रेय जाता है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल में स्वीकार किया कि कोविड के बावजूद भारत में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के कारण अत्यधिक गरीबी एक प्रतिशत से नीचे बनी हुई थी। हमारी सरकार वैश्विक संकट के समय ‘अत्यधिक गरीबी’ को नीचे लाने में सक्षम थी। जिस पैमाने पर सरकार ने काम किया वह मानव इतिहास में अभूतपूर्व है, और यह केंद्र में अच्छे नेतृत्व के कारण ही संभव है। एक अच्छा नेता, पूरी व्यवस्था को बदल सकता है।

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