बिहार विधान परिषद की सात सीटों के लिए गुरुवार से नामांकन शुरू हो गया. बिहार विधान परिषद की सात सीटों पर 20 जून को चुनाव होना हैं. आगामी 9 जून तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी. इन सात सीटों में से तीन पर राजद की तरफ से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गयी है.
बिहार विधान परिषद की रिक्त होने वाली सात सीटों के लिए गुरुवार से नामांकन प्रारंभ होगा। सीट पर खड़े होने वाले भावी प्रत्याशी का चयन विधानसभा सदस्यों के वोट से होगा। परिषद प्रत्याशी नौ जून तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। जानकारी के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 10 जून को होगी। प्रत्याशी 13 जून का नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 20 जून को सुबह नौ बजे से दोपहर चार बजे के बीच किया जा सकेगा। विधान परिषद के जिन सात सदस्यों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है उनमें मो. कमर आलम, गुलाम रसूल, अर्जुन सहनी, रोजिना नाजिश, रणविजय कुमार सिंह, सीपी सिन्हा उर्फ चंदेश्वर प्रसाद और मुकेश सहनी हैं।
राजद से कांग्रेस व माले नाराज
गौरतलब है कि विधान परिषद की सीटों के लिए बिहार में सियासी हलचल तेज है। आरजेडी के तीन प्रत्याशियों के निर्णय पर वामपंथी दल और कांग्रेस नाराज हैं। इन लोगों ने राजद पर मनमानी का आरोप लगाया है। माले की एक सीट देने की मांग की थी। राजद ने मुन्नी देवी, मो कारी सोहेब और अशोक कुमार पांडेय को उम्मीदवार बनाया है। बताया जा रहा है कि राजद ने तीन उम्मीदवार उतारने का निर्णय खास रणनीति के तहत लिया है। वहीं अभी तक राजग के प्रत्याशियों के नाम पर सस्पेंस बरकरार है।
राज्यसभा के पांचों प्रत्याशियों का नामांकन पत्र वैध
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए नामांकन करने वाले पांचों प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। मुख्य निर्वाची पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच की। राज्यसभा के लिए नामांकन करने वालों में राजद की ओर से डा. मीसा भारती, डा. फैयाज अहमद, जदयू से खीरू महतो जबकि भाजपा से शंभू शरण पटेल और सतीश चंद्र दुबे शामिल हैं। इन सभी का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। 30 जून को इन्हें निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
कांग्रेस और माले पर सबकी नजर
दरअसल कांग्रेस और माले के मत के बिना राजद का तीसरा उम्मीदवार सदन तक नहीं पहुंच सकता है. ऐसे में अगर कांग्रेस और माले मिलकर अपना उम्मीदवार देता है तो विधान परिषद का चुनाव बेहद दिलचस्प को जायेगा. ऐसे में अब सभी निगाहें भाजपा और जदयू से ज्यादा कांग्रेस और माले की तरफ टिकी हुई हैं. राजगीर चिंतन शिविर में प्रदेश कांग्रेस ने राजद से रिश्ता तोड़ने की बात कही है. देखना है कि विधान परिषद उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस का माले के साथ समझौता होता है या नहीं.
बिहार कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता अजीत शर्मा ने दावा किया है कि कांग्रेस विधान परिषद की रिक्त हुई सीटों में से एक पर भाकपा, माकपा और भाकपा माले के साथ सहमति बनाकर एक प्रत्याशी दे सकती है। प्रत्याशी किसी दल का होगा इसका फैसला आपसी सहमत के आधार पर लिया जाएगा।
जीत का पूरा गणित भी बताया
अजीत शर्मा ने बुधवार को कहा कि ऐसी जानकारी है कि राजद ने पहले भाकपा माले को वादा किया था कि परिषद की एक सीट माले को दी जाएगी, लेकिन वे अब मुकर रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो राजद से अलग महागठबंधन के जो दूसरे दल कांग्रेस, भाकपा, माकपा और भाकपा माले आपसी सहमति से एक प्रत्याशी उतारने पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस के पास 19 विधायक हैं, माले के पास 12, भाकपा-माकपा के दो-दो विधायक हैं। इस लिहाज से हमारे पास 35 वोट हैं। एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत है। जाहिर है राजद सहमत नहीं होगा तो हमारी कोशिश अन्य गठबंधन के सहयोगियों से इस मसले पर बातचीत की होगी।
गौरतलब है कि दिल्ली से लौटने के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम के बाद विधान परिषद चुनाव के लिए तीन कैंडिडेट के नामों की घोषणा कर दी। राजद की तरफ से लालू यादव ने युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद कारी सोहैब, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव मुन्नी देवी (Munni Devi) और रोहतास के अशोक कुमार पांडेय पर भरोसा जताया है।
विधानसभा में भाकपा -माले के 12 सदस्य हैं
विधानसभा में भाकपा -माले के 12 सदस्य हैं. इनके अलावा भाकपा के दो और माकपा के भी दो सदस्यों की जीत हुई है. विपक्ष के अन्य दलों में कांग्रेस के 19 और एएमआइएम के पांच सदस्य भी हैं. विधान परिषद के सात मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 21 जुलाई को समाप्त हो रहा है. इनमें राजद के एक भी सदस्य नहीं हैं. राजद के यदि तीनों उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल होते हैं , तो सदन में उसके सदस्यों की संख्या बढ़ कर 14 हो जायेगी. फिलहाल सदन में राजद के 11 सदस्य हैं.
राजद ने तीन उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है. विधानसभा में संख्या बल के आधार पर महागठबंधन के घटक दलों के वोट जब तक राजद उम्मीदवारों के पक्ष में नहीं गिरेगा, तीनों उम्मीदवारों की जीत पक्की नहीं होगी. इस बार के चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए कम- से- कम 31 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ेगी. विधानसभा में राजद विधायकों की संख्या 76 है. ऐसे में राजद को अपने तीनों उम्मीदवारों की जीत के लिए सहयोगी दलों से 17 अतिरिक्त मतों की जरूरत होगी.
इन लोगों का खत्म हो रहा कार्यकाल
बिहार विधानसभा कोटे से निर्वाचित जिन 7 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है. उनमें अर्जुन सहनी, मो कमर आलम, गुलाम रसूल, रोजिना नाजिश, रणविजय कुमार सिंह, मुकेश सहनी और सी पी सिन्हा उर्फ चंदेश्वर प्रसाद सिन्हा का नाम शामिल हैं. विधान परिषद के इन सातों सदस्यों का कार्यकाल 21 जुलाई को समाप्त हो रहा है.
20 जून को होगा मतदान
विधानसभा कोटे की इन सातों सीटों पर नामांकन आज से शुरू हो गया, जो आगामी 9 जून तक चलेगा. नामांकन पत्रों की जांच 10 जून को होगी जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 13 जून निर्धारित की गयी है. सातों सीटों के लिए मतदान 20 जून को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक होगा. मतों की गणना 20 जून को ही शाम पांच बजे से होगी.







