मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि प्रदश में इस वर्ष के अंत तक सभी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवनों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने सभी छात्र–छात्राओं से खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील करते हुए कहा कि पढ़ानेवाले भी प्रेमपूर्वक पढ़ाएं। सभी पढ़ेंगे तो आगे बढ़ेंगे और इससे बिहार का विकास होगा। नीतीश ने आज यहां एक‚ अणे मार्ग स्थित स्थित संकल्प से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग द्वारा क्रियान्वित विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के ८९३.६० करोड़ रुपये की लागत के १७ भवनों का उद्घाटन एवं १९३.६७ करोड़ रुपये की लागत के पांच भवनों का शिलान्यास करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने निर्णय लिया है कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण करेंगे। इसी साल के अंत तक सभी इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवनों का निर्माण पूरा कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा‚ ‘हमने तय कर दिया है कि हम किसी चीज को बनायेंगे तो उसका ठीक से मेंटेनेंस करेंगे। जितने भी इंस्टीच्यूशन हैं‚ सबका मेंटेनेंस ठीक ढंग से होना चाहिये। हम आप से यही आग्रह करेंगे। जो भी संस्थान बनाए जा रहे हैं‚ उसके लिए शिक्षक‚ कर्मचारी एवं अन्य स्टाफ की जो आवश्यकता हो‚ उसकी बहाली कराएं। जो भी संसाधन की जरूरत हो‚ उसकी व्यवस्था करें। सभी संस्थानों का रेगुलर मेंटेनेंस हो। हर जगह साफ–सफाई की व्यवस्था रखें। हमने कई जगह जाकर नवनिर्मित भवनों का निरीक्षण किया है। सब बहुत अच्छे ढंग से बनाया गया है। नीतीश ने कहा कि सड़क‚ पुल–पुलियों एवं भवनों का बेहतर ढंग से निर्माण किया गया है‚ उनसब का मेंटेनेंस विभाग ठीक ढंग से कराए‚ इसके लिये इंजीनियरों और स्टाफ की जरूरत हो तो उसकी भी बहाली कराएं। नीतीश ने कहा कि पहले राज्य में १७ से २३ वर्ष के १३.९ प्रतिशत बच्चे–बच्चियां उच्च शिक्षा प्राप्त करते थे जबकि देश में यह आंकड़ा २५ प्रतिशत था। उनकी सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया था कि ३० प्रतिशत बच्चे–बच्चियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिये प्रोत्साहित किया जाएगा। वर्ष २०२१ की रिपोर्ट के अनुसार‚ राज्य में यह दर १९.३ प्रतिशत तक पहुंच गयी है। इसी को ध्यान में रखते हुये नये इंस्टीट्यूशन के निर्माण का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि जब उन्हें वर्ष २००५ में काम करने का मौका मिला तो उन्होंने तय किया कि सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज‚ पॉलिटेक्निक कॉलेज बनायेंगे। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध कराकर अपने खर्चे पर बीआईटी मेसरा के भवन का निर्माण कराया। इसके बाद बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को एनआईटी का दर्जा मिला। उनके आग्रह पर ही पटना में आईआईटी का निर्माण कराया गया। उसके लिये राज्य सरकार ने ५०० एकड़ जमीन उपलब्ध करायी। इससे छात्रों को काफी लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २००५ में बिहार में तीन निजी इंजीनियरिंग कॉलेज भी थे‚ जो लगभग बंद हो गये थे। उन्होंने निजी इंजीनियरिंग कॉलेज दरभंगा‚ गया और मोतिहारी को जाकर देखा और कहा कि हम इसे चलायेंगे। उसी समय उन्होंने इन सभी कॉलेजों को शुरू कराया। उन्होंने कहा कि किसी को मजबूरी में बाहर पढ़ने के लिये नहीं जाना होगा। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लड़कियों को कम–से–कम ३५ प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। मेडिकल यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी की स्थापना की जा रही है। नीतीश ने कहा कि उनकी सरकार ने कई उत्कृष्ट भवनों का निर्माण कराया है। पटना में सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र बनाया गया‚ बिहार संग्रहालय एवं सरदार पटेल भवन का निर्माण बहुत अच्छे ढंग से कराया गया। पटना में बापू टावर बन रहा है‚ इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में सारी जानकारी मिलेगी। बोधगया में महाबोधि सांस्कृतिक केन्द्र का भी निर्माण कराया गया है। पटना में साइंस सिटी बनाने का निर्णय लिया और उसका नामकरण पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है।
पटना के अलावा दरभंगा में भी तारामंडल का निर्माण कराया जा रहा है। वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय तथा राजगीर में अंतरराष्ट्रीय खेल एकेडमी का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यक्रम को भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी‚ विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह‚ मुख्य सचिव आमिर सुबहानी‚ विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह एवं भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने संबोधित किया। इस मौके पर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य सांसद‚ विधायक‚ विधान पार्षद‚ अन्य जनप्रतिनिध‚ जिलाधिकारी‚ अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के प्राचार्य‚ शिक्षक‚ छात्र–छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।







