प्रमुख वामदलों भाकपा‚माकपा‚ भाकपा माले और फारवर्ड़ ब्लॉक के नेताओं ने मंगलवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में लगातार बढती बेरोजगारी और पेट्रो पदाथोंर् की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बिहार में २५ से ३१ मई तक सघन आंदोलनात्मक अभियान चलेगा। ३१ मई को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन व धरना आदि कार्यक्रम होंगे। संवाददाता सम्मेलन को माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा‚ वरिष्ठ नेता केडी यादव‚ सीपीएम के सर्वोदय शर्मा व मनोज चंद्रवंशी‚ सीपीआई के राज्य सचिव मंड़ल विजय नारायण मिश्र व रामलला सिंह‚ फारवर्ड ब्लक के अमेरिका महतो व आरएसपी के वीरेंद्र ठाकुर ने सम्बोधित किया। वाम नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करे। पेट्रोल व डीजल की बेतहासा बढी कीमतों में मामूली सी गिरावट करके वह अपना पीठ थपथपाना चाहती है।वाम नेताओं ने कहा कि करोडों भारतीय का भोजन गेहूं की कीमत में १४ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गेहूं विदेश भेजा जा रहा है और उसकी कम सरकारी खरीद का बहाना बनाकर जनवितरण प्रणाली से इसे गायब कर इसके बदले चावल देना तय किया गया है। केंद्र सरकार उल्टे आज राशन व राशन कार्ड निरस्तीकरण अभियान में लगी हुई है। यह भोजन के अधिकार पर हमला है‚ बिहार में २८ लाख ७९ हजार राशन कार्ड रद् कर दिए गए इसे अविलम्ब वापस लिया जाना चाहिए। खाद्य व अन्य उपयोगी सामानों पर सरकार जनता के लिए विशेष पैकेज की गारंटी करे। वाम नेताओं ने कहा कि ५ जून को संपूर्ण क्रांति दिवस पर महागठबंधन के द्वारा आयोजित भाजपा–जदयू सरकार की असफलता के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम में वाम दल के कार्यकर्ता पूरे जोर–शोर से भाग लेंगे। गांव स्तर पर उसकी तैयारी चल रही है। जातिगत जनगणना पर भाजपा के रुख से स्पष्ट है कि यह पार्टी दलितों–पिछडों के अधिकारों व उनके आरक्षण की घोर विरोधी है। वाम दल पेट्रो पदाथों पर सभी अधिभार/उपकर वापस लेने‚ पीडीएस में गेहूं आपूर्ति बहाल करने‚ पीडीएस सिस्टम को मजबूत करने‚ गैर आयकर भुगतान परिवारों को प्रत्यक्ष ७५०० रुपये प्रति माह प्रदान करने‚ शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना लागू करने‚ मनरेगा आवंटन में वृद्धि करने‚ बेरोजगारी भत्ता कानून बनाने‚ सभी रिक्त पदों पर भर्ती‚ बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों को उजाडने पर रोक लगाने तथा तमाम उपभोक्ताओं को २०० यूनिट फ्री बिजली देने की भी मांग करते हैं।
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
UGC की नई नियमावली ने देश सहित बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। अपर कास्ट के बढ़ते आक्रोश...







