बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार जदयू कार्यालय पहुंचे हैं। इसके पहले प्रदेश कार्यालय और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सीएम नीतीश कुमार की सुरक्षा में चूक के कुछ मामले पिछले दिनों सामने आए थे। इसके बाद पुलिस और सीएम सुरक्षा टीम के लोग विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार पार्टी के कुछ खास नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि सीएम हर महीने पार्टी दफ्तर आकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हैं और उनकी बातें सुनते हैं। यह इसी कड़ी का हिस्सा है।
राज्यसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में हो चुकी है पहले भी बैठक
आपको बता दें कि जदयू की एक बड़ी बैठक पिछले दिनों हो चुकी है। इस बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पार्टी की ओर से अधिकृत किया गया था। जदयू के सांसद और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का कार्यकाल राज्यसभा में खत्म हो रहा है। इसी सीट पर प्रत्याशी तय करने का फैसला जदयू को लेना है।
राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होना है चुनाव
बिहार कोटे से रिक्त होने वाली राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें एक और सीट भी जदयू कोटे की रही है, जिससे छह साल पहले शरद यादव को चुना गया था। बाद में शरद यादव के जदयू से अलग होने पर दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई थी। इनके अलावा राजद से मीसा भारती का कार्यकाल पूरा हो रहा है। भाजपा के दो सांसदों का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। बिहार विधानसभा में फिलहाल सीटों का जो गणित है, उसके मुताबिक राजद और भाजपा से दो-दो और जदयू से एक सदस्य के इस बार राज्यसभा में जाने की उम्मीद है।
सीएम नीतीश कुमार के अगले कदम को लेकर सस्पेंश
राज्यसभा उम्मीदवारी के मसले पर जदयू की ओर से अब तक रुख साफ नहीं किया गया है। इसके अलावा भी आजकल बिहार के राजनीतिक हलके में और भी कई तरह चर्चाएं चलती रहती हैं। हालांकि, सीएम नीतीश कुमार ऐसी चर्चाओं पर खुद ही आश्चर्य जताते रहे हैं। जदयू नेताओं की मानें तो बहुत से नेता सीएम से मिलकर अपनी बात रखने की चाहत रखते हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात के लिए ही नीतीश कुमार ने पिछले कुछ महीनों से यह नया सिलसिला शुरू किया है।







