अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य के बफैलो शहर में एक सुपरमार्केट में गोलीबारी में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक हमले के बाद संदिग्ध बंदूकधारी को हिरासत में ले लिया गया है, जिसकी जांच “नस्लवाद से प्रेरित घृणा अपराध” के रूप में की जा रही है. बफैलो के पुलिस आयुक्त जोसेफ ग्रैमाग्लिया ने बताया कि जिन 13 लोगों को गोली मारी गई है, उनमें से 11 अश्वेत थे. घटना के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जीन पियरे ने बताया है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को फायरिंग और उसके बाद की जांच के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है.
जिस इलाके में यह घटना हुई, वह भी एक अश्वेत बहुल इलाका है। पुलिस नस्लीय हमले के एंगल से भी जांच कर रही है। हमले के बाद आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया है, जहां उस पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का चार्ज लगाया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जीन पियरे ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को फायरिंग और उसके बाद की जांच के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है।
सुपरमार्केट के ग्रॉसरी स्टोर में हुई गोलीबारी
बफेलो पुलिस के मुताबिक, टॉप्स सुपरमार्केट के ग्रॉसरी स्टोर में यह गोलीबारी हुई। हमलावर की पहचान 18 साल के पेटन एस गेंड्रोन के तौर पर हुई है। वह हमले के लिए मिलिट्री स्टाइल गियर्स के साथ सुपरमार्केट में घुसा था। उसने बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहन रखा था। हमलावर ने अपने हेलमेट पर लगे कैमरे से हमले की लाइव स्ट्रीमिंग भी की। हालांकि, उसके फुटेज फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बफैलो पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तारी कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया. हमलावर की शिनाख्त 18 वर्षीय पेटन एस गेंड्रोन के रूप में हुई है. वह हमले के लिए मिलिट्री स्टाइल में सुपर मार्केट में घुसा था. उसने बुलेट प्रूफ जैकेट भी पहन रखी थी. बताया जा रहा है कि हमलावर हमले की लाइव स्ट्रीम कर रहा था। इसके लिए वह बाकायदा कैमरा लगा हेलमेट हपन कर पहुंचा था. बफैलो शहर के पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आरोपी गेंड्रोन ने शुरुआत में दुकान के बाहर 4 लोगों को गोली मारी, जिनमें से 3 की मौत हो गई है. इसके बाद वह स्टोर में घुसने की कोशिश की. इस दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड ने हमलावर पर कई राउंड गोलियां चलाईं, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट की वजह से हमलावर बच गया. इसके बाद उसने सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर हत्या कर दी. गौरतलब है कि जिससे इलाके में ये घटना हुई है, वह एक अश्वेत बहुल इलाका है.

हमलावर ने खुद ही किया सरेंडर
हमले के दौरान सुपर मार्केट में मौजूद एक चश्मदीद के मुताबिक हमलावर की आयु तकरीबन 18- 20 साल थी. वह एक श्वेत था और उसने सेना जैसी वर्दी और काला हेलमेट पहना हुआ था. गोलीबारी के बाद वह अपनी ठुड्डी के सहारे बंदूक लगाकर खड़ा हो गया, जहां बफैलो पुलिस के दो जवानों ने उससे बात की. इसके बाद उसने राइफल फेंक कर सरेंडर कर दिया.
श्वेत हमलावर ने काला हेलमेट पहन रखा था
हमले के दौरान सुपर मार्केट में मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि हमलावर की उम्र करीब 18- 20 साल रही होगी। वह एक श्वेत था और उसने मिलिट्री स्टाइल के कपड़े और काला हेलमेट पहना हुआ था। गोलीबारी के बाद वह अपनी ठुड्डी के सहारे बंदूक लगाकर खड़ा था। बफेलो पुलिस के दो पुलिसकर्मियों ने उससे बात की और उसने राइफल फेंक कर सरेंडर कर दिया।
पार्किंग से निकल रहे लोगों पर हमला किया
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वीडियो में देखा जा सकता है कि बंदूकधारी सुपरमार्केट के सामने अपनी गाड़ी खड़ी करता है। उसके बगल वाली सीट पर राइफल रखा हुआ है। उसने पार्किंग से निकल रहे लोगों पर हमला कर दिया।
गोली लगने के बावजूद सुरक्षित रहा हमलावर
बफेलो शहर के पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, गेंड्रोन ने शुरुआत में स्टोर के बाहर 4 लोगों को गोली मारी, जिनमें से 3 की मौत हो गई। स्टोर के अंदर एक सिक्योरिटी गार्ड ने हमलावर पर कई गोलियां चलाईं लेकिन बुलेट प्रूफ की वजह से हमलावर बच गया और उसने सिक्योरिटी गार्ड की हत्या कर दी। सिक्योरिटी गार्ड एक रिटायर पुलिसकर्मी था।
घटना की जांच FBI को सौंपी गई
अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) शनिवार शाम से ही आरोपी से पूछताछ कर रही है। ऑफिसर्स को शक है कि यह शूटिंग नस्लीय तौर पर उकसावे से प्रेरित थी। FBI के बफेलो फील्ड ऑफिस के इनचार्ज स्टीफन बेलोंगिया ने कहा – हम इस घटना की जांच हेट क्राइम और नस्लीय उकसावे से प्रेरित चरमपंथ के मामले के तौर कर रहे हैं।
टॉप्स फ्रेंचाइजी ने कहा- हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने स्थानीय अधिकारियों को मदद की पेशकश की है। होचुल ने कहा है कि वह बफेलो में हुए गोलीबारी की घटना की निगरानी कर रही हैं। वहीं, टॉप्स फ्रेंचाइजी ने भी घटना पर दुख जताया है। टॉप्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमारी प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है







