बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आज यानी रविवार को चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. इस तूफान को असानी नाम दिया गया है. ये इस साल प्री मानसून सीज़न में बनने वाला पहला समुद्री तूफान है. वैसे इस बार मार्च के महीने में दो बार कम दबाव का क्षेत्र बना, लेकिन एक भी समुद्री तूफान में तब्दील नहीं हो सका. कम दबाव के क्षेत्र के चलते इस वक्त अंडमान में ज़ोरदार बारिश हो रही है. लेकिन अब इस तूफान के चलते बारिश की गतिविधियां देश के कई इलाकों में बढ़ जाएंगी.
मौसम विभाग के मुताबिक, 10 मई को ओडिशा के पुरी-गंजाम के समुद्री तटों से तूफान टकरा सकता है। IMD ने बताया तूफान के दौरान हवा की स्पीड 125 KM घंटा तक जा सकती है। इधर, बिहार-झारखंड के कुछ जिलों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
ओडिशा में 7.5 लाख लोगों को निकालने की तैयारी
ओडिशा स्पेशल रिलीफ कमिश्नर पीके जेना ने बताया कि सरकार समुद्री तटों पर रहने वाले करीब 7.5 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजने की तैयारी कर चुकी है। तूफान की स्पीड अधिक रहने का खतरा हुआ, तो लोगों को तुरंत दूसरी जगह ले जाया जाएगा।
तूफान का डायरेक्शन बदल सकता है: IMD
IMD कोलकाता के निदेशक जीके दास ने कहा है कि तूफान अभी बंगाल की खाड़ी में उच्च दबाव में है। आने वाले कुछ घंटों में तूफान का डायरेक्शन बदल भी सकता है और यह ओडिशा के बजाय बंगाल के किसी समुद्री तट से टकरा सकता है।
झारखंड-बिहार समेत इन राज्यों पर होगा असर
चक्रवाती तूफान असानी का असर ओडिशा के अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए भी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
साल 2022 का पहला साइक्लोन
असानी इस साल का पहला चक्रवाती तूफान है। इससे पहले 2021 में 3 चक्रवाती तूफान आए थे। दिसंबर 2021 में साइक्लोन जावद आया था। वहीं, सितंबर 2021 में साइक्लोन गुलाब ने दस्तक दी थी, जबकि मई 2021 में साइक्लोन यास ने बंगाल, बिहार समेत कई राज्यों में कहर बरपाया था।
फिलहाल ये तूफान कहां है और देश के किन राज्यों पर इसका असर दिखेगा?
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इस वक्त ये तूफान कहां है?दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. 8 मई को सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर ये 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था. ये निकोबार द्वीप समूह से उत्तर-पश्चिम में लगभग 350 किलोमीटर दूर है. पोर्ट ब्लेयर से इसकी दूरी 300 किमी दक्षिण-पश्चिम की ओर है. फिलहाल विशाखापत्तनम से इस तूफान की दूरी 970 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व की ओर है. जबकि ओडिशा के पूरी से इसकी दूरी 1030 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है.
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इस तूफान का क्या होगा रास्ता?ये तूफान 10 मई तक उत्तर-पश्चिम की तरफ आगे बढ़ेगा. यानी ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों की तरफ ये आगे बढ़ रहा है. लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक 10 मई की शाम को इसका रास्ता बदल जाएगा. यानी विशाखापत्तनम के पास आ कर ये तूफान उत्तर-पूर्व की दिशा में घूम जाएगा. ये तट के समानांतर आगे बढ़ेगा.
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क्या होगी हवा की रफ्तार?राहत की बात ये है कि ये तूफान भारत के तट पर सीधे लैंडफॉल नहीं कर रहा है. लेकिन फिर भी हवा की रफ्तार बनी रहेगी. 8 मई की शाम हवा की रफ्तार 80-90 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी. लेकिन 9 मई को तूफान की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है. यानी अगर सावधानियां नहीं बरती गई तो बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हो सकता है. 12 मई को हवा की रफ्तार बंगाल के तटीय इलाकों में 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है.
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तूफान के चलते कहां-कहां होगी बारिश?तटीय ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में 8 मई से ही बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएगी. इसके बाद 10 मई को इन इलाकों मे भारी बारिश हो सकती है. 11-12 मई को उत्तर बंगाल, बिहार और झारझंड के इलाकों तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. साथ ही नॉर्थ-ईस्ट में भारी बारिश हो सकती है.
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इस तूफान का नाम किस देश ने दिया?तूफान को सही तरीके से ट्रैक किया जा सके इसके लिए हर समुद्री तूफान को एक खास नाम दिया जा जाता है. इसी के तहत इस बार इस तूफानी को असानी नाम दिया गया है. ये नाम श्रीलंका ने रखा है






