ADVERTISEMENT
Wednesday, July 29, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

बद्रीनाथ समेत चारों धामों के कपाट खुले ,दो साल बाद पहली बार भक्तों ने किए दर्शन

UB India News by UB India News
May 9, 2022
in अध्यात्म, खास खबर
0
बद्रीनाथ समेत चारों धामों के कपाट खुले ,दो साल बाद पहली बार भक्तों ने किए दर्शन
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6.15 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कोरोना काल में लगभग दो साल बाद बद्रीनाथ धाम के कपाट आम भक्तों के लिए खोले गए हैं। अब अगले छह महीने तक भक्त बद्री विशाल के दर्शन कर सकेंगे।

बाबा के दर्शन के लिए देर रात से ही भक्त लाइनों में लगने लगे थे। ये लाइन करीब 3 किलोमीटर लंबी हो गई थी, जिसमें करीब 15 हजार श्रद्धालु शामिल थे। इन श्रद्धालुओं में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग हर उम्र के लोग शामिल थे। जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया बाबा का धाम श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। ये लोग देश के कोने-कोने से बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे।

RELATED POSTS

राज्यसभा में पास हुआ वंदेमातरम बिल, राष्ट्रीय गीत का अपमान करना अब पड़ेगा भारी

स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट: 3000 उपद्रवियों के चलते अटकी FIR वापसी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहां फंसा पेच?

इस मौके पर बद्रीनाथ धाम को 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया। इससे पहले, 6 मई को केदारनाथ का कपाट खोला गया था।

तड़के 3 बजे से शुरू हुईं कपाट खोलने की रस्में

जोशीमठ और पांडुकेश्वर से डोली में लाए गए बद्रीनाथ, कुबेर और उद्धव को पूरे विधि-विधान के साथ मंदिर में विराजमान किया गया।
जोशीमठ और पांडुकेश्वर से डोली में लाए गए बद्रीनाथ, कुबेर और उद्धव को पूरे विधि-विधान के साथ मंदिर में विराजमान किया गया।

रविवार तड़के तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई। श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर में पहुंचे। वहीं श्री उद्धव जी की डोली मुख्य द्वार से अंदर लाई गई। रावल (मुख्य पुजारी) ने गर्भगृह में प्रवेश कर मां लक्ष्मी को मंदिर में विराजमान किया। इसके बाद भगवान के सखा उद्धव जी और देवताओं के खजांची कुबेर जी मंदिर गर्भगृह में विराजमान किए गए।

डिमरी पंचायत प्रतिधियों की ओर से भगवान बद्री विशाल के अभिषेक के लिए राजमहल नरेंद्र नगर से लाए गए तेल कलश ( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह में समर्पित किया गया। कपाट खुलने के बाद भक्त मंदिर में प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति के साक्षी बने।

सेना के बैंड के साथ रवाना हुए बद्रीनाथ

जोशीमठ से बद्रीनाथ धाम तक देवताओं की डोलियों के साथ-साथ सेना के बैंड की धुन बजती रही।
जोशीमठ से बद्रीनाथ धाम तक देवताओं की डोलियों के साथ-साथ सेना के बैंड की धुन बजती रही।

इससे पहले शनिवार को जोशीमठ के नृसिंह बद्री मंदिर में पूजा के बाद रावल ने आराध्य गद्दी और गाडू घड़ा को बद्रीनाथ धाम ले जाने की अनुमति मांगी। आराध्य गद्दी को मठांगन में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया। महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर मंगल गीत गाए। गढ़वाल स्काउट के बैंड की धुन के साथ गद्दी, रावल और गाडू घड़ा को बद्रीनाथ के लिए रवाना किया गया।

पांडुकेश्वर में हुआ स्वागत
उद्धव और कुबेर के शीतकालीन प्रवास स्थल पांडुकेश्वर पहुंचने पर लोगों ने डोली, रावल और गाडू घड़ा का स्वागत किया। महिलाओं ने झुमेलो, दांकुडी चांचडी नृत्य किया। सुबह रावल ने धर्माधिकारी की मौजूदगी में पांडुकेश्वर के कुबेर और उद्धव मंदिर में पूजा अर्चना की।

कुबेर और उद्धव की डोली भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ बद्रीनाथ धाम लाई गईं।
कुबेर और उद्धव की डोली भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ बद्रीनाथ धाम लाई गईं।

गढ़वाल स्काउट के बैंड के साथ खुले कपाट
भगवान बद्रीनाथ के कपाट खुलने तक सभी अनुष्ठानों में गढ़वाल स्काउट का बैंड मुख्य भूमिका निभाता है। जहां- जहां डोली जाती है। उसके आगे आगे बैंड चलता है।

केदारनाथ धाम सी हड़बड़ी नहीं दिखी
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले वहां नजर आई अफरा-तफरी बद्रीनाथ धाम में कहीं नजर नहीं आई। इसकी वजह ये रही कि धाम के आसपास और 50 किलोमीटर की रेंज में लोगों के ठहरने की काफी अच्छी सुविधाएं हैं। धाम के नजदीक तक गाड़ियां भी पहुंच सकती हैं, जिससे लोगों को पैदल चल कर लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। लोग बद्रीनाथ धाम से 30 किलोमीटर दूर पांडुकेश्वर या 50 किलोमीटर दूर जोशीमठ से भी आराम से बद्रीनाथ धाम तक पहुंचे।

विश्वनाथ धाम की तरह बनेगा बद्रीनाथ कॉरिडोर
बद्रीनाथ धाम में कॉरिडोर बनाने का काम चल रहा है। इसे वाराणसी के विश्वनाथ धाम की तर्ज पर बनाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में मास्टर प्लान पर भी काम चल रहा है। तमाम दुकानों को तोड़ा जा रहा है। पहले फेज में 29 दुकानों और होटलों को तोड़ा गया है। दूसरे फेज में कई अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान जद में आएंगे।

इससे व्यापारी नाराज हैं। उनका आरोप है कि जब सरकार को पहले से पता था कि इस बार उम्मीद से ज्यादा यात्री आएंगे तो होटलों को तोड़े जाने से बचना चाहिए था। एक तरफ सरकार यात्रियों के लिए हर तरह की सुविधाएं देने का दावा कर रही है, दूसरी तरफ यहां यात्रियों को होटल के कमरे तक नहीं मिल पा रहे हैं।

जोशी मठ से बद्रीनाथ तक लैंडस्लाइड जोन

बद्रीनाथ धाम के रास्ते में कई जगह लैंडस्लाइड के खतरे के चलते डेंजर जोन बन गए हैं। इन्हें दुरुस्त करने का काम अब भी चल रहा है।
बद्रीनाथ धाम के रास्ते में कई जगह लैंडस्लाइड के खतरे के चलते डेंजर जोन बन गए हैं। इन्हें दुरुस्त करने का काम अब भी चल रहा है।

जोशी मठ से बद्रीनाथ के बीच लगभग 50 किलोमीटर के रास्ते में कई खतरनाक लैंडस्लाइड जोन हैं। यात्रा का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक डेंजर जोन को सुरक्षित नहीं बनाया जा सका है। जगह- जगह अब भी काम चल ही रहा है। हालांकि बीच में कई जगहों पर अच्छी सड़कें भी बन कर तैयार हैं, जिन पर गाड़ियां रफ्तार में भागती नजर आती हैं।

विष्णुप्रयाग से आगे बलदुणा पुल पर लगातार लैंडस्लाइड की वजह से कई घंटे जाम रहता है। वहीं बलदुणा पुल के पास सड़क चौड़ीकरण के दौरान नया लैंडस्लाइड जोन बन गया है। इसके चलते इस इलाके में पहाड़ों से लगातार मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। स्थानीय प्रशासन ने जेसीबी मशीनों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा हुआ है। वहीं पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं।

दशकों तक बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर लामबगड लैंडस्लाइड यात्रियों के लिए मुश्किलें पैदा करता रहा। हालांकि लामबगड में केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को डबल लेन किए जाने से काफी राहत मिली है।

6 महीने बाद अपने गांव पहुंचे माना के लोग

बाबा बद्रीनाथ के मंदिर से तीन किलोमीटर की दूर इस छोर पर देश का आखिरी गांव माना स्थित है। भारी ठंड की वजह से यहां के लोग भी साल में केवल छह महीने ही अपने गांव में रह पाते हैं। कपाट बंद होने के साथ ही ये लोग गोपेश्वर चले जाते हैं।

बिजली की समस्या बरकरार
बद्रीनाथ धाम में जबरदस्त बिजली कटौती जारी है। लोग बताते हैं कि पूरे-पूरे दिन बिजली गुल रहती है। मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पाते। रात आठ बजे के आसपास बिजली आती है।

यात्रा पर महंगाई की मार, दोगुना बढ़ाया बस किराया

ऋषिकेश से बद्रीनाथ धाम तक का सरकारी बस का किराया सीधे दोगुना कर दिया गया है। पहले जो किराया 555 रुपये प्रति यात्री था, वह यात्रा शुरू होने के साथ ही 1100 रुपये प्रति यात्री कर दिया गया।

केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट भी रविवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. इसके साथ ही चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. इससे पहले 3 मई को अक्षय तृतीया के मौके पर चार धाम यात्रा की शुरुआत हुई थी. तब चार धाम में से तीन धाम यानी केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही खोल दिए गए थे. रविवार को बद्रीनाथ के कपाट खुलने के साथ ही चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल चुके हैं. तीर्थ स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या तय कर दी है. इसके मुताबिक इस बार एक दिन 15 हजार श्रद्धालु ही भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे.

चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ही सेना के बैंड की धुनों के साथ खोल दिए गए. कपाट खुलने से पहले मंदिर को पूरी तरह फूलों से सजाया गया. इस मौके पर हजारों भक्तों की जयकारों से बद्रीनाथ धाम गूंज उठा. चारधाम यात्रा के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार सरकार ने भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या तय कर दी गई है. सरकारी आदेश के मुताबिक इस वर्ष बद्रीनाथ धाम में रोजाना 15 हजार, केदारनाथ में 12 हजार, गंगोत्री में 7 हजार और यमुनोत्री में 4 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे.

चार धाम में से तीन धाम यानी केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही खुल चुके हैं. गौरतलब है कि 6 मई को बाबा केदारनाथ के कपाट, जबकि 3 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जा चुके हैं. कोरोना महामारी की वजह से दो वर्षो की यात्रा रद्द होने के बाद इस वर्ष चार धाम यात्रा में भारी तादाद में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है.

गौरतलब है कि श्रद्धालु इस यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं. आने वाले कई दिनों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पहले से ही फुल हो चुका है. ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा संचालित वेब पोर्टल https://registrationandtouristcare.uk.gov.in पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. गौरतलब है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई तकलीफ न हो इसके मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने यात्रियों के ठहरने, खान-पान और पार्किंग की पूरी व्यवस्था की है. सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए श्रद्धालुओं के आगमन से पहले राज्य के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

राज्यसभा में पास हुआ वंदेमातरम बिल, राष्ट्रीय गीत का अपमान करना अब पड़ेगा भारी

by UB India News
July 29, 2026
0

राज्यसभा में वंदेमातरम बिल पास हो गया है. बता दें कि इस बिल को 24 जुलाई को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री...

स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट: 3000 उपद्रवियों के चलते अटकी FIR वापसी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहां फंसा पेच?

स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट: 3000 उपद्रवियों के चलते अटकी FIR वापसी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहां फंसा पेच?

by UB India News
July 29, 2026
0

NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में...

CJP प्रोटेस्ट: ना DCP का आदेश, ना RAF की कार्रवाई… तो फिर कैसे चली पैलेट गन?

CJP प्रोटेस्ट: ना DCP का आदेश, ना RAF की कार्रवाई… तो फिर कैसे चली पैलेट गन?

by UB India News
July 29, 2026
0

दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर हिंसा में पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है. पुलिस के मुताबिक, डीसीपी ने...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

कौन हैं सीजेपी आंदोलन से निकले वायरल चेहरे?

by UB India News
July 29, 2026
0

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आप सभी ने देखा होगा. यह जेन जी का द‍िल्‍ली में पहला...

ट्रंप के लिए गले की हड्डी बना ईरान युद्ध- नाटो ने छोड़ा साथ और अमेरिका में जनता खफा !

ट्रेड डील के बीच क्यों बौराये डोनाल्ड ट्रंप?

by UB India News
July 29, 2026
0

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है. कुछ मुद्दों पर सहमति न बन पाने...

Next Post
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद UN जंग रोकने में नाकाम !

UNSC का यू-टर्नः रूस-यूक्रेन 'युद्ध' को अपने बयान में बताया 'विवाद'

सियासी दावपेच के बाद क़ानूनी दावपेच में बग्गा को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर 10 मई तक रोक

सियासी दावपेच के बाद क़ानूनी दावपेच में बग्गा को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर 10 मई तक रोक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend