बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज बड़ा हंगामा हो गया है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक संजय सरावगी ने लखीसराय का मामला उठाया। इस वक्त सीएम नीतीश कुमार अपने चैंबर में थे। मामला उठते ही वो बेहद नाराज हो गए। गुस्से में सदन में आए और हंगामा करने वालों को जमकर फटकार लगा दी।
CM ने स्पीकर विजय सिन्हा को भी नहीं छोड़ा। कहा कि आप संविधान का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इस तरह से सदन नहीं चलेगा। एक ही मामले को रोज-रोज उठाने का कोई मतलब नहीं है।
क्राइम की रिपोर्ट कोर्ट में जाती है, सदन में नहीं
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि संविधान से सिस्टम चलता है। क्राइम की रिपोर्ट कोर्ट में जाती है, सदन में नहीं। नीतीश ने कहा कि हम पुलिस के काम में दखल नहीं देते। स्पीकर ने कहा कि यह मेरे क्षेत्र का मामला है और दोषियों पर कार्रवाई न करके निर्दोष को फंसाया गया है। मामले को लेकर सदन में काफी देर तक हमामा हुआ।
मामले में की जा रही खानापूर्तिः स्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि पुलिस के द्वारा लखीसराय की घटना पर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां तक संविधान की बात है तो मुख्यमंत्री हमसे ज्यादा जानते हैं। मैं आपसे सीखता हूं। स्पीकर ने कहा कि जिस मामले की बात हो रही है उसके लिए तीन बार सदन में हंगामा हो चुका है। मैं विधायकों का कस्टोडियन हूं। मैं जब भी क्षेत्र में जाता हूं तो लोग सवाल पूछते हैं कि थाना प्रभारी और डीएसपी की बात नहीं कह पा रहे हैं। आसन को हतोत्साहित करने की बात ना हो। सरकार गंभीरता से इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।आप लोगों ने ही मुझे विधानसभा अध्यक्ष बनाया है।
क्या है लखीसराय का मामला
लखीसराय में कई जगहों पर बीते फरवरी माह में सरस्वती पूजा के दौरान ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। इसमें बार-बालाओं का डांस हुआ था। हथियारों के प्रदर्शन के साथ नर्तकियों पर नोटों की बरसात की गई। इन घटनाओं का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने अपनी कार्रवाई में दो ऐसे लोगों को अरेस्ट किया जो सिर्फ ऑर्केस्ट्रा देखने गए थे। आरोप है कि उन लोगों से जबरन जुर्म कबूल करने को कहा गया। इलाके के विधायक होने के नाते लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा से शिकायत की। घटना पर वो नाराज हो गए और पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी।
लखीसराय का था मामला
दरअसल, लखीसराय में सरस्वती पूजा के दौरान कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार व्यक्ति स्पीकर का करीबी है। इसे लेकर स्पीकर ने पुलिस के प्रति नाराजगी जताई थी। किंतु अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। मामला अभी विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के पास है।







