विधान सभा अध्यक्ष सभी विधायकों के संरक्षक हैं। जब विधान सभा अध्यक्ष का सम्मान नहीं होता है तो आम लोगों का क्या सम्मान होगा। विधान सभा अध्यक्ष खुद कह चुके हैं कि थानेदार उनकी बात नहीं सुनता। कोई मुसलमानों से मताधिकार का अधिकार छीनने की बात करता है और सरकार इस पर चुप रहती है। ये बातें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहीं।
सदन में जब उन्होंने कहा कि शाहनवाज हुसैन और मुख्य सचिव आमीर सुबहानी भी वोट नहीं दे सकेंगे तो सदन में मौजूद मंत्री हुसैन ने भी सदन में तेजस्वी पर पलटवार किया। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देश का संविधान किसी से मताधिकार छीनने की इजाजत नहीं देता‚ चाहे किसी भी दल को कितना भी बहुमत आ जाए। इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि यह बात आप पहले क्यों नहीं बोले जब आपके विधायक यह बयान दे रहे थे। तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार आरएसएस के बारे में क्या कहते थे। आज चुप्पी क्यों साधे हैं। आरएसएस पर टिप्पणी करने से विधानसभा अध्यक्ष ने मना किया कि किसी भी संस्था के बारे में ऐसी बात न करें। तेजस्वी फिर भी नहीं माने। इसके बाद सदन में हंगामा बढ गया और कार्यवाही २.४५ तक स्थगित कर दी गयी। तेजस्वी विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की तरफ से दिया गया झूठ का पुलिंदा है। राज्यपाल का अभिभाषण पिछले चार सालों में थोडा भी नहीं बदला गया। हर साल एक ही मजमून में आंकडे को बदलकर सामने रख दिया जाता है। राज्यपाल खुद भी इस हकीकत को समझ रहे हैं और यही वजह है कि वह अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्य के हंगामे पर मुस्कुराते रहे। बिहार में विकास का जो दावा किया जा रहा है वह नीति आयोग की रिपोर्ट से मेल नहीं खाता और अगर नीति आयोग की रिपोर्ट बिहार को फिसड्डी बता रही है तो नीतीश सरकार की तरफ से किए गए विकास के दावे सही नहीं हो सकते। तेजस्वी ने कहा कि बिहार सरकार बगैर किसी तालमेल के चल रही है। विकास के जो दावे किए जा रहे हैं वे केवल कागजों पर नजर आते हैं। बिहार आज भी विकास के पैमाने पर काफी पिछडा हुआ है।
तेजस्वी ने नीतीश सरकार को सर्कस बताते हुए कहा कि यहां अजीबोगरीब खेल चल रहा है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि बीजेपी से उनका गठबंधन परिस्थितिवश है। आज बीजेपी के एक मंत्री और पूर्व मंत्री के बीच खुलेआम आरोप प्रत्यारोप चल रहा है। सरकार के मंत्री कहते हैं कि उनकी बात अधिकारी नहीं सुनते और वे इस्तीफे की पेशकश तक कर देते हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि विशेष राज्य का दर्जा चाहिए और उपमुख्यमंत्री रेणु देवी कहती हैं विशेष राज्य के दर्जे की जरूरत नहीं।







