रूस और यूक्रेन के बीच तनाव जारी है। रूसी सेना कीव की तरफ बढ़ रही है। इस बीच रूस ने यूक्रेन को बेलारूस में बातचीत का प्रस्ताव दिया था और रूस का डेलिगेशन भी बेलारूस पहुंच गया था। लेकिन यूक्रेन ने बेलारूस में बातचीत करने से इनकार कर दिया था। बाद में दोनों देशों के बीच बेलारूस बॉर्डर को लेकर सहमति बन गई थी। रूस अब बेलारूस की धरती से न्यूक्लियर हथियार इस्तेमाल कर सकेगा। बेलारूस की सरकार ने रूस को इजाजत दी। दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्त साफ होने से स्थिति सुधरने के कयास लगाए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ, इस टकराव को रोकने और रूस पर दबाव बनाने की कोशिशें भी चल रही हैं। इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के स्पेशल इमरजेंसी सेशन में भेजने के लिए सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वोटिंग हुई। प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में 1 वोट पड़ा। भारत, चीन और UAE ने फिर वोटिंग से दूरी बनाए रखी।
राजधानी कीव के मेयर ने न्यूज एजेंसी AP को बताया है कि कीव से बाहर निकलने के रास्ते बंद हो चुके हैं। रूसी सेना ने हमें चारों तरफ से घेर लिया है। अधिकारियों का दावा है कि रूस ने बेलारूस से यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की हैं। यूक्रेन के पलटवार में रूस ने भी अपने कई सैनिकों के मारे जाने की बात कबूली है। हालांकि, अब तक कोई संख्या नहीं बताई गई।
रूस-यूक्रेन बातचीत पर निगाहें
हालांकि यूक्रेन को अमेरिका-ब्रिटेन समेत अन्य देश भी मदद उपलब्ध करा रहे हैं. यह अलग बात है कि इनकी मदद से यूक्रेन कब तक रूस की सैन्य ताकत का मुकाला कर सकेगा, इसका उत्तर भविष्य के गर्भ में है. बेलारूस ने सिर्फ रूस के परमाणु हथियारों की यूक्रेन की सीमा पर तैनाती का रास्ता ही साफ नहीं किया है, बल्कि अपने पैराट्रूपर्स को भी यूक्रेन के खिलाफ तैनात कर दिया है. इससे रूस को यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करने की मुहिम का रास्ता और साफ हो जाएगा. रूसी सेना पहले से ही यूक्रेन के विभिन्न शहरों को तबाह कर उनपर नियंत्रण का सैन्य अभियान तेजी से छेड़े हुई हैं. देखने वाली बात यह होगी की बेलारूस की सीमा पर यूक्रेन-रूस की बातचीत क्या रंग लाती है.
यूक्रेन का दावा
यूक्रेन ने 5300 रूसी सैनिकों को मारे जाने का दावा किया। यूक्रेन ने रूस के 29 फाइटर जेट और 29 हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। रूस के 191 टैंक, 816 आर्मर्ड व्हीकल तबाह करने का दावा किया है। रूस के 3 ड्रोन, 2 पेट्रोल बोट भी तबाह करने का दावा किया।
यूक्रेन में रूस ने भेजे 400 लड़ाके
जानकारी के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को मारने के लिए रूस ने 400 लड़ाके भेजे हैं। ये सभी लड़ाके जेलेंस्की की तलाश कर रहे हैं। जेलेंस्की का सफाया करके कीव पर पूरी तरह कंट्रोल करना चाहते हैं रूस।
यूक्रेन की मदद के लिए आगे आया ऑस्ट्रेलिया
रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन की मदद करने के लिए ऑस्ट्रेलिया आगे आ गया है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा कि वह रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन को हथियार मुहैया करायेगा। साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने रूस पर कई प्रतिबंध भी लगा दिए हैं।
जी7 देशों का यूक्रेन को समर्थन
यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटनी ब्लिंकन और जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन के विदेश मंत्री ने बात की है। सभी देशों ने यूक्रेन के साथ एकजुट समर्थन व्यक्त किया है और युद्ध के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। जी7 देशों ने यूक्रेन को सुरक्षा, आर्थिक और मानवीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।’
अपडेट्स…
- रूस के सेंट्रल बैंक ने प्रमुख ब्याज दर 20% तक बढ़ा दी है। रशियन सिक्योरिटीज को बेचने के लिए विदेशी ग्राहकों की बोलियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
- यूक्रेन ने दावा किया है कि कीव पर कब्जा करने के सभी प्रयासों में रूस विफल हुआ है। कीव अभी भी यूक्रेन के नियंत्रण में है।
- रूस और यूक्रेन जंग को लेकर दोनों देशों के बीच आज किसी भी समय बेलारूस में बातचीत शुरू हो सकती है।
- सिंगापुर ने रूस पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
- दक्षिण कोरिया रूस को रणनीतिक साजो-सामान नहीं देगा। दक्षिण कोरिया सरकार ने रूस के लिए स्ट्रैटेजिक आइटम के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही मानवीय आधार पर यूक्रेनियों को देश में रहने की अनुमति दी है।
- रूसी एयरलाइंस एयरोफ्लोट की एक फ्लाइट प्रतिबंध के बावजूद कनाडा के हवाई क्षेत्र में आ गई। इस उल्लंघन के लिए कनाडा सरकार एयरोफ्लोट पर कार्रवाई करेगी। कनाडा ने रूस से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट पर प्रतिबंध लगाया है।
- CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने रूस की स्पेशल डिटेरेंस डिफेंस यूनिट को हाईअलर्ट पर रहने को कहा है। यह यूनिट एटमी हथियारों से लैस है।
भारत ने रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर वोट नहीं किया, भारतीय प्रतिनिधि की UN में 3 बड़ी बातें
1. भारतीय प्रतिनिधि टीएम तिरुमूर्ति ने कहा कि बॉर्डर पर जारी हिंसक संघर्ष की वजह से भारतीयों के रेस्क्यू मिशन पर प्रभाव पड़ रहा है। परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने आज के मतदान से खुद को बाहर रखने का फैसला किया है।
2. तिरुमूर्ति बोले- भारत दोनों देशों के बीच हिंसा समाप्त करने के अपने अनुरोध को दोहराता है। हम दोनों पक्षों की ओर से बेलारूस सीमा पर पक्ष रखने की घोषणा का स्वागत करते हैं। हमारे प्रधान मंत्री ने रूस और यूक्रेन की टॉप लीडरशिप के साथ अपनी हालिया बातचीत में इसकी जोरदार वकालत की है।
3. भारत ने कहा कि हम भारतीय छात्रों समेत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जो अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं।







