रूस के राष्ट्रपति ने यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने नाटो को धमकी दी है कि अगर यूक्रेन का साथ दिया तो नतीजे भुगतने होंगे। हालांकि, पुतिन ने साफ कर दिया है कि उनका यूक्रेन पर कब्जा करने का इरादा नहीं है। रूसी राष्ट्रपति का कहना है कि यूक्रेनी सेना हथियार डाले और वापस जाए। यूक्रेन की सेना ने रूस को डराया है और यह सब कुछ नियो नाजी लोगों के इशारे पर हो रहा है। पूर्वी यूक्रेन में 2014 में बने अलगाववादी इलाकों ने हमसे मदद मांगी थी, उनके कहने पर ही हम यह कदम उठा रहे हैं।
Multiple ammunition depots of #Ukrainian Armed Forces have been targeted by the ballistic missiles and cruise missiles launched by #Russian Army and Air Force across Ukraine. This example was in #Svatovo. pic.twitter.com/LjhMH5idHl
— Ashish Sinha (@Ashish_sinhaa) February 24, 2022
पुतिन के ऐलान के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस कदम की निंदा की। बाइडेन बोले- पुतिन के फैसले का बहुत बुरा नतीजा निकलेगा। पूरी दुनिया हमारे साथ है, इस कदम का जवाब देंगे। रूसी हमले के बाद यूक्रेन में मार्शल लॉ लगा दिया गया है। यूक्रेन की तरफ से युद्ध रोकने की अपील की गई है। राजधानी कीव के एयरपोर्ट के खाली कराया गया है।
पुतिन के बयान के तुरंत बाद ही यूक्रेन में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके, राजधानी कीव में बड़े धमाकों की रिपोर्ट्स सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रमातोस्क में 2 धमाके सुने गए हैं। रूसी सिपाही क्रीमिया के रास्ते यूक्रेन में घुस रहे हैं। बॉर्डर पर दो लाख से ज्यादा रूसी सिपाही तैनात हैं। पुतिन ने ये ऐलान UNSC की बैठक की बीच किया है। यह बैठक रूस-यूक्रेन तनाव पर ही चल रही है, अब रूस पर कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया जा सकता है।
यूएस सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के पूर्व निदेशक डेविड पेट्रियस का कहना है कि कोल्ड वॉर खत्म होने के बाद पुतिन ने नाटो को सबसे बड़ा तोहफा दे दिया है। इस खतरे की वजह से नाटो फिर से एकजुट हो गया है। पुतिन रूस को महान बनना चाहते है, लेकिन उन्होंने अपनी हरकत से नाटो को फिर से महान बना दिया।
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यूएन की तरफ से शांति की अपील की गई है। युद्ध के खतरे के बीच फ्रांस ने बुधवार को अपने नागरिकों से बिना देरी किए यूक्रेन छोड़ने को कहा है। फ्रांस के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यूक्रेन की सीमाओं पर रूसी सैनिकों के जमा होने की वजह से गंभीर तनाव पैदा हो गया है। साथ ही दो अलगाववादी क्षेत्रों को रूस ने मान्यता दी है और यूक्रेन ने इमरजेंसी लागू कर दी है। इसलिए यूक्रेन में मौजूद फ्रांसीसी नागरिकों को बिना देरी के देश छोड़ देना चाहिए।
मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोट
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान’ की घोषणा के तुरंत बाद यूक्रेन में कई जगह धमाकों की आवाज सुनी गई है। एएफपी के अनुसार, यूक्रेन के पूर्वी बंदरगाह शहर मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोट की आवाज सुनी गई है।
यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा- यूक्रेन के विदेश मंत्री
रूसी राष्ट्रपति के ऐलान के बाद यूक्रेन के विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा। पुतिन ने अभी-अभी यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया है। यूक्रेन के शांतिपूर्ण शहरों पर हमले हो रहे हैं, यह आक्रामकता का युद्ध है। दुनिया पुतिन को रोक सकती है और उसे भी करना चाहिए। अब कार्रवाई करने का समय है।
रूस-यूक्रेन संकट के बीच यूक्रेन में कई जगह धमाके
रूस के साथ युद्ध की आशंका के बीच कीव में धमाके की आवाज सुनी गई है। समाचार एजेंसी के अनुसार, कीव में एक जोरदार धमाका हुआ है। राजधानी कीव के अलावा खार्किव, पूर्वी यूक्रेन के मारियुपोल में धमाकों की आवाज सुनी गई है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बयान
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने संबोधन में कहा यूक्रेन में (विशेष सैन्य अभियान की) हमारी योजनाओं में यूक्रेनी क्षेत्र पर कब्जा शामिल नहीं है। हमारा लक्ष्य यूक्रेन का गैरफौजीकरण हैं।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इस मुलाकात में रूस-यूक्रेन संकट, इंडो-पैसिफिक में आपसी सहयोग, भारत और फ्रांस के बीच डिप्लोमैटिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों को मजबूत पर चर्चा हुई। भारत ने पूर्वी यूरोप में तनाव कम करने के लिए मैक्रों की कोशिशों की सराहना की। इससे एक दिन पहले जयशंकर ने फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में बोलते हुए फ्रांस की तारीफ करते हुए उसे वर्ल्ड सुपर पावर बताया था।
रूस के खिलाफ रणनीति तय करने के लिए यूरोपीय यूनियन की गुरुवार यानी आज बेहद अहम मीटिंग करेगा। वैसे खास बात यह है कि यही मीटिंग बेलारूस में होगी, जो पहले ही रूस के साथ है और रूसी फौज बेलारूस की धरती पर मौजूद है। वहीं, आज यूक्रेन मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर बैठक होगी। इस मसले पर एक हफ्ते में UNSC की यह दूसरी मीटिंग है।







