राज्य सरकार त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को बिहार विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकार कोटे की २४ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले तोहफा देने की तैयारी में जुटी है। त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मासिक भत्ता दोगुना करने की योजना है। बढ़ोतरी की घोषणा बिहार विधान मंड़ल के बजट सत्र में की जायेगी और अगले वित्तीय वर्ष २०२२–२३ से भत्ते में बढ़ोतरी होगी। इससे २.५५ लाख जन प्रतिनिधियों को फायदा होगा।
पंचायती राज विभाग के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष‚ उपाध्यक्ष एवं सदस्य‚ पंचायत समिति सदस्य‚ प्रमुख एवं उप प्रमुख‚ ग्राम पंचायत सदस्य‚ ग्राम पंचायत मुखिया‚ ग्राम पंचायत उप मुखिया‚ ग्राम कचहरी पंच‚ ग्राम कचहरी उप सरपंच और ग्राम कचहरी सरपंच को मिलने वाले मासिक भत्ता में वृद्धि की दिशा में कार्य चल रहा है। मासिक भत्ता दोगुना करने की योजना है। ग्राम पंचायत सदस्य व ग्राम कचहरी पंच का मासिक भत्ता पांच–पांच सौ से बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रति महीने करने की योजना है तो ग्राम कचहरी उप सरपंच और ग्राम पंचायत उप मुखिया का मासिक भत्ता १२०० से बढ़ाकर ढाई–ढाई हजार रुपये कर दिया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायत मुखिया और ग्राम कचहरी सरपंच का भत्ता २५०० से बढ़ाकर पांच–पांच हजार रुपये किया जाएगा । जिला परिषद अध्यक्ष का भत्ता १२ हजार रुपये से बढ़ाकर २५ हजार‚ उपाध्यक्ष का १० हजार से बढ़ाकर २० हजार‚ जिला परिषद सदस्य का २५०० से बढ़ाकर पांच हजार‚ प्रखंड़ प्रमुख का १० हजार से बढ़ाकर २० हजार‚ प्रखंड़ उप प्रमुख का पांच हजार से बढ़ाकर १० हजार और पंचायत समिति सदस्य का मासिक भत्ता एक हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये किये जाने पर विचार चल रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पहले भी बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले त्रि स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते में वृद्धि की गयी थी। इसी के मद्ेनजर इस वर्ष भी भत्ते में वृद्धि करने की तैयारी चल रही है।







