चारा घोटाले के एक केस में लालू यादव को पेशी से राहत मिल गई है। बांका कोषागार से 46 लाख रुपए की अवैध निकासी मामले में लालू मंगलवार को पटना के CBI की विशेष अदालत MP-MLA कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से सशरीर पेशी से राहत देने की मांग की। इस पर कोर्ट राजी हो गया।
RJD सुप्रीमो ने कहा, “हुजूर… मैं अक्सर बीमार रहता हूं। ऐसे में मुझे पेश होने से राहत दीजिए। मेरे वकील इस मामले को देखेंगे।’ उनकी इस मांग पर कोर्ट ने कहा, “ठीक है अब से आप अपने वकील को तारीख पर भेज दीजिएगा।’ इतनी सुनवाई के बाद केस की अगली तारीख 30 नवंबर तय की गई। कोर्ट में हाजिरी के बाद लालू संत जोसेफ स्कूल के मैरी वार्ड में बीमार सिस्टर नीलिमा से मिलने पहुंचे।
बता दें, इस केस में पटना के स्पेशल जज प्रजेश कुमार की अदालत ने लालू सहित 28 आरोपियों को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। इसके बाद RJD सुप्रीमो सोमवार शाम दिल्ली से पटना आए हैं।
11 बजे कोर्ट में पेश हुए लालू यादव
बांका कोषागार मामले में लालू यादव विशेष सीबीआइ कोर्ट के न्यायाधीश प्रजेश कुमार के न्यायालय में सुबह 11 बजे पेश हुए। कोर्ट ने इस मामले की अगली तारीख वा 30 नवंबर को सुनवाई होगी। इस मामले में कोर्ट के सामने हाजिर होने के लिए वे एक दिन पहले ही अपनी पत्नी राबड़ी देवी और बड़ी बेटी मीसा भारती के साथ पटना आ गए थे। पटना में वे अपनी पत्नी के सरकारी आवास पर ठहरे हुए हैं। इस दौरान राजद के कई वरिष्ठ नेताओं ने राबड़ी आवास जाकर उनसे मुलाकात की। आपको बता दें कि लालू यादव चारा घोटाले के एक मामले में पहले से ही सजायाफ्ता हैं और उन्हें स्वास्थ्य आधार पर आधी सजा पूर होने के बाद जमानत दी गई है। इस मामले में वे साढ़े तीन साल तक जेल में रहे हैं।
चारा घोटाले के छह मुकदमों में फंसे हैं लालू
लालू यादव बतौर बिहार का मुख्यमंत्री रहने के दौरान हुए चारा घाेटाले के कुछ छह मामलों में फंसे हुए हैं। इनमें पांच मामले अब झारखंड में चले गए हैं, जबकि एक मामला पटना की सीबीआइ अदालत में चल रहा है। रांची की सीबीआइ अदालत में भी डोरंडा ट्रेजरी से 139 रुपए की अवैध निकासी के मामले में भी सुनवाई लगातार चल रही है। डोरंडा ट्रेजरी मामले में भी इसी महीने की 29 तारीख को सुनवाई होनी है। इस मामले में अब जल्द ही फैसला आने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
1996 से चल रहा मामला
बांका उपकोषागार से फर्जी विपत्र के सहारे 46 लाख रुपए की अवैध निकासी का मामला 1996 से चल रहा है। इसमें शुरू में तात्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव के अलावा 44 आरोपी थे। फिलहाल 28 लोगों पर केस चल रहा है। आधा दर्जन आरोपियों की मौत हो चुकी है। इसकी सूचना कोर्ट को दी गई है।
इस बार एयरपोर्ट से व्हील चेयर पर बाहर आए लालू प्रसाद
फिलहाल लालू यादव कई बीमारियों के शिकार हैं। उन्हें चलने-फिरने में भी कठिनाई हो रही है। उनकी किडनी पूरी तरह से काम नहीं कर रही है। इसलिए परेशानी बढ़ी हुई है। जमानत मिलने के बाद से वे लगातार दिल्ली स्थित अपनी बेटी मीसा भारती के आवास पर रह रहे हैं।







