गहलोत कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद राजस्थान गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में एक व्यक्ति और एक पद के अनुशासन को ध्यान में रखते हुए हमने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि गहलोत कैबिनेट की बैठक आज शाम पांच बजे होगी।
इससे पहले राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के 3 मंत्रियों ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसे मुख्यमंत्री गहलोत ने मंजूर कर लिया है। राजस्थान में कैबिनेट के पुनर्गठन की कवायद के बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा था।
दिल्ली से फोन आने के बाद दिए इस्तीफे
प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कल रात ही साफ कर दिया था कि इस्तीफे मंजूर ही समझे जाएं। कल शाम काे ही तीनों मंत्रियों ने इस्तीफे भिजवाए थे, इसके लिए तीनों के पास दिल्ली से फोन आए थे। तीनों के इस्तीफे के लेटर सोनिया गांधी और सीएम अशोक गहलोत के पास भेजे गए थे, जिन्हें मंजूर कर लिया गया।
शाम को मंत्री परिषद में और इस्तीफे संभव
शाम को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्री परिषद की बैठक बुलाई है, इस बैठक में सभी कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को बुलाया गया है। इस बैठक में कई और मंत्रियों के भी इस्तीफे लिए जा सकते हैं। चर्चाओं के अनुसार करीब 4 मंत्रियों के इस्तीफे और लिए जा सकते हैं, शाम तक इस बारे में तस्वीर साफ हो जाएगी।
माकन-गहलोत के बीच लंबी मंत्रणा
मंत्रिमंडल फेरबदल से पहले प्रदेश प्रभारी अजय माकन और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच लंबी चर्चा हुई है। सीएम निवास पर सुबह से गहलोत और माकन के बीच लंबी मंत्रणा हुई है। इसमें मंत्रिमंडल फेरबदल के फॉर्मूला और शपथ ग्रहण पर चर्चा हुई है। नए संसदीय सचिव बनाए जाने और राजनीतिक नियुक्तियों पर भी बात हुई है।
डोटासरा बोले, एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत की पालना में इस्तीफे दिए
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- हमने एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत की पालना करते हुए इस्तीफे दे दिए हैं ।संगठन के माध्यम से अब सरकार की योजनाओं को गांव गांव तक पहुंचाएंगे। हमारा फोकस अब 2023 में कांग्रेस की सरकार को फिर से बनाना है। आगे हम संगठन का विस्तार करेंगे। सत्ता और संगठन में समन्वय से काम करते हुए योजनाओं का जनता तक लाभ पहुंचाने के लिए काम करेंगे।
इस बीच राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी अजय माकन शुक्रवार को ही जयपुर पहुंच गए। माकन ने एयरपोर्ट पर कहा, ‘मुझे आपको यह जानकारी देते हुए खुशी हो रही है कि राजस्थान मंत्रिमंडल के हमारे तीन होनहार मंत्रियों ने आज सोनिया गांधी को पत्र लिखा है कि मंत्री पद छोड़ने की पेशकश की है। साथ ही पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई है।’
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इससे पहले गुरुवार को कहा था कि राजस्थान में कांग्रेस में कोई गुटबाजी या झगड़ा नहीं है बल्कि विपक्ष भाजपा वाले इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। गहलोत द्वारा कभी बागी गुट का माने जाने वाले विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कांग्रेस एवं समर्थक 115 विधायकों से एक-एक कर बात की थी और सभी ने उनसे कहा,‘काम के मामले में हमारी कोई शिकायत नहीं। जितने काम हमने कहे, हमारे सब काम हुए। कोई गुटबाजी नहीं राजस्थान में। आप खुद देखेंगे कि गुटबाजी की अफवाहें विपक्ष वाले फैला रहे हैं। गुटबाजी वहां पर हैं कि उनकी जमानतें जब्त हो रही हैं कोई तीसरे कोई चौथे स्थान पर रह रहा है।’







