बिहार के सीएम नीतीश कुमार जहरीली शराब से मौत मामले में एक्शन मोड में आ गए हैं. गोपालगंज और बेतिया में जहरीली शराब 25 लोगों की मौत के बाद सीएम नीतीश कुमार ने संबधित अधिकारियों के संग बैठक बुलाई और सभी को दोषी लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सीएम नीतीश ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने स्तर पर समीक्षा बैठक कर दोषियों की पहचान कर कठोर से कठोर कार्रवाई करें. साथ ही सीएम ने मद्य निषेध विभाग और पुलिस मुख्यालय को भी हर दूसरे दिन बैठक कर समीक्षा करने को कहा है. नीतीश कुमार गोपालगंज में हुई जहरीली शराब कांड से बेहद नाराज़ हैं. उन्होंने पटना में अपने सरकारी आवास एक आने मार्ग में आनन फ़ानन में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और आला अधिकारियों व विभागीय मंत्री को साफ-साफ कह दिया किअब लापरवाही किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नीतीश कुमार ने बैठक में कहा कि शराबबंदी को सरकार ने सख़्ती से लागू किया है जो भी इसे कमजोर करने में लगे हुए है उन्हें पहचान कर उन पर कठोर कार्रवाई करें.
नीतीश कुमार ने निर्देश दिया कि लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाए. इसके लिए प्रमंडल स्तर पर जन जागरूकता अभियान शुरू करने की रूपरेखा तैयार की जाए. नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी महिलाओं की मांग पर की गई थी. महिलाओं को फिर से प्रेरित करें ताकि गड़बड़ करने वालों की पहचान हो सके. साथ ही राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, सभी सरकारी आवास में शराबबंदी के पक्ष में दीवार लेखन और प्रचार के अन्य माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए ताकि लोग जागरूक हो सकें.
इससे पहले सीएम नीतीश ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि छठ महापर्व के बाद शराबबंदी को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक की जाएगी. शराबबंदी को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए बड़ा अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी से हम पहले से कह रहे थे, गलत लोगों के चक्कर में न पड़ें. गलत चीजों का इस्तेमाल करेंगे तो ऐसी ही स्थिति सामने आएगी. लगातार पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाती है और लोग गिरफ्तार होते हैं. अवैध शराब बरामद की जाती है.
मिली जानकारी के अनुसार बिहार के पश्चिम चंपारण और गोपालगंज जिले में जहरीली शराब पीने से 25 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि सरकार के स्तर पर मरने वालों की संख्या 21 ही बताई जा रही है. शराब कांड को लेकर मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने सफाई दी है. मंत्री ने स्वीकार किया कि इन दोनों जिलों में शराब से मौत संभावित है. उन्होंने गोपालगंज में 11 और बेतिया में 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है.
मंत्री ने कहा कि फिलहाल विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि इस कांड में कुछ भी छिपाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है, जो सच्चाई है वही बात मीडिया को भी बताई जा रही है. मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार शराबबंदी कानून का कड़ाई से पालन करने के लिए गंभीर है और यही करने की दूसरी राज्यों की तुलना में बिहार में कार्रवाई और गिरफ्तारी भी सबसे ज्यादा हुई है.
प्रत्याशियों पर समर्थकों को शराब पिलाने का आरोप
बिहार के गोपालगंज जिले में जहरीली शराब से हुई 10 लोगों की मौत मामले में भी पंचायत चुनाव के दौरान वोटरों को प्रभावित करने की बात सामने आ रही है. मिली जानकारी के अनुसार जिले मोहम्मदपुर के कुशहर, मोहम्मदपुर और तुरहा टोला में प्रत्याशियों द्वारा समर्थकों और दूसरे ग्रामीणों को शराब परोसा जा रहा था और इसी शराब के सेवन से लोगों की मौत की बात कही जा रही है. इस मामले में गोपपालगंज के डीएम डॉ नवल किशोर का कहना है कि तीन जगह छापेमारी की गयी है, जिसमें से 2 जगहों पर शराब बरामद हुई है.
चुनाव में क्यों बढ़ जाती है शराब की खपत
बिहार पंचायत चुनाव ही नहीं, विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव के दौरान भी अलग-अलग जिलों में शराब की खपत बढ़ जाने के मामले पहले भी आते रहे हैं. लेकिन, बिहार पंचायत चुनाव में खास तौर पर ग्रामीणों के बीच देसी शराब के सेवन को खूब बढ़ावा दिया जाता है. वोट फिक्सिंग के लिए देसी शराब का इस्तेमाल कोई नई और छिपी बात नहीं है. अपने पक्ष में ग्रामीणों से वोट करवाने के लिए प्रत्याशी और उनके समर्थक बड़े आराम से शराब की सप्लाई कराते हैं.
सूबे मे जहरीली शराब से मौत के मामले आने के पुलिस ने शराब के अवैध कारोबारियों पर दबिश शुरू कर दी है। बाढ़ में शनिवार को इसी कड़ी में अथमलगोला थाने की पुलिस ने थाना क्षेत्र के दियारा इलाके में जबरदस्त कांबिंग आपरेशन चलाते हुए गंगा के सुदूर दियारा में चल रहे अवैध शराब की दर्जन भर भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। वहीं इन भट्ठियों के आसपास मौजूद शराब बनाने के उपकरणों को भी तबाह कर दिया। जबकि हजारों लीटर कच्चा माल को पुलिस ने नेस्तनाबूत कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दियारा इलाके में अवैध शराब बनाने का काम चल रहा है जिसके बाद पुलिस ने टीम बनाकर दियारा में दबिश दिया और अवैध शराब की भटिठयों केा तबाह कर दिया। हालांकिं पुलिस ने आने की भनक मिलते ही धंधेबाज मौके से फरार हो गये। पुलिस धंधेबाजों की पहचान करने मे ंजुट गयी है। दूसरी ओर बाढ़ के ही भदौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ड़भामा गांव में पुलिस ने छापेमारी कर अवैध देसी शराब के साथ रामकरण चौहान को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है जिसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है॥। उधर बख्तियारपुर में पुलिस ने शराब के धंधे के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में शराब बरामद किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसे जानकारी मिली कि धंधेबाजों ने देदौर गांव के समीप शराब की खेप छुपाकर रखी हुई है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने चिन्हित स्थल राज बल्लभ सिंह के घर के रास्ते में गड्ढा में गाड़कर रखी शराब की खेप बरामद की। बरामद शराब की मात्रा ३६५ लीटर है जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। इस संबंध प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही पुलिस धंधेबाजों की तलाश में जुट गई है।







