बिहार के दो जिलों में बीते दो दिनों में 23 लोगों की मौत हो चुकी है। 14 की हालत गंभीर है। मरने वालों में 13 गोपालगंज के रहने वाले थे। यहां 7 लोगों की हालत गंभीर है। इनमें 3 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। बेतिया में 10 मौतें हुई हैं। यहां 7 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। आशंका है कि इन सभी ने जहरीली शराब पी थी।
गांव वालों ने बताया कि बुधवार शाम तक 8 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, गुरुवार सुबह तक मोतिहारी और गोपालगंज के अस्पताल में भर्ती पांच और लोगों की मौत हो गई। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। हालांकि, प्रशासन ने गुरुवार सुबह तक मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी की बात से इनकार किया है। जिन आठ लोगों की पहले मौत हुई थी बुधवार शाम को इन सभी के घर खनन मंत्री जनक राम पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया।

बेतिया प्रशासन ने कहा- मामला संदिग्ध है
बेतिया की घटना में पीड़ितों के परिजन ने बताया कि बुधवार शाम इन लोगों ने गांव में देसी चुल्हाई शराब पी थी। देर रात तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया। इनमें से 10 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। उधर, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। DM कुंदन कुमार का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है। मेडिकल टीम भेजकर जांच करवाई जा रही है।
बेतिया में 10 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई है, जबकि 7 लोगों की हालत गंभीर है। आशंका है कि जहरीली शराब पीने से इनकी मौत हुई है। घटना नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव की है। परिजनों का कहना है कि बुधवार शाम को इन लोगों ने गांव में देसी चुल्हाई शराब पी थी। देर रात तबीयत बिगड़ने लगी तो इलाज कराने अस्पताल में भर्ती करवाया। इनमें से 8 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस मामले में छानबीन में जुट गई है। चंपारण रेंज के डीआईजी प्रणव कुमार प्रवीण बेतिया डीएम कुंदन कुमार और एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा पहुंच शराब से भरे सभी व्यक्तियों के परिजनों से मिले पर आश्वासन देने के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
डीआईजी प्रणव कुमार प्रवीण ने बताया कि लोगों की मौत की सूचना मिली है। नौतन थाना पर कार्रवाई हो रही है। जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। DM कुंदन कुमार ने बताया कि 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मेडिकल टीम भेजकर जांच करवाई जा रही है।
परिजन बोले- हरिजन टोली गांव में शराब पी थी
मृत बच्चा यादव की पत्नी शैल कुमारी देवी ने बताया कि नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिण तेलुआ पंचायत के हरिजन टोली गांव में बुधवार शाम शराब पी थी, जिसके बाद इनकी घर आने पर तबीयत खराब हो गई। जब हॉस्पिटल ले गया गया तो वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और बताया कि जहरीली शराब पीने से मौत हुई है।
आरोप- गांव के ही चौकीदार व दफादार शराब बेचवा रहे
परिजनों का आरोप है कि गांव के ही चौकीदार और दफदार द्वारा पैसा लेकर शराब बेचवाया जाता है। कभी भी पुलिस शराब कारोबारियों को नहीं पकड़ती है। अगर पुलिस शराब कारोबारियों को पकड़ी रहती तो यह घटना नहीं होती। परिजनों ने डीआईजी और डीएम से नौतन थाना पर करवाई करने का भी मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार शाम को इन लोगों ने गांव में ही शराब पी थी। देर रात हालत बिगड़ी तो 8 को जीएमसीएच और 9 को जगदीशपुर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। इनमें से 10 की इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस मामले को गंभीरता से ले और जहरीली शराब बेचने वालों को गिरफ्तार करे।
मरने वालों के नाम
- हाशिम खान (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- मुकेश पासवान (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- हनुमत सिंह (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- महराज यादव (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- बच्चा यादव (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- जवाहर सहनी (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- रमेश सहनी (झाखरा पंचायत)
- उमाशंकर साह (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- ठग हजरा (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
- सिकंदर राम (दक्षिण तेलहुआ पंचायत)
शराबबंदी के बाद से अब तक 121 मौतें
बिहार में 5 अप्रैल 2016 को शराबबंदी हुई। तब से अब तक 123 लोगों की मौत शराब पीने की वजह से मानी जाती है। बताया जाता है कि ये मौतें जहरीली शराब से हुई हैं। 2016 से 2020 तक 35 लोगों की मौत हुई थी। इस साल अब तक 86 जानें गई हैं। इनमें बीते 48 घंटों में हुईं 21 मौतें भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनाव की वजह से शराब की डिमांड बढ़ी। इस वजह से शराब माफिया ने कलर और स्प्रिट की मात्रा बढ़ा दी। इससे बनी शराब को विदेशी बताकर पिलाने के कारण लोगों की जानें जा रही हैं।
डाक्टर ने की स्प्रिट पीने की पुष्टि: कई मरीजों का इलाज कर रहे जगदीशपुर के ताज अस्पताल के चिकित्सक डा. इफ्तेखार आलम ने मरीजों के स्प्रिट पीने की पुष्टि कर दी है। सूत्र बता रहे हैं कि जहरीली शराब पीने से बीमार एक दर्जन के अधिक लोगों का दरभंगा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल सहित कई निजी अस्पतालों में चल रहा है।
पुलिस कर रही मामले की जांच: डाक्टर ने मामले में बीमार लोगों के स्प्रिट पीन की पुष्टि कर दी है, लेकिन पुलिस-प्रशासन फिलहाल जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं कर रहा है। पुलिस का रटा-रटाया जवाब है कि जांच व पोस्टमार्स्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। गुरुवार की सुबह घटना की जांच करने स्थानीय थाने की पुलिस गांव पहुंची। एसडीपीओ मुकुल परिमल पांडेय ने संदिग्ध परिस्थितियों में कुछ लोगों की मौत की सूचना को स्वीकार किया, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही। इस बीच जगदीशपुर थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने ताज अस्पताल पहुंच कर मामले की जांच की है।
गोपालगंज में 13 लोगों की हुई मौत
उक्त घटना के एक दिन पहले ही गोपालगंज में जहरीली शराब ने आठ लोगों की जान ले ली थी। अभी तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो चुकी है। गाेपालगंज के महम्मदपुर थाने के महम्मदपुर गांव में मंगलवार व बुधवार के दौरान जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। वहां जहरीली शराब पीकर बीमार पांच अन्य लोग भी गुरुवार तक मर चुके थे। अभी भी कई बीमार लोगों का इलाज गोपालगंज, मोतिहारी और पटना के अस्पतालों में चल रहा है।
जहरीली शराब से हुई मौत: इस मामले में भी प्रशासन अभी तक मौतों को संदिग्ध मान रहा है। गाेपालगंज के डीएम कहते हैं कि शवों का पोस्टमार्टम व एसएफएल जांच कराई जा रही है। पुलिस अवैध शराब के चार संदिग्ध धंधेबाजों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस फिलहाल भले ही नहीं माने, मृतकों के स्वजन जहरीली शराब से मौत की बात कर रहे हैं। एक मृतक संतोष साह की मां उमरावती देवी ने कहा कि उनके बेटे ने मंगलवार की रात शराब पी थी। आधी रात में उसकी तबीयत बिगड़ गई, फिर उसकी मौत हो गई। महम्मदपुर गांव के लोगों ने कहा कि मंगलवार की रात उन लोगों (बीमार व मरने वालों) ने महम्मदपुर चौक पर शराब पी थी। इसके बाद उन्हें पेट दर्द, उल्टी, दस्त, धुंधला दिखाई दने तथा सिर में चक्कर आने के बाद इलाज के लिए ले जाया गया। मृतकों के परिवार से मुलाकात करने वाले बिहार सरकार में मंत्री जनक राम के अनुसार जहरीली शराब के कारण कम-से-कम सात लोगों की जान गई है।
2021 में जहरीली शराब ने ली 90 की जान
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी (Liquor Ban in Bihar) लागू है, लेकिन यहां जहरीली शराब से मौत का सिलसिला लगातार जारी है। साल 2021 में अब तक 15 अलग-अलग घटनाओं में जहरीली शराब से करीब 90 लोगों की मौत हो चुकी है। यही रफ्तार रही तो इस साल यह आंकड़ा सौ पार कर ले तो आश्चर्य नहीं। खास बात यह भी है कि शराबबंदी के बाद अभी तक राज्य में करीब 125 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हो चुकी है। सर्वाधिक मौतें साल 2021 में ही हुई हैं।
साल 2021 की कुछ घटनाएं, एक नजर
पश्चिम चंपारण व गाेपालगंज की बीते दो दिनों के दौरान की घटनाओं के पहले भी ऐसी कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इस साल जहरीली शराब से मौत का खाता मुजफ्फरपुर में 17 और 18 फरवरी 2021 को कटरा थाना इलाके में पांच की मौत से खुला था। आगे 26 फरवरी को भी मुजफ्फरपुर के मनियार स्थित विशनपुर गिद्दा में दो ग्रामीणों की मौत हाे गई। फिर, 28 अक्टूबर 2021 को भी मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के रूपौली और विशहर पट्टी गांवों में जहरीली शराब ने आठ लोगों की जान ले ली।
जहरीली शराब से मौत के बड़ी घटना नवादा में होली के बाद हुई थी, जब टाउन थाना क्षेत्र के गांवों में 16 से अधिक लोगों की जान गई थी। होली के बाद ही जहरीली शराब से बेगूसराय के बखरी में दो, कोचा में चार, गोपालगंज के विजयपुर के मंझौलिया में तीन, मुफस्सिल के बरही बीघा में एक, रोहतास के करगहार में एक तथा कैमूर के टाउन थाना क्षेत्र में दो लोगों की मौत हो गई थी।
जहरीली शराब से मौत की एक और बड़ी घटना तुलाई में पश्चिमी चंपारण में 16 की मौत के साथ चर्चा में आई थी। आगे सीवान के गुठनी में बीते 24 अक्टूबर को चार तथा इसके पहले वैशाली के राजापाकड़ में 12 अक्टूबर को एक की मौत की घटनाएं भी चर्चा में रहीं।
विपक्ष हमलावर तो बचाव में उतरा जेडीयू
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को विपक्ष बिहार में शराबबंदी की विफलता मानता है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता चितरंजन गगन कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिखावे वाली शराबबंदी ने एक समानांतर अर्थव्यवस्था को जन्म दिया है, जिसमें अवैध शराब निर्माण, शराब की तस्करी तथा उसकी घरों में आपूर्ति को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। इस कारण निर्दोष लोगों की मौत हो रही है। विपक्ष की आलोचना के बीच जेडीयू प्रवक्ता डा. सुहेली मेहता कहतीं हैं कि ये घटनाएं निश्चित तौर पर दर्दनाक हैं और नहीं होनी चाहिए। हालांकि, इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अवैध शराब की घटनाओं को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने शीर्ष पुलिस और आबकारी अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
खजूरबनी शराबकांड में 9 को मिली थी फांसी की सजा
2016 से अब तक सिर्फ गोपालगंज में 36 लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की बात सामने आ रही है। इसमें इस साल की 17 मौतें भी शामिल हैं। इससे पहले 2016 में 19 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी। 15-16 अगस्त 2016 को खजूरबानी में यह घटना हुई थी। इसकी पुष्टि कोर्ट में हो गई थी। मामले में 5 मार्च 2021 को स्पेशल कोर्ट ने 13 लोगों को सजा भी सुना दी। पहली बार शराब कांड में 9 को फांसी दी गई, जबकि 4 को उम्रकैद मिली।






