Warning: getimagesize(https://ubindianews.com/wp-content/uploads/2021/10/cobid.jpg): Failed to open stream: HTTP request failed! HTTP/1.1 404 Not Found in /home/oglinuxc/ubindianews.com/wp-content/plugins/easy-social-share-buttons3/lib/modules/social-share-optimization/class-opengraph.php on line 612
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय

21वीं सदी की वैश्विक आपदा कोविड–19 मनुष्यता को नये तरीके से परिभाषित कर रहा………..

UB India News by UB India News
October 31, 2021
in Lokshbha2024, खास खबर, ब्लॉग, समाज
0
21वीं सदी की वैश्विक आपदा कोविड–19 मनुष्यता को नये तरीके से परिभाषित कर रहा………..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

21वीं सदी की वैश्विक आपदा कोविड–19 कोरोना मनुष्यता को नये तरीके से परिभाषित कर रहा है। समानान्तर रूप से मानवता को बचाने और कलंकित करने की नित नई घटनाओं से हम सब परिचित हो रहे हैं। इस आपदा ने हर आयु वर्ग के लोगों के अंदर डर पैदा किया है। सबसे कठिन चुनौतियां वृद्ध जीवन के सामने हैं। एक तरफ वह महामारी से लड़ना पड़ रहा है‚ तो दूसरी तरफ परिजनों के अमानवीय व्यवहार से।

भारतीय समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान की एक लम्बी परम्परा रही है‚ जिसका संबंध हमारी श्रेष्ठ संस्कृति से है। कोई भी समाज सिर्फ एक ही आयु वर्ग के लिए नहीं होता है‚ लेकिन बदलते हुए समय और समाज में वृद्ध जीवन की चुनौतियां निरन्तर बढ़ती जा रही हैं। हमारा समाज भी वृद्धों को लेकर बहुत उदारता का परिचय नहीं दे रहा है। इसका सत्यापन सूचनाओं और अनुभवों के आधार पर होता रहता है। कोरोना ने वृद्धों की तुलना में युवाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सोच को बल दिया है। यह मनुष्य के नैसर्गिक अधिकार की भावनाओं के विरु द्ध है। बुजुर्गों के प्रति उदासीनता और एक हद तक हमारी जीवन शैली में बदलाव का दुःखद परिणाम है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में बुजुर्गों के सम्मान को शीर्ष पर रखा गया है। वैश्वीकरण ने वृद्धावस्था को एक हद तक अनुपयोगी और हाशिये में परिवर्तित कर दिया है। मनुष्य की जिजीविषा सर्वविदित है।

RELATED POSTS

समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

अरिजीत सिंह ने अचानक लिया संन्यास……………

हमारी सामाजिक संरचना और जनतांत्रिक व्यवस्था में उम्रगत कोई भेदभाव नहीं किया गया है। इस आपदा ने उपयोगी और अनुपयोगी के बीच एक विभाजक रेखा खींच दी है। बुजुर्ग अनुपयोगिता के दंश के साथ जीने के लिए अभिशप्त हो रहे हैं। हम एक ऐसे वातावरण का निर्माण कर रहे हैं जहां बुजुर्गों के लिए कोई जगह नहीं है। कोरोना के दूसरे फेज में कई अस्पतालों में वृद्ध लोगों की जगह युवाओं को इलाज के लिए प्राथमिकता दी गई। वृद्ध जीवन की मृत्यु की शर्त पर किसी युवा के जीवन की तलाश कितना अमानवीय हैॽ यह चिंता और चिंतन‚ दोनों का विषय है। दुनिया में पांच ऐसे देश हैं‚ जहां ६५ वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या सर्वाधिक है। जापान में बुजुर्गों की संख्या २८ फीसद वहीं इटली में २३ फीसद‚ फिनलैंड में २२ फीसद‚ पुर्तगाल २१ फीसद एवं ग्रीस में २१ फीसद है। जापान दुनिया का इकलौता देश है‚ जहां बुजुर्गों के लिए अलग से मिनिस्ट्री ऑफ लोनलीनेस बनाया गया है।

भारत में बुजुर्गों की बदहाली चिंतनीय है। सरकारी योजनाओं और सामाजिक संस्थानों के शिथिल और अदूरदर्शी कदम बुजुर्गों का कितना भला करेंगे‚ यह और भी चुनौतीपूर्ण है। आज समाज में आम धारणा बनती जा रही है कि बुजुर्गों ने तो अपना जीवन जी लिया‚ युवाओं को अवसर मिलना चाहिए। यह एक खतरनाक किस्म की वैचारिकी की शुरु आत है। मनुष्य की उपयोगिता के आधार पर जीवन की प्राथमिकता तय करना बाजार की शर्त हो सकती है‚ मनुष्यता की कतई नहीं। मानवीय जिजीविषा और त्याग के द्वंद्व में जीत हमेशा जिजीविषा की होती है क्योंकि त्याग भी तभी संभव है जब जीवन की उपस्थिति हो। जीवन का सांध्य वृद्धों के लिए कलरव संगीत नहीं है। तब तो और भी नहीं है‚ जब उसका जीवन उपयोगितावाद की कसौटी पर खड़ा होता है। असमर्थ बुजुर्गों की हालत को इस महामारी ने और भी बदतर बना दिया हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। आर्थिक संसाधनों की कमी की वजह से सबसे ज्यादा समझौता बुजुर्गों को ही करना पड़ता है। खानपान से लेकर वस्र‚ दवा‚ मनोरंजन सबमें कटौती की मार झेलनी पड़ती है। कोरोना महामारी ने ऐसे बुजुर्गों की हालत को और भी बदतर बना दिया है। इस कोरोना काल में कई बुजुर्ग घर से बाहर अभी तक निकले ही नहीं हैं‚ या निकलने नहीं दिए गए हैं। भय और सुरक्षा के दृष्टिकोण से शायद यह सही भी है‚ लेकिन बुनियादी सुविधाओं से दूर होकर जिंदगी जिंदगी रह पाती है क्याॽ हताश और निराश बुजुर्गों के सामने आशा का हर कोना अंधेरे में तब्दील हो चुका है। कई परिवारों में बुजुर्ग अकेले जीवन–यापन करने के लिए अभिशप्त हैं। कोरोना ने हमारी स्वास्थ्य सुविधाओं की असलियत पर से पर्दा हटा दिया है। आपदाओं की मार सबसे ज्यादा हाशिये पर पड़े बुजुर्गों पर ही पड़ती है। हर बार की तरह इस बार भी महामारी ने बुजुर्गों की दुनिया को ही ज्यादा बदरंग किया है। समय के साथ इस वैश्विक आपदा से भी हम सब मुक्त हो जाएंगे‚ लेकिन बुजुर्गों की उजड़ती दुनिया को कौन बसा पाएगाॽ

यह सिर्फ प्रश्न नहीं है अपितु जीवन को नये तरीके से देखने का विवेक पैदा करता है। कोविड–१९ से हमने इतना तो सीख ही लिया है कि भौतिक लिप्सा की अंधी दौड़ में आदमी अकेला पड़ जाता है। मनुष्यता का सौंदर्य सामूहिकता में है। संबंधों की मर्यादा और सम्मान में ही मनुष्यता का भविष्य सुरक्षित है। अनर्थकारी और हाहाकारी आपदा के तांडव के बीच हमें मनुष्यों की जीवटता पर आदिम विश्वास रखना ही होगा। मानवीय सहयोग–साहचर्य के पवित्र मंत्रों को याद करके ही हम इस आपदा में बुजुर्गों की दुनिया को सुरक्षित और खुशहाल रख सकते हैं।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

by UB India News
January 28, 2026
0

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आज वे दरभंगा पहुंचेंगे, जहां 105 करोड़ की 50 योजनाओं का शिलान्यास...

अरिजीत सिंह ने अचानक लिया संन्यास……………

अरिजीत सिंह ने अचानक लिया संन्यास……………

by UB India News
January 28, 2026
0

सुपरस्टार सिंगर अरिजीत सिंह के नए प्लेबैक गानों से दूरी बनाने के ऐलान ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल मचा...

अमेरिका का ईरान पर हमला पड़ सकता है भारी ………………..

ईरान-अमेरिका के बीच हर दिन के साथ बढ़ रहा तनाव ……………

by UB India News
January 28, 2026
0

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. फिलहाल दोनों देशों में सीधी जंग तो नहीं, लेकिन...

यूरोपीय बाजार में भारत की एंट्री से हिला संतुलन……..

यूरोपीय बाजार में भारत की एंट्री से हिला संतुलन……..

by UB India News
January 28, 2026
0

यूरोप के बाजार में भारत ने ऐसी एंट्री मारी है, जिसने दक्षिण एशिया और मिडिल ईस्ट के कई देशों की...

क्या केंद्र सरकार के किसी आदेश को नकार सकती है राज्य सरकार …………..

क्या केंद्र सरकार के किसी आदेश को नकार सकती है राज्य सरकार …………..

by UB India News
January 28, 2026
0

भारत के संघीय सिस्टम में पावर केंद्र और राज्यों के बीच बटी हुई है. संविधान में साफ तौर पर ऐसी...

Next Post
सरदार पटेल की जयंती पर विशेष : ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के पीछे का इतिहास

सरदार पटेल की जयंती पर विशेष : 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के पीछे का इतिहास

अभिनेता पुनीत राजकुमार का पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

अभिनेता पुनीत राजकुमार का पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2025 ubindianews.com All Rights Reserved

MADE WITH ❤ BY AMBITSOLUTIONS.CO.IN

No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend