वायुसेना के 89वें स्थापना दिवस के मौके पर आज बड़ा जश्न हो रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव के साल वायुसेना का ये स्थापना दिवस कई मायनों में यादगार होगा। पूरा कार्यक्रम दिल्ली के पास हिंडन एयरबेस पर हो रहा है जिसमें विदेशी राफेल से लेकर देशी तेजस तक वायुसेना के 75 एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं। ये मौका 1971 की जंग में पाकिस्तान पर जीत पर 50 साल पूरे होने का भी है, लिहाजा वायुसेना की तरफ से जंग के हीरोज और शहीदों की याद में भी विशेष कार्यक्रम हो रहे हैं।
भारतीय वायुसेना की स्थापना ब्रिटिश काल में 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी तब से लेकर आज तक के 89 साल के सफर की झलकियां आज के कार्यक्रम में दिखाई दे रही है। आज का स्थापना दिवस समारोह खास है आजादी के 75वें साल मनाए जा रहे अमृत महोत्सव को लेकर। आजादी के बाद के 75 वर्षों में देश के साथ हमारी वायुसेना ने भी कई मुकाम हासिल किए है। जंग की हालत में एयरफोर्स में जैसी निर्णायक भूमिका निभाई, उस सबका मुजाहिरा आज के समारोह में दिखेगा जब तिरंगा फॉरमेशन करते हुए वायुसेना के एयरक्राफ्ट और जांबाज पायलट हवा में कलाबाजियां करेंगे।
वायुसेना के स्थापना दिवस पर ये पूरा जश्न दिल्ली के करीब हिंडन एयरबेस पर आयोजित किया जा रहा है। मौका है आजादी के अमृत महोत्सव का और साथ ही पाकिस्तान पर 1971 की जंग में जीत के 50 साल पूरे होने का। इस मौके पर जो स्पेशल एयर डिसप्ले होगा, वो बेहद दिलचस्प होने वाला है। इसमें राफेल विमानों से लेकर सुखोई, मिग-21, जगुआर, मिराज, मिग-21, तेजर जैसे लड़ाकू विमान और हरक्यूलिस और ग्लोबमास्टर जैसे 75 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं। इन विमानों के साथ अलग अलग तरह के रोमांचक फॉर्मेशन देखने को मिलेंगे, जिसमें सबसे दिलचस्प होती है आसमान में तिरंगा बनाते लड़ाकू विमानों की कलाबाजियां।
वायुसेना हर चुनौती से निपटने को तैयार
- एयरफोर्स-डे में वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में युद्ध का तरीका बदला है। इसलिए हम खुद को बदले हुए तरीकों में ढाल रहे हैं। इस साल वायुसेना दिवस की थीम ‘आत्मनिर्भर और सक्षम’ है।
- इस थीम के जरिए हम संदेश देना चाहते हैं कि अब देश केा कम से कम कीमत में सर्वश्रेष्ठ विमान और रक्षा उपकरण मिल सकेंगे।
- कहा, वायुसेना लगातार नई तकनीकि और नए प्रोग्राम संचालित कर रहा है। जिससे हमारे योद्धा हर परिस्थिति से निपटने के लिए हर वक्त तैयार रहें।
- कोरोना काल में वायुसेना का जज्बा और कुशल नेतृत्व काबिल-ए-तारीफ है, यह पूरे देश ने देखा है। ऑक्सीजन से लेकर कोविड वैक्सीन तक वायुसेना के विमानों ने बेहद कम समय में पहुंचाई।

एयरफोर्स-डे से जुड़ी बड़ी बातें
- 57 इंजीनियर रेजिमेंट कोर द्वारा तैयार 225 फुट लंबा और 150 फुट चौड़ा तिरंगा प्रदर्शित किया गया। इसका वजन करीब एक हजार किलो है।
- 1971 में पाकिस्तान से युद्ध में भारतीय वायुसेना के जिस विमान ‘अजित जीनेट’ ने दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे, वह विमान आज हिंडन पर एयर डिस्प्ले में पहली बार रखा गया।
- देश की आजादी को 75 साल और पाकिस्तान से युद्ध जीते 50 साल पूरे हो गए हैं। स्थापना दिवस पर इस अमृत महोत्सव की झलकियां दिखाई पड़ीं।
- एयर चीफ मार्शल विवेकराम चौधरी जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो उन्हें तीन हेलिकॉप्टर ने गड़गड़ाहट करते हुए झंडे के साथ एयर सलामी दी।
- चार स्क्वाड्रन में 233 वायु योद्धाओं ने इस परेड में हिस्सा लिया। ग्रुप कैप्टन अतुल पठानिया इस पूरी परेड की अगुवाई की।
- राफेल, तेजस, मिग, चिनूक समेत कुल 75 एयरक्राफ्ट ने आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाए। ध्रुव और चिनूक हेलिकॉप्टर का प्रदर्शन शानदार रहा।
- आकाश गंगा दल की टीम आठ हजार फुट ऊंचाई से पैराशूट लेकर छलांग लगाई। इस टीम ने आसमान में तीन रंगों के पैराशूट को एक फॉर्मेशन में आकर तिरंगा की प्रस्तुति दी।
- वायुसेना स्थापना दिवस की थीम आत्मनिर्भर और सक्षम है। यह प्रदर्शित करती है कि भारत सबसे मजबूत है और किसी के भरोसे नहीं है।
- कोविड के चलते इस बार परेड में उचित दूरी रखी गई। एयर शो में बेहद कम लोग बुलाए गए। सभी के चेहरे पर मास्क लगे दिखाई दिए।
- एयरबेस पर 6500 फीट की ऊंचाई से डकोटा विमान से आकाशगंगा की टीम ने उड़ान भरी।
- आकाशगंगा ने 1971 की जंग में में भी भारतीय थल सेना के पैराजम्पर्स दल ने डकोटा विमान से ही जंप किया था।

तीनों सेना प्रमुख मौजूद
इस समारोह में तीनों सेना प्रमुख मौजूद हैं। कार्यक्रम को लेकर एयरबेस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। कोविड के चलते बेहद कम लोगों को इस कार्यक्रम में एयर शो देखने की अनुमति दी गई है। 13 एयरक्राफ्ट डिस्प्ले में रखे गए हैं। आसमान में एक-एक करके 75 एयरक्राफ्ट विभिन्न करतब दिखा रहे हैं।

आठ हजार फुट ऊंचाई से लगाई छलांग
कार्यक्रम की शुरुआत पॉवर हैंड ग्लाइडिंग दल से हुई है। आकाश गंगा टीम ने आठ हजार फुट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिए छलांग लगाई। एक फॉर्मेशन पर आकर उन्होंने तीन पैराशूट को तिरंगे के रूप में प्रदर्शित किया। दो चिनूक हेलिकॉप्टर एम-7 गन लादकर उड़े और मेघना फार्मेशन बनाया। 5 एमआई-35 हेलिकॉप्टर आसमान में एकलव्य फॉर्मेशन में दिखाई दिए। 9 सूर्य किरण विमानों ने डायमंड की फार्मेशन दी।

तेजस-राफेल की गड़गड़ाहट से गूंजा आसमान
लड़ाकू विमान तेजस 600 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आसमान से एक साथ नीचे आया और परेड ग्राउंड के ठीक ऊपर 200 किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ता गया। स्वदेशी तेजस, हरक्यूलिस, सी-17 ग्लोबमास्टर, मिराज-2000, जगुआर, सुखोई-30, अपाचे हेलिकॉप्टर, चिनूक हेलिकॉप्टर, मिग-29, ध्रुव हेलिकॉप्टर ने भी आसमान में करतब दिखाए।

भारत-पाक युद्ध के 50 साल पूरे, जीनेट विमान का प्रदर्शन
इस बार का स्थापना दिवस कई मायनों में अहम है। सबसे पहला तो ये कि भारत-पाकिस्तान युद्ध की विजय को 50 साल पूरे हो गए हैं। भारतीय वायुसेना न इस खास मौके पर उस विमान ‘अजित जीनेट’ को प्रदर्शित किया है, जिसने 1971 के युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे। यह विमान यूके निर्मित है। 1971 के युद्ध में भारत के इस विमान ने पाकिस्तान के फाइटर प्लेन खदेड़ दिए थे। दो विमानों को नष्ट कर दिया था। हिंडन एयरबेस पर प्रदर्शनी में इस विमान को पहली बार रखा गया है।

दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा लहराया
स्थापना दिवस पर हिंडन एयरबेस में दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा फहराया गया है। खादी से बने इस तिरंगे की लंबाई 225 फुट और चौड़ाई 150 फुट है। इसका वजन करीब एक हजार किलो है। अभी दो अक्तूबर 2021 को केंद्र शासित राज्य लेह में ठीक इतने ही लंबे-चौड़े और वजनी तिरंगे का उपराज्यपाल आरके माथुर ने अनावरण किया था। इसे 57 इंजीनियर रेजीमेंट कोर ने तैयार किया था। हिंडन एयरबेस पर इस बार यह तिरंगा आकर्षण का केंद्र बना है।
अजित जीनेट’ की खासियतें
यूके ने यह विमान बनाया है। सिंगल सीट इंटरसेप्टर है। इस विमान को वायु सुरक्षा और ग्राउंड अटैक की भारी मार के लिए जाना गया है। 1971 के युद्ध में भारत के इस सिंगल सीटर विमान ने पाकिस्तान के फाइटर प्लेन खदेड़ दिए। पाक के दो विमानों को नष्ट कर दिया था। पाकिस्तान को हराने में इस विमान की अहम भूमिका रही।
हिंडन एयरबेस पर प्रदर्शनी में इस विमान को पहली बार रखा गया है। यह विमान वहां आने वाले लोगों को भारत-पाक युद्ध और अपने पराक्रम की याद दिलाएगा। युद्ध की जीत के 50 साल पूरे होने पर स्थापना दिवस में विजयगाथा का बखान भी किया जाएगा।
अभी दो अक्तूबर 2021 को केंद्र शासित राज्य लेह में ठीक इतने ही लंबे-चौड़े और वजनी तिरंगे का उप-राज्यपाल आरके माथुर ने अनावरण किया था। इसे 57 इंजीनियर रेजीमेंट कोर ने तैयार किया था। हिंडन एयरबेस पर इस बार यह तिरंगा भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।

50 जवान-ऑफिसर सम्मानित होंगे
स्क्वाड्रन लीडर विवेक गैरोला : गैरोला जून-2020 में एक मिशन के दौरान ईंधन भरने के लिए एसयू-30 एमकेआई फाइटर प्लेन को नाजुक स्थिति से बाहर लेकर आए और सुरक्षित वापस उतारा था। 26 जनवरी 2021 को उन्हें वायुसेना पदक (गैलेंट्री) से भी सम्मानित किया जा चुका है।
विंग कमांडर राहुल बैसोया : पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयर स्ट्राइक की थी। एयर स्ट्राइक करने वाले मिराज-2000 में राहुल बैसोया भी मौजूद थे। इसमें तमाम आतंकी मारे गए थे।







