राजद सुप्रीमो लालू यादव चाहते हैं कि उनके बेटे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सड़क पर आकर आंदोलन करें। वह जेल भरो अभियान चलाकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करें। मंगलवार को राजद के प्रशिक्षण शिविर में जब लालू प्रसाद ने बोलना शुरू किया तो वे इसी पर केन्द्रित रहे। लालू प्रसाद ने नसीहत देते हुए कहा कि जयप्रकाश नारायण ने कहा था जेल से ही स्वराज मिला है। जेल से नहीं डरो। लोग सत्याग्रह से डरते हैं, प्रदर्शन में मुकदमा हो जाता है तो सभी कहते हैं मुकदमा हो गया। 107 का मुकदमा हो जाने पर डर जाते हैं।
बता दें कि 27 सितंबर को हुए भारत बंद में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सड़क पर नहीं दिखे थे। इससे पहले 19 जुलाई को महंगाई के खिलाफ राजद की ओर से किए गए आंदोलन में तेजस्वी यादव शामिल नहीं हुए थे। हरी झंडी दिखाकर दोनों भाई चले गए थे। 7 अगस्त को जाति जनगणना के सवाल पर राजद का धरना-प्रदर्शन था, लेकिन इसमें भी तेजस्वी नजर नहीं आए थे। RJD समर्थकों का जोश इन सभी में दिखा तो था, लेकिन वैसी जिद्द नहीं दिखी जैसी शायद लालू प्रसाद को उम्मीद थी।
बहिष्कार के आह्वान पर अमल नहीं
इस उम्र में भी लालू प्रसाद का जोश देखने लायक है। वह समझ रहे हैं कि बिना हुंकार के पार्टी सत्ता में नहीं आएगी। बिना आंदोलन के परिवर्तन नहीं होगा। लालू प्रसाद ने मुद्दों पर जेल भरने का आह्वान किया। लालू प्रसाद ने जाति जनगणना के सवाल पर पहले भी बहिष्कार करने का आह्वान किया था, लेकिन वह बहिष्कार कहीं नहीं दिखा। पार्टी ने इस आह्वान को जमीन पर नहीं उतारा।
विपक्ष के पास मुद्दों का अकाल नहीं
लालू प्रसाद समझते हैं कि विपक्ष के पास मुद्दों की कमी नहीं है। जाति जनगणना, रोजगार का सवाल, पलायन का सवाल, महिला उत्पीड़न का सवाल है। तेजस्वी यादव नीतीश सरकार में खुद 70 घोटाले और उस पर कार्रवाई नहीं होने की बात कहते रहे हैं। इस सबको लेकर विपक्ष आर-पार की लड़ाई नहीं लड़ रहा है।
लालू प्रसाद, तेजस्वी को लड़ने-भिड़ने वाला नेता बनाना चाहते हैं
लालू प्रसाद शारीरिक रूप से इतने मजबूत नहीं हैं कि सड़क पर उतरें और जेल भरो अभियान चला पाएं। इसलिए अब वे भविष्य तेजस्वी यादव में देखते हैं। तेजस्वी की तारीफ भी उन्होंने जी भरकर की। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से भी उन्होंने अपील की है कि जेल भरो अभियान का कार्यक्रम बनाएं। लालू, तेजस्वी को उनके राजकुमार वाली छवि से शायद बाहर निकालना चाहते हैं। वे तेजस्वी को लड़ने-भिड़ने वाला नेता बनाना चाहते हैं। लालू खुद लाठी खाकर और जेल जाकर नेता बने हैं।
तेजस्वी की खासियत रही विधानसभा चुनाव विपक्ष के एजेंडे पर हुआ- RJD
राजद के प्रवक्ता चित्तरंजन गगन कहते हैं कि लालू प्रसाद के अस्वस्थ होने के कारण तेजस्वी यादव पर कई जिम्मेदारियां हैं। पार्टी से परिवार तक देखना पड़ता है। मुकदमों को देखना पड़ता है। जो कुछ भी हो रहा है तेजस्वी के निर्देश पर हो रहा है। सब की अपनी-अपनी शैली रही है। नीतीश कुमार जैसे व्यक्तित्व भी तेजस्वी यादव से विचलित हो जाते हैं। विधानसभा चुनाव विपक्ष के एजेंडे पर ही हुआ। जनता के मुद्दों को बराबर उठाने का काम तेजस्वी ने किया। सत्ता पक्ष के उल जुलूल बयानों से तेजस्वी विचलित नहीं होने वाले। इतनी मुखर आवाज किसी प्रतिपक्ष के नेता की नहीं रही।







