नल-जल योजना में रिश्तेदारों को ठेके मिलने के मामले में घिरे डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद 48 घंटों की चुप्पी के बाद आखिरकार सामने आएं । तारकिशोर प्रसाद ने इस मामले में अपनी सफाई पेश करते हुए ठेका पानेवाली कंपनी में अपने रिश्तेदारों की होने की बात को गलत बताया है ।
48 घंटे बाद सामने आए डिप्टी सीएम
बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर 48 घंटे बाद गुरुवार को अपना पक्ष रखा। तारकिशोर प्रसाद ने नल-जल योजना में अपने रिश्तेदारों को 53 करोड़ का ठेका मिलने के आरोप को खारिज कर दिया। कटिहार से आनेवाले तार किशोर प्रसाद ने कहा कि उनके साले के ठेका लेने की बात पूरी तरह से गलत है । तार किशोर प्रसाद ने अपने पक्ष में जो बातें कही हैं वो इस तरह से हैं।
1)जिन दो कंपनियों दीपकिरण इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एवं जीवनश्री इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का जिक्र किया गया है । उन कंपनियों में मेरे परिवार या ससुराल का कोई सदस्य शामिल नहीं है।
2) कटिहार जिला के लगभग 2800 स्कीमों में से भवाड़ा पंचायत के 04 वार्डों में सिर्फ चार स्कीम का कार्य मेरे परिवार की पूजा कुमारी द्वारा किया गया है । ये काम सरकार के नियमों के अनुसार निविदा प्रक्रिया वर्ष 2019 में ही किया गया है।
3) ठेका नवंबर 2019 में हुआ, जिसके तहत 01 करोड़ 87 लाख 08 हजार 766 रुपए का कॉन्ट्रैक्ट हुआ। इस कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत दिए गए कार्य को एक वर्ष पूर्व सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है । यहां नियमित जलापूर्ति भी किया जा रहा है।
4) मेरे उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के पूर्व ही मिले ठेकों का काम पूरा हो चुका था।
48 घंटे बाद सीएम के निर्देश पर मीडिया के सामने पेश की सफाई
बुधवार से ही मीडिया से बचते डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद को आखिरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के बाद सामने आकर सफाई देने पड़ी। बुधवार की शाम कैबिनेट की बैठक के दौरान तारकिशोर मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही निकल गए थे। लगातार डिप्टी सीएम की चुप्पी को लेकर विपक्ष हमलावार थी। यही वजह है कि आज सीएम को इसमें सफाई पेश करने का निर्देश देना पड़ा ।
48 घंटों से भाजपा थी सन्नाटे में
तारकिशोर प्रसाद पर लगे आरोपों के बाद बुधवार को देर शाम भाजपा के कोर कमिटी की बैठक पार्टी कार्यालय से दूर उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास पर हुई थी । इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया के साथ ही भाजपा के आधा दर्जन मंत्री मौजूद थे । डिप्टी सीएम पर लगे आरोपों को लेकर हुई बैठक के बाद सभी नेता चुपचाप मीडिया से बचते बिना कुछ बोले निकल गए थे।
गुरूवार सुबह डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद अपने उपर लगे आरोपों का जबाब देंगे । लेकिन जब शाम चार बजे तक सफाई सामने नही आईं तो सीएम आवास और भाजपा केन्द्रीय नेत्त्व की तरफ से डिप्टी सीएम के लिए सफाई देने का निर्देश आया और फिर डिप्टी सीएम ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा ।
डिप्टी सीएम ने कहा कि राजद पर 5 करोड़ लेकर टिकट नहीं देने के मामले में कोर्ट के निर्णय के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास राजद के नेता कर रहे हैं. बता दें कि सीएम नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट नल जल योजना में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के साले, बहू व रिश्तेदारों पर योजना में ठेका लेने का आरोप लगाया गया है.
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को लेकर सीधे सीएम नीतीश कुमार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की थी. उन्होंने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता कर सीएम नीतीश कुमार को डरपोक और कमजोर मुख्यमंत्री कहा था. इसके साथ ही तेजस्वी ने कहा कि उनकी हिम्मत नहीं है कि वह बीजेपी पर कार्रवाई कर सकें.






