पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहली बरसी के मौके पर लंबे समय के बाद लोजपा के दोनों गुट के नेताओं के साथ ही पूरा पासवान परिवार एक साथ दिखाई पड़ा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संदेश भेजकर पासवान के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। लोजपा संस्थापक के पुत्र एवं जमुई से सांसद चिराग पासवान ने राजधानी पटना के श्री कृष्णापुरी स्थित अपने आवास पर रविवार को बरसी का आयोजन किया गया था।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सबसे पहले चाचा केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस (पारस गुट) इसी गुट के कार्यकारी उपाध्यक्ष सूरज सिंह उर्फ सूरजभान सिंह के साथ पहुंचे। लोजपा संस्थापक पासवान के निधन के बाद इस वर्ष के जून में लोजपा चाचा पशुपति कुमार पारस (पारस गुट) और भतीजा चिराग पासवान (चिराग गुट) दो टुकड़ों में बट गई। इसके बाद चाचा और भतीजा के बीच दूरियां बढ गईं। चाचा पारस ने अपने बड़े भाइयों और लोजपा संस्थापक की राजनीतिक विरासत पर कब्जा करते हुए भतीजा को किनारा कर दिया। यह पहला मौका है जब पूरा परिवार एक साथ नजर आया है। श्री पारस ने नम आंखों से कहा‚ राजनीति अपनी जगह है और परिवार अपनी जगह पर। आज मैं जो कुछ भी हूं‚ वह सब बड़े साहब (रामविलास पासवान) की बदौलत ही हूं। वह मेरे लिए भगवान थे। इसके बाद पारस भतीजे चिराग के साथ कर्मकांड़ीय विधान के दौरान पूरे समय तक साथ रहे। पीएम ने अपने संदेश में लिखा है कि नये राजनीतिक लोगों को स्वर्गीय रामविलास पासवान से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने लिखा है‚महान सपूत बिहार के गौरव और सामाजिक न्याय की बुलंद आवाज रहे स्वर्गीय रामविलास पासवान को मैं अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पूर्व केन्द्रीय मंत्री पद्म भूषण स्व. रामविलास पासवान को उनके प्रथम बरसी पर श्रद्धांजलि दी है। लोजपा संस्थापक स्वर्गीय पासवान के पुत्र एवं जमुई से सांसद चिराग पासवान ने अपने ट्ि्वटर हैंडल पर प्रधानमंत्री के लिखे पत्र को शेयर किया है। साथ ही पिता के किए गए कार्यों को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है।
सांसद श्री पासवान ने लिखा है कि ‘सर आपने पिताजी के पूरे जीवन के सारांश को अपने शब्दों में पिरो कर उनके द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों का सम्मान किया है एवं उनके प्रति अपने स्नेह को प्रदर्शित किया है। यह पत्र मेरे और मेरे परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करता है। आपका स्नेह एवं आशीर्वाद हमेशा बना रहे। पिछले चार माह में यह पहला मौका है‚ जब सांसद श्री पासवान को प्रधानमंत्री की तरफ से कोई संदेश मिला है। स्वयं को प्रधानमंत्री का हनुमान बताने वाले श्री चिराग पासवान पार्टी से बेदखली और उसके बाद चाचा पशुपति कुमार पारस को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने के बाद प्रधानमंत्री से नाराज चल रहे थे। ज्ञात हो कि स्व. रामविलास पासवान की बरसी में केन्द्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस समेत उनके समूह के कई नेता भी आए।







