राजधानी के कर्पूरी सभागार में रविवार को आयोजित जदयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया। इसके साथ ही उन्हें अध्यक्ष पद के सभी अधिकार भी प्राप्त हो गये। राष्ट्रीय परिषद की बैठक में ८ एजेंडे पारित किये गये। खास बात यह है कि तय एजेंडे के तहत संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष के लिए जदयू के संविधान में संशोेधन कर दिया गया है‚ जिससे उपेन्द्र कुशवाहा को मजबूती मिल गई है। ज्ञात हो कि पहले से राष्ट्रीय अध्यक्ष ही संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष होते थे‚ किंतु अब संशोधन के जरिए स्पष्ट कर दिया गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी को मनोनीत कर सकते हैं। अभी‚ उपेंद्र कुशवाहा जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष हैं। ललन सिंह के सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किये जाने पर राष्ट्रीय परिषद ने अपनी स्वीकृति दे दी। एक अन्य प्रस्ताव में जातीय आधार पर जनगणना पर जोर देते हुए कहा गया कि केंद्र सरकार जाति आधारित जनगणना कराकर सभी जातियों का वास्तविक आंकडा सार्वजनिक करे। एक अन्य प्रस्ताव में जस्टिस रोहिणी आयोग की सिफारिशों को सार्वजनिक करने की मांग उठायी गई है। ऐसा इसलिए कि बिहार की तर्ज पर अत्यंत पिछडे वर्गों के सामाजिक‚ शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रयासों को अधिक बल मिल सके। जनसंख्या नियंत्रण के लिए जदयू ने जागरूकता अभियान पर जोर दिया है। जदयू किसी कठोर नियंत्रण के पक्ष में नहीं है। साथ ही जदयू ने मेडिकल परीक्षाओं में की गई आरक्षण व्यवस्था का स्वागत किया है। अंतिम आठवें प्रस्ताव के जरिए दिवंगत नेताओं के प्रति शोक प्रकट किया गया है। ज्ञात हो कि इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा‚ प्रधान महासचिव केसी त्यागी‚ कोषाध्यक्ष आलोक कुमार सुमन (सांसद)‚ राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार झा‚ रामसेवक सिंह कुशवाहा‚ गुलाम रसूल बलियावी‚ आफाक अहमद खान‚ कमरे आलम‚ प्रवीण सिंह तथा राष्ट्रीय सचिव आरपी मंडल (सांसद)‚ विद्यासागर निषाद‚ संजय वर्मा के साथ ही प्रो. रामवचन राय एवं अनिल हेगडÃे समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि हमें अपने नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का उनका सपना पूरा करने के लिए एकजुट होकर पूरी मजबूती और निष्ठा से काम करना है। इस लIय को हासिल करने के लिए न केवल पार्टी के बूथ तक के पदाधिकारी बल्कि एक–एक कार्यकर्ता की सहभागिता जरूरी है।
बांकीपुर में काउंटिंग का काउंटडाउन, एएन कॉलेज में पुख्ता तैयारी, सबकी नजर बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर…………………..
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में काउंटिंग का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। उपचुनाव की मतगणना तीन अगस्त यानी सोमवार को एएन...







