मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेताओं और कार्यकर्ताओं का जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का आह्वान किया और कहा कि इसके लिए चार राज्यों में दल को मान्यता मिलनी जरूरी है और हमें इस लक्ष्य को हासिल करना है। मुख्यमंत्री ने रविवार को यहां जदयू प्रदेश मुख्यालय के कर्पूरी ठाकुर सभागार में पार्टी के राष्ट्रीय परिषद की हुई बैठक में अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को बधाई दी एवं सभी प्रस्तावों का सर्वसम्मति से अनुमोदन करने के लिए परिषद को धन्यवाद दिया और कहा‚ ‘हम सबको मिलकर जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनाना है। इसके लिए चार राज्यों में पार्टी को मान्यता मिलनी जरूरी है‚ हमें इस लक्ष्य को हासिल करना है। पार्टी के विस्तार और मजबूती के लिए सभी नेताओं को अन्य राज्यों में जाना चाहिए। जरूरत पड़ी तो मैं भी जाऊंगा।’ मुख्यमंत्री ने जातिगत जनगणना को लेकर कहा कि यह बेहद जरूरी है। किस जाति की कितनी आबादी है‚ इसकी जानकारी मिल जाये‚ तो सबके विकास को बल मिलेगा। जैसा कि कुछ लोग अफवाह फैलाते हैं‚ यह किसी के खिलाफ नहीं है। यह सबके पक्ष में है। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण पर कहा कि बाकी राज्य चाहें तो कानून बनाएं‚ हम तो बस लड़कियों को पढा रहे हैं। इसके लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है। साइकिल योजना से लेकर आरक्षण तक‚ आधी आबादी के सशक्तीकरण के लिए हमने हर काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले १६ वर्षों में बिहार में जितने काम हुए हैं‚ उनकी चर्चा लोगों के बीच करें। खासकर नई पीढी के लोगों को प्रेरित करें। हमने समाज के हर तबके के लिए काम किया है। प्रेम और भाईचारा बनाकर रखा है। लोगों की सेवा करना ही हमारा धर्म है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा बताए गए सात सामाजिक पापों की चर्चा करते हुए सभी राज्यों के अध्यक्ष से कहा कि अपने–अपने राज्य में इसका प्रचार करें।







